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केजरीवाल का अयोध्या दौरा: राम मंदिर दर्शन के साथ एसआईटी पर उठाए तीखे सवाल

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केजरीवाल का अयोध्या दौरा: राम मंदिर दर्शन के साथ एसआईटी पर उठाए तीखे सवाल

सारांश

केजरीवाल का अयोध्या दौरा महज आस्था की यात्रा नहीं — राम मंदिर में कथित ₹200 करोड़ की चोरी पर एफआईआर न होने और एसआईटी की कानूनी वैधता पर उनके तीखे सवालों ने इसे सीधे राजनीतिक टकराव में बदल दिया है। VHP भी एफआईआर की माँग पर उनके साथ खड़ी है।

मुख्य बातें

अरविंद केजरीवाल शुक्रवार, 27 जून को अयोध्या में राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन करेंगे।
केजरीवाल ने मीडिया रिपोर्टों के हवाले से कथित तौर पर ₹200 करोड़ नकद और लगभग 2 किलो चाँदी की चोरी का उल्लेख किया।
उन्होंने एसआईटी को 'दिखावा' बताया और कहा कि सीआरपीसी के तहत बिना एफआईआर के एसआईटी गठन अवैध है।
VHP अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी तत्काल एफआईआर दर्ज करने की माँग की।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि 'प्रभावशाली लोगों को बचाने' के लिए जाँच को कमज़ोर किया जा रहा है।

आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल शुक्रवार, 27 जून 2025 को अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन करेंगे और हनुमानगढ़ी में साधु-संतों से मुलाकात करेंगे। यह दौरा उनके उस बयान के ठीक एक दिन बाद हो रहा है, जिसमें उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जाँच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को 'दिखावा' करार दिया था।

मुख्य घटनाक्रम

केजरीवाल गुरुवार, 26 जून को ही अयोध्या पहुँच गए थे। अयोध्या रवाना होने से पहले उन्होंने कहा, 'मैं अब अयोध्या जा रहा हूँ; कल मैं राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना करूँगा। मैं हनुमानगढ़ी में संतों से भी मिलूँगा।' पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने मीडिया रिपोर्टों के हवाले से कहा कि कथित तौर पर भगवान राम की खड़ाऊँ, मालाएँ, दीये, गहने, हीरे-जवाहरात और चढ़ावे की वस्तुएँ चुराई गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कथित तौर पर ₹200 करोड़ नकद और लगभग 2 किलो चाँदी की चोरी हुई है।

एसआईटी पर केजरीवाल के सवाल

केजरीवाल ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) का हवाला देते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज हुए बिना एसआईटी का गठन कानूनी रूप से संभव नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया, 'यह एसआईटी किस कानून के आधार पर बनाई गई है? टीम के पास जाँच करने की कोई शक्ति नहीं है।' उन्होंने यह भी कहा कि अब तक कुछ रकम बरामद हो जाने के बावजूद कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, जो उनके अनुसार 'प्रभावशाली लोगों को बचाने' की कोशिश को दर्शाता है।

विश्व हिंदू परिषद की माँग

विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने गुरुवार को कहा कि इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भगवान राम के मंदिर में चढ़ाए गए दान का किसी अन्य कार्य में उपयोग करना हिंदू समुदाय की आस्था के साथ अन्याय है। गौरतलब है कि VHP जैसे संगठन का इस तरह एफआईआर की माँग करना इस विवाद की गंभीरता को रेखांकित करता है।

आम जनता और भक्तों पर असर

केजरीवाल ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर से पवित्र वस्तुओं की कथित चोरी ने करोड़ों हिंदू भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुँचाई है। यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर देश भर के श्रद्धालुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी कथित चोरी प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं होती।

क्या होगा आगे

केजरीवाल के इस दौरे को राजनीतिक विश्लेषक AAP की हिंदू मतदाताओं तक पहुँच की रणनीति के रूप में भी देख रहे हैं। एफआईआर दर्ज होने और एसआईटी की कानूनी स्थिति पर उनके सवाल आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकते हैं। राम मंदिर ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने आना बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस विवाद को순 राजनीतिक रंग से परे ले जाता है। असली सवाल यह है कि उत्तर प्रदेश सरकार एसआईटी की कानूनी वैधता पर जवाब देगी या नहीं — क्योंकि सीआरपीसी की दलील तकनीकी रूप से ठोस है और इसे नज़रअंदाज़ करना आसान नहीं होगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केजरीवाल अयोध्या क्यों जा रहे हैं?
अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अयोध्या में राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन करने और साधु-संतों से मिलने जा रहे हैं। यह दौरा राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी पर एसआईटी की कानूनी वैधता पर उनके सवाल उठाने के एक दिन बाद हो रहा है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद क्या है?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अयोध्या के राम मंदिर से कथित तौर पर भगवान की खड़ाऊँ, गहने, हीरे-जवाहरात सहित ₹200 करोड़ नकद और लगभग 2 किलो चाँदी चोरी होने की बात सामने आई है। कुछ रकम बरामद हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
केजरीवाल ने एसआईटी पर क्या सवाल उठाए?
केजरीवाल ने सीआरपीसी का हवाला देते हुए कहा कि बिना एफआईआर दर्ज हुए एसआईटी का गठन कानूनी रूप से वैध नहीं है और उसके पास जाँच की कोई शक्ति नहीं है। उन्होंने इसे 'दिखावा' और 'प्रभावशाली लोगों को बचाने' की कोशिश बताया।
VHP ने इस मामले में क्या कहा?
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने गुरुवार को माँग की कि इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के दान का दुरुपयोग हिंदू समुदाय की आस्था को ठेस पहुँचाता है।
इस विवाद का राजनीतिक असर क्या हो सकता है?
केजरीवाल का यह दौरा AAP की हिंदू मतदाताओं तक पहुँचने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। एफआईआर और एसआईटी की कानूनी वैधता पर उनके सवाल उत्तर प्रदेश सरकार के लिए राजनीतिक दबाव का स्रोत बन सकते हैं, जबकि VHP की माँग इस मुद्दे को और व्यापक बनाती है।
राष्ट्र प्रेस
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