केजरीवाल का अयोध्या दौरा: राम मंदिर दर्शन के साथ एसआईटी पर उठाए तीखे सवाल
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल शुक्रवार, 27 जून 2025 को अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन करेंगे और हनुमानगढ़ी में साधु-संतों से मुलाकात करेंगे। यह दौरा उनके उस बयान के ठीक एक दिन बाद हो रहा है, जिसमें उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जाँच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को 'दिखावा' करार दिया था।
मुख्य घटनाक्रम
केजरीवाल गुरुवार, 26 जून को ही अयोध्या पहुँच गए थे। अयोध्या रवाना होने से पहले उन्होंने कहा, 'मैं अब अयोध्या जा रहा हूँ; कल मैं राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना करूँगा। मैं हनुमानगढ़ी में संतों से भी मिलूँगा।' पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने मीडिया रिपोर्टों के हवाले से कहा कि कथित तौर पर भगवान राम की खड़ाऊँ, मालाएँ, दीये, गहने, हीरे-जवाहरात और चढ़ावे की वस्तुएँ चुराई गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कथित तौर पर ₹200 करोड़ नकद और लगभग 2 किलो चाँदी की चोरी हुई है।
एसआईटी पर केजरीवाल के सवाल
केजरीवाल ने दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) का हवाला देते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज हुए बिना एसआईटी का गठन कानूनी रूप से संभव नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया, 'यह एसआईटी किस कानून के आधार पर बनाई गई है? टीम के पास जाँच करने की कोई शक्ति नहीं है।' उन्होंने यह भी कहा कि अब तक कुछ रकम बरामद हो जाने के बावजूद कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, जो उनके अनुसार 'प्रभावशाली लोगों को बचाने' की कोशिश को दर्शाता है।
विश्व हिंदू परिषद की माँग
विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने गुरुवार को कहा कि इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भगवान राम के मंदिर में चढ़ाए गए दान का किसी अन्य कार्य में उपयोग करना हिंदू समुदाय की आस्था के साथ अन्याय है। गौरतलब है कि VHP जैसे संगठन का इस तरह एफआईआर की माँग करना इस विवाद की गंभीरता को रेखांकित करता है।
आम जनता और भक्तों पर असर
केजरीवाल ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर से पवित्र वस्तुओं की कथित चोरी ने करोड़ों हिंदू भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुँचाई है। यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर देश भर के श्रद्धालुओं की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी कथित चोरी प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं होती।
क्या होगा आगे
केजरीवाल के इस दौरे को राजनीतिक विश्लेषक AAP की हिंदू मतदाताओं तक पहुँच की रणनीति के रूप में भी देख रहे हैं। एफआईआर दर्ज होने और एसआईटी की कानूनी स्थिति पर उनके सवाल आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस का केंद्र बन सकते हैं। राम मंदिर ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने आना बाकी है।