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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: एफआईआर और 8 गिरफ्तारियों पर नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: एफआईआर और 8 गिरफ्तारियों पर नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया

सारांश

राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितता पर एसआईटी रिपोर्ट के बाद एफआईआर और 8 गिरफ्तारियाँ हुईं। BJP ने कड़ी कार्रवाई का वादा किया, जबकि कांग्रेस ने केंद्रीय जांच की माँग की और ट्रस्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। केजरीवाल का अयोध्या दौरा भी राजनीतिक विवाद में घिर गया।

मुख्य बातें

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज, अब तक 8 लोग गिरफ्तार ।
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति दोहराई।
सिंह ने कहा — संलिप्त सभी लोगों पर कार्रवाई होगी, जांच जारी है।
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप और केंद्रीय जांच दल गठित करने की माँग की।
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत का आरोप — बड़े दोषियों को बचाने के लिए छोटे लोगों को जेल भेजा जा रहा है।
BJP ने अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दौरे को राजनीतिक स्वार्थ की 'सुनियोजित प्लानिंग' करार दिया।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज एफआईआर और 8 लोगों की गिरफ्तारी के बाद 26 जून को राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जबकि विपक्ष ने जांच की निष्पक्षता और दायरे पर सवाल खड़े किए।

सरकार का रुख: जीरो टॉलरेंस की नीति

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार अनियमितता और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलती है। उन्होंने बताया, 'भगवान श्री राम के मंदिर में चढ़ावे में कथित अनियमितता की जानकारी मिलते ही तत्काल एसआईटी का गठन किया गया, जांच हुई और उसके बाद एफआईआर दर्ज की गई। दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है।'

भाजपा का पक्ष: एसआईटी रिपोर्ट पर एफआईआर, जांच जारी

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता आर.पी. सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज हुई है और अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा, 'जिनकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उन सभी के खिलाफ कार्रवाई होगी।' साथ ही उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल पर राजनीतिक स्वार्थ से इस मुद्दे को उठाने का आरोप लगाया।

BJP नेता प्रवीण खंडेलवाल ने केजरीवाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण के समय उन्होंने इसका विरोध किया था, और अब अयोध्या में रामलला के दर्शन करना महज राजनीतिक चाल है। उन्होंने कहा, 'दर्शन करने से रामद्रोही होने के पाप नहीं मिटेंगे।'

विपक्ष की माँग: केंद्र सरकार भी करे जांच

कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने कहा कि ड्राइवर और मुंशी को पकड़ने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाने और केंद्र सरकार द्वारा एक अलग जांच दल गठित करने की माँग की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की एसआईटी ठीक काम कर रही है और उसे और बेहतर करना चाहिए।

कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया कि बड़े दोषियों को बचाने के लिए छोटे लोगों को जेल भेजा जा रहा है। उनके अनुसार, जो ट्रस्ट एफआईआर करा रहा है, वह खुद लूट और डकैती के आरोपों के घेरे में है, और सरकार असली दोषियों को बचाने में लगी है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर पारदर्शिता पर व्यापक सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि एसआईटी का गठन कथित अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद किया गया था, और उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही आपराधिक मामला दर्ज हुआ है। यह विवाद धार्मिक संस्थाओं में वित्तीय जवाबदेही की व्यापक बहस को भी सामने ला रहा है।

आगे क्या होगा

जांच अभी जारी है और अधिकारियों के अनुसार और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। विपक्ष की माँग है कि जांच का दायरा बढ़ाया जाए और उच्च स्तर पर जवाबदेही तय हो। यह मामला आने वाले दिनों में संसद और राज्य विधानसभाओं में भी गूँजने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जांच का दायरा ड्राइवर और मुंशी से आगे कब और कितना जाएगा। धार्मिक संस्थाओं में वित्तीय पारदर्शिता का अभाव कोई नई समस्या नहीं है, और राज्य-गठित एसआईटी की स्वतंत्रता पर विपक्ष के सवाल स्वाभाविक हैं। केजरीवाल के अयोध्या दौरे को लेकर BJP का आक्रामक रुख यह भी दर्शाता है कि यह विवाद अब कानूनी से ज़्यादा राजनीतिक रंग ले चुका है। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में जवाबदेही केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित रही, तो यह जांच अधूरी मानी जाएगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की शिकायत के बाद एसआईटी गठित की गई थी। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज हुई और अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है और 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार जांच अभी जारी है और आगे और कार्रवाई हो सकती है।
कांग्रेस ने इस मामले में क्या माँग की है?
कांग्रेस सांसद मनोज कुमार ने प्रधानमंत्री से सक्रिय हस्तक्षेप की माँग करते हुए केंद्र सरकार द्वारा अलग जांच दल गठित करने की अपील की है। कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने आरोप लगाया है कि बड़े दोषियों को बचाने के लिए छोटे लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है।
BJP ने केजरीवाल के अयोध्या दौरे पर क्या कहा?
BJP नेता प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर निर्माण का विरोध किया था और अब अयोध्या में रामलला के दर्शन करना उनकी राजनीतिक चाल है। आर.पी. सिंह ने भी केजरीवाल पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
एसआईटी का गठन कब और क्यों किया गया था?
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं की जानकारी मिलते ही तत्काल एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी की जांच पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई।
राष्ट्र प्रेस
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