केजरीवाल अयोध्या पहुंचे: राम मंदिर चढ़ावा चोरी 'महापाप', बड़े लोगों की भी हो जांच — AAP की माँग
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 26 जून 2026 को अयोध्या पहुंचे, जहाँ उन्होंने राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना की। दर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत में केजरीवाल ने राम मंदिर चढ़ावा घोटाले की जांच को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखे सवाल उठाए और आरोप लगाया कि केवल छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
केजरीवाल ने क्या कहा
केजरीवाल ने चढ़ावे की कथित चोरी को 'महापाप' करार देते हुए कहा, 'हमने भगवान श्रीराम से प्रार्थना की है कि जिन लोगों ने इस तरह का महापाप किया है, उन्हें भगवान कठोर से कठोर दंड दें।' उन्होंने यह भी कहा कि दर्ज की गई एफआईआर 'केवल दिखावा और छलावा है।'
उन्होंने आगे कहा, 'आठ छोटे-छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन इतने लंबे समय से यदि कोई घोटाला चल रहा था तो उसे केवल छोटे कर्मचारी नहीं चला सकते। इसके तार बहुत ऊपर तक जुड़े हुए हैं। बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है और छोटे कर्मचारियों के सिर पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है।'
मुख्य घटनाक्रम
गौरतलब है कि एसआईटी की सिफारिश के बाद गुरुवार देर रात इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जांच एजेंसियाँ आरोपियों की भूमिका, नकदी बरामदगी और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही हैं। केजरीवाल का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब यह मामला उत्तर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में है।
रामलला के दर्शन के बाद केजरीवाल हनुमानगढ़ी मंदिर भी पहुंचे, जहाँ उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया और संत-महात्माओं का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि अयोध्या आकर भगवान राम और बजरंगबली के दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
AAP की माँग
आम आदमी पार्टी ने माँग की है कि इस मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच कराई जाए। पार्टी का कहना है कि यदि जांच में किसी बड़े पदाधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।
राजनीतिक संदर्भ
विश्लेषकों का कहना है कि केजरीवाल का यह अयोध्या दौरा सियासी दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह ऐसे समय में हुआ है जब AAP उत्तर प्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश में है। राम मंदिर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सवाल उठाकर केजरीवाल ने BJP-शासित राज्य सरकार को सीधे घेरने की रणनीति अपनाई है।
आगे क्या होगा
जांच एजेंसियाँ फिलहाल वित्तीय अनियमितताओं और नकदी बरामदगी के सूत्र खंगाल रही हैं। AAP की माँग है कि जांच का दायरा बढ़ाया जाए और यदि किसी उच्च पदस्थ व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसे भी कानून के कटघरे में लाया जाए। मामले की अगली सुनवाई और एसआईटी की रिपोर्ट पर सबकी नज़रें टिकी हैं।