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सीमा कालीरमन ने PM मोदी से मिलकर कहा — 'अब दोस्तों को बता सकूंगी, हाँ मैं मिली हूं'

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सीमा कालीरमन ने PM मोदी से मिलकर कहा — 'अब दोस्तों को बता सकूंगी, हाँ मैं मिली हूं'

सारांश

चोट, प्रेग्नेंसी और पीएचडी के बीच डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज — सीमा कालीरमन की कहानी सिर्फ एक मेडल की नहीं है। PM मोदी से मिलकर उन्होंने जो कहा, वो उनके उस जज़्बे की झलक है जिसने हर बाधा को पीछे छोड़ा।

मुख्य बातें

सीमा कालीरमन ने 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
सीमा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल जीता — यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक है।
फाइनल में छह में से केवल दो थ्रो वैलिड हुए, फिर भी सीमा ने पोडियम पर जगह बनाई।
27 वर्षीय सीमा चार वर्षीय बेटे रुद्र की माँ हैं और CBLU भिवानी से फिजिकल एजुकेशन में पीएचडी कर रही हैं।
उनके पति रविंदर कालीरमन — जो खुद अंडर-18 व अंडर-20 राष्ट्रीय गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं — सीमा को कोचिंग देते हैं।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली एथलीट सीमा कालीरमन ने 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के सम्मान में आयोजित एक विशेष भेंट के दौरान हुई।

मुलाकात का भावुक पल

प्रधानमंत्री से आमने-सामने मिलते हुए सीमा कालीरमन ने स्वीकार किया कि उन्हें घबराहट हो रही है। उन्होंने एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए कहा, 'मेरे दोस्तों के ग्रुप में कोई मुझसे अक्सर कहता था — क्या तुम पीएम मोदी से मिल रही हो कि हम तुम्हारी बात सुनें? तो आज, जब मैं सच में आपसे मिल चुकी हूं, तो मैं उन्हें बता पाऊंगी कि हाँ, मैं पीएम मोदी से मिली हूं।'

प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, 'आपने सिर्फ मेडल की संख्या बढ़ाई है, ऐसा नहीं है। आपने एक पीढ़ी को तैयार किया है।'

चुनौतियों से भरा सफर

27 वर्षीय सीमा का यह ब्रॉन्ज मेडल उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक है। डिस्कस थ्रो के फाइनल में उनके छह राउंड में से केवल दो थ्रो ही वैलिड हो पाए, क्योंकि बार-बार डिस्कस साइड नेटिंग में फंस जा रहा था — फिर भी सीमा ने पोडियम पर जगह बनाई।

चोट, प्रेग्नेंसी और जीवन की तमाम चुनौतियों के बावजूद सीमा ने कभी अपना हौसला नहीं टूटने दिया। जब-जब परिस्थितियों ने उन्हें खेल से दूर करने की कोशिश की, उन्होंने हर बार दमदार वापसी की।

परिवार और पढ़ाई का संतुलन

सीमा की यह उपलब्धि इसलिए और भी उल्लेखनीय है क्योंकि वे एक साथ चार वर्षीय बेटे रुद्र की माँ हैं, चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी (CBLU), भिवानी से फिजिकल एजुकेशन में पीएचडी कर रही हैं, और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा भी जारी रखे हुए हैं।

उनकी इस कामयाबी में उनके पति रविंदर कालीरमन की भूमिका अहम रही है, जो स्वयं भारत के जाने-माने डिस्कस थ्रो एथलीट रहे हैं और भारतीय अंडर-18 व अंडर-20 चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। रविंदर ही सीमा को कोचिंग देते हैं।

खेल जगत के लिए प्रेरणा

सीमा की कहानी उन लाखों महिला खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो परिवार और करियर के बीच संतुलन बनाते हुए खेल में आगे बढ़ने का सपना देखती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत कॉमनवेल्थ गेम्स में महिला एथलेटिक्स में अपनी उपस्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। आगे सीमा की नज़र और बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

खुद के इरादे ने बनाया। पीएचडी, मातृत्व और चोट के बीच अंतरराष्ट्रीय पदक — यह सिर्फ खेल की सफलता नहीं, बल्कि उस ढाँचे पर सवाल है जो महिला एथलीटों से अक्सर एक ही भूमिका चुनने को कहता है। PM मोदी की यह मुलाकात प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या ऐसी एथलीटों को संस्थागत समर्थन — बेहतर कोचिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, मातृत्व अवकाश नीति और स्कॉलरशिप — मिलती है, या सिर्फ तस्वीरें।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीमा कालीरमन कौन हैं और उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में क्या उपलब्धि हासिल की?
सीमा कालीरमन एक 27 वर्षीय भारतीय डिस्कस थ्रो एथलीट हैं, जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला डिस्कस थ्रो में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया। यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पदक है।
सीमा कालीरमन की PM मोदी से मुलाकात कब और कहाँ हुई?
यह मुलाकात 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में हुई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों से विशेष भेंट की।
सीमा कालीरमन को कौन कोचिंग देते हैं?
सीमा को उनके पति रविंदर कालीरमन कोचिंग देते हैं, जो खुद भारत के जाने-माने डिस्कस थ्रो एथलीट रहे हैं और भारतीय अंडर-18 व अंडर-20 चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।
सीमा कालीरमन की पढ़ाई और पारिवारिक जीवन कैसा है?
सीमा चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी (CBLU), भिवानी से फिजिकल एजुकेशन में पीएचडी कर रही हैं और चार वर्षीय बेटे रुद्र की माँ भी हैं। उन्होंने यह सब एक साथ संभालते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीता।
डिस्कस थ्रो फाइनल में सीमा का प्रदर्शन कैसा रहा?
फाइनल में सीमा के छह राउंड में से केवल दो थ्रो वैलिड हो पाए, क्योंकि बार-बार डिस्कस साइड नेटिंग में फंस जा रहा था। इसके बावजूद उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
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