राम मंदिर CEO नियुक्ति पर 'आप' का विरोध: केजरीवाल बोले — साधु-संतों को सौंपा जाए प्रबंधन
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने 27 जून 2025 को अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के प्रबंधन हेतु मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए जाने की केंद्र सरकार की तैयारी का कड़ा विरोध किया। पार्टी की स्पष्ट माँग है कि मंदिर का संचालन राजनेताओं और सरकारी अधिकारियों के हाथों में नहीं, बल्कि धर्माचार्यों एवं साधु-संतों को सौंपा जाए।
केजरीवाल का रुख: आस्था का केंद्र, राजनीति से दूर
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि भगवान श्रीराम का मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है और इसका संचालन उन्हीं लोगों को करना चाहिए जिनका जीवन धार्मिक मूल्यों और सेवा भावना से अनुप्राणित हो। उन्होंने कहा कि किसी नेता या सरकारी अधिकारी के बजाय धर्माचार्यों को मंदिर की बागडोर सौंपी जानी चाहिए।
इससे पहले, शुक्रवार को रामलला के दर्शन के पश्चात केजरीवाल ने कहा कि पूरे हिंदू समाज की यही माँग है कि मंदिर ट्रस्ट में बैठे नेताओं और अधिकारियों का मंदिर के संचालन से कोई सीधा संबंध नहीं होना चाहिए।
हनुमानगढ़ी का उदाहरण: साधु-संतों की विश्वसनीयता
केजरीवाल ने हनुमानगढ़ी जैसे प्राचीन मंदिरों का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्षों से साधु-संत इन मंदिरों का संचालन कर रहे हैं और करोड़ों रुपये के चढ़ावे के बावजूद वहाँ कभी वित्तीय अनियमितता का आरोप नहीं लगा। उनके अनुसार, साधु-संत निर्मोही होते हैं और मंदिर की गरिमा एवं परंपराओं को बेहतर ढंग से संरक्षित कर सकते हैं।
सौरभ भारद्वाज की तीखी आलोचना
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि जब मंदिर ट्रस्ट का गठन भी केंद्र सरकार ने किया और अब CEO की नियुक्ति भी वही करेगी, तो व्यवस्था में आखिर क्या बदलाव आएगा। भारद्वाज ने कहा कि देश के करोड़ों हिंदुओं की माँग किसी नए CEO की नियुक्ति नहीं, बल्कि मंदिर प्रबंधन को साधु-संतों के हाथों में सौंपने की है।
उन्होंने धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन में सरकार की दखलंदाजी को अनुचित बताते हुए कहा कि धार्मिक मामलों का संचालन धर्माचार्यों एवं संत समाज द्वारा ही किया जाना चाहिए।
चढ़ावे की चोरी के आरोप और ध्यान भटकाने का आरोप
AAP ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार का यह कदम कथित तौर पर श्रीराम मंदिर से अरबों रुपये के चढ़ावे की चोरी के मामले से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले में जवाबदेही तय नहीं होती, महज प्रशासनिक फेरबदल से समस्या का समाधान नहीं होगा।
AAP की केंद्र सरकार से माँग
आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार से माँग की है कि श्रीराम मंदिर के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी पूरी तरह साधु-संतों और धर्माचार्यों को सौंपी जाए, ताकि मंदिर की धार्मिक परंपराओं और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित हो सके। यह विवाद आने वाले दिनों में राजनीतिक रूप से और अधिक तीखा होने की संभावना है।