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राम मंदिर दान चोरी: केजरीवाल का आरोप — 'बड़े नामों को बचाने के लिए बनी एसआईटी, बिना एफआईआर के अवैध'

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राम मंदिर दान चोरी: केजरीवाल का आरोप — 'बड़े नामों को बचाने के लिए बनी एसआईटी, बिना एफआईआर के अवैध'

सारांश

अयोध्या राम मंदिर में ₹200 करोड़ नकद और 2 किलो चाँदी सहित चढ़ावे की चोरी के आरोपों के बीच केजरीवाल ने बिना एफआईआर के गठित एसआईटी को कानूनी रूप से अमान्य बताया और आरोप लगाया कि यह जांच 'बड़े नामों को बचाने' के लिए है। VHP ने भी तत्काल एफआईआर की माँग की।

मुख्य बातें

अरविंद केजरीवाल ने 25 जून 2026 को अयोध्या में राम मंदिर दान चोरी मामले की एसआईटी को कानूनी रूप से अवैध बताया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चोरी में ₹200 करोड़ नकद और 2 किलो चाँदी शामिल होने का आरोप है।
केजरीवाल का तर्क — CrPC के तहत एफआईआर दर्ज हुए बिना एसआईटी गठित नहीं की जा सकती।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह एसआईटी 'बड़े नामों को बचाने' के लिए बनाई गई है।
विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी तत्काल एफआईआर की माँग की।
केजरीवाल शुक्रवार, 26 जून को राम मंदिर में दर्शन करेंगे।

आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 25 जून 2026 को अयोध्या पहुँचकर राम मंदिर दान चोरी मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) को कानूनी रूप से अमान्य और जनता को गुमराह करने का प्रयास करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एसआईटी 'बड़े नामों को बचाने' के उद्देश्य से बनाई गई है और बिना प्राथमिकी (FIR) दर्ज हुए इसका कोई कानूनी अधिकार नहीं है।

केजरीवाल के मुख्य आरोप

पत्रकारों से बातचीत में केजरीवाल ने कहा, 'मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भगवान राम के चरणों के जूते, माला, दीपक, आभूषण, हीरे और रत्न और यहाँ तक कि चढ़ावे की भी चोरी की गई है। लगभग ₹200 करोड़ नकद और करीब 2 किलो चाँदी की भी चोरी का आरोप है। यह सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ है और करोड़ों भक्त इससे आहत हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि इतनी बड़ी और लंबे समय से चल रही चोरी बिना प्रभावशाली लोगों के समर्थन के संभव नहीं है।

एफआईआर न होने पर कानूनी सवाल

केजरीवाल ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) का हवाला देते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज होने के बाद ही एसआईटी गठित की जा सकती है। उन्होंने सवाल उठाया, 'यह एसआईटी किस कानून के तहत बनाई गई है? इस टीम के पास जांच करने का कोई अधिकार नहीं है।' गौरतलब है कि उनके अनुसार कुछ राशि बरामद भी हो चुकी है, फिर भी अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई — जो उनके अनुसार सामान्य आपराधिक मामलों में अनिवार्य प्रक्रिया है।

विश्व हिंदू परिषद की माँग

विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की माँग की। उन्होंने कहा कि राम मंदिर को अर्पित चढ़ावे में किसी भी प्रकार की अनियमितता हिंदू समाज की आस्था को गहरी चोट पहुँचाती है। यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर देश के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में से एक बन चुका है और वहाँ प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

केजरीवाल का अयोध्या दौरा

केजरीवाल गुरुवार को अयोध्या पहुँचे और शुक्रवार, 26 जून को वे राम मंदिर में दर्शन करने वाले हैं। यह दौरा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आलोचकों का कहना है कि विपक्षी दलों के लिए अयोध्या यात्रा अब एक राजनीतिक संदेश का माध्यम बन चुकी है। यह पहली बार नहीं है जब किसी विपक्षी नेता ने राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर सत्तापक्ष को घेरने की कोशिश की हो।

आगे क्या होगा

केजरीवाल की माँग है कि मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज हो और एसआईटी को कानूनी आधार पर पुनर्गठित किया जाए। अब तक उत्तर प्रदेश सरकार या राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस विवाद के आगे बढ़ने की संभावना है, खासकर तब जब VHP जैसे हिंदू संगठन भी जांच की माँग में शामिल हो गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यही तथ्य इस मामले को महज राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग करता है। लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि अयोध्या यात्रा और राम मंदिर से जुड़े बयान विपक्षी दलों के लिए एक सुपरिचित राजनीतिक रणनीति बन चुके हैं। असली परीक्षा यह है कि क्या उत्तर प्रदेश सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट इन आरोपों का पारदर्शी जवाब देंगे — क्योंकि VHP जैसे सहयोगी संगठनों का भी एफआईआर की माँग में शामिल होना सत्तापक्ष के लिए राजनीतिक असुविधा पैदा करता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर दान चोरी मामले में क्या आरोप हैं?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अयोध्या के राम मंदिर में भगवान के आभूषण, हीरे-रत्न, दीपक, माला सहित करीब ₹200 करोड़ नकद और लगभग 2 किलो चाँदी की चोरी का आरोप है। कथित तौर पर कुछ राशि बरामद भी हुई है, लेकिन अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
केजरीवाल ने एसआईटी को अवैध क्यों बताया?
अरविंद केजरीवाल ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) का हवाला देते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज होने के बाद ही एसआईटी का गठन कानूनी रूप से वैध होता है। उनके अनुसार बिना एफआईआर के बनाई गई इस एसआईटी के पास जांच का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
विश्व हिंदू परिषद ने इस मामले में क्या कहा?
VHP के अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी हिंदू समाज की आस्था को ठेस पहुँचाती है और इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
केजरीवाल का अयोध्या दौरा किस उद्देश्य से है?
केजरीवाल 25 जून को अयोध्या पहुँचे और शुक्रवार 26 जून को राम मंदिर में दर्शन करने वाले हैं। इस दौरे के दौरान उन्होंने दान चोरी मामले में एफआईआर और पारदर्शी जांच की माँग उठाई।
इस विवाद में उत्तर प्रदेश सरकार का क्या रुख है?
अब तक उत्तर प्रदेश सरकार या राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से केजरीवाल के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा है।
राष्ट्र प्रेस
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