CWG 2026: PM मोदी से मुलाकात का इंतजार, पैरा-एथलीट सोमन राणा और शुभम जुयाल में जबरदस्त उत्साह
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार, 9 अगस्त 2026 को शाम 4 बजे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का परचम लहराने वाले खिलाड़ियों से नई दिल्ली में मुलाकात करेंगे। मेडल विजेता एथलीट इस मुलाकात को लेकर गहरे उत्साह में हैं और इसे अपने खेल जीवन का एक विशेष पल बता रहे हैं।
पैरा-एथलीटों की प्रतिक्रिया
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मेंस शॉट पुट एफ57 में रजत पदक जीतने वाले पैरा-एथलीट शुभम जुयाल ने कहा, 'जब कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए मेरा चयन हुआ, तो मुझे बहुत अच्छा लगा। मुझे भरोसा था कि भारत को दो मेडल मिलेंगे — एक सोमन राणा को और एक मुझे।' उन्होंने बताया कि यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन था और इस अनुभव ने उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए और अधिक तैयार किया है।
शुभम जुयाल ने कहा, 'अनुशासन, निरंतरता और सही इरादा आपको हमेशा मदद करता है। इस साल टूटे राष्ट्रीय रिकॉर्ड्स की संख्या वाकई काबिले-ए-तारीफ है और सरकार का समर्थन इसमें अहम भूमिका निभा रहा है।'
PM मोदी से मुलाकात पर खिलाड़ियों के विचार
प्रधानमंत्री से मुलाकात को लेकर शुभम जुयाल ने कहा, 'बहुत कम लोगों को अपने देश के प्रधानमंत्री से मिलने का मौका मिलता है। ऐसी उपलब्धि के बाद यह मुलाकात और भी खास हो जाती है। प्रधानमंत्री को खेलों में भी बहुत दिलचस्पी है।'
विमेंस डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक जीतने वाली सीमा कालीरमन ने कहा, 'प्रत्येक एथलीट का सपना होता है कि उसे ऐसा अनुभव मिले। हमारे प्रधानमंत्री हर तरह से एथलीट्स का समर्थन करते हैं और हर मामले में हमारा हौसला बढ़ाते हैं। जैसे ही हमने मेडल जीता, उन्होंने हमें बधाई दी।' उन्होंने मोदी को 'विनीत स्वभाव के' नेता बताया।
गोल्ड मेडलिस्ट सोमन राणा का जज़्बा
ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मेंस शॉट पुट एफ57 में स्वर्ण पदक जीतने वाले पैरा-एथलीट सोमन राणा ने कहा, 'मैं सेना से हूँ। आज प्रधानमंत्री से मिलने का मौका पाकर बहुत खुश हूँ। कॉमनवेल्थ गेम्स में जीत के बाद उनसे मिलना और उनका आशीर्वाद पाना मेरे लिए बहुत प्रेरणादायक रहा है।' उन्होंने संकल्प जताया कि वे भविष्य में भी देश के लिए पदक जीतते रहेंगे।
भारत का प्रदर्शन और आगे की राह
गौरतलब है कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय पैरा-एथलीटों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया और कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड ध्वस्त किए। यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब भारत अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर अपनी उपस्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। खिलाड़ियों का यह उत्साह और प्रधानमंत्री की खेलों में रुचि मिलकर भारतीय खेल संस्कृति को नई दिशा दे सकती है।