26 जून 2026
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केजरीवाल अयोध्या पहुंचे: राम मंदिर चढ़ावा चोरी 'महापाप', बड़े लोगों की भी हो जांच — AAP की माँग

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केजरीवाल अयोध्या पहुंचे: राम मंदिर चढ़ावा चोरी 'महापाप', बड़े लोगों की भी हो जांच — AAP की माँग

सारांश

केजरीवाल का अयोध्या दौरा महज आस्था नहीं, सीधी सियासी चुनौती था। रामलला के दर्शन के बाद उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा घोटाले में 8 छोटे कर्मचारियों की गिरफ्तारी को 'दिखावा' बताया और बड़े नामों तक जांच पहुँचाने की माँग की — UP की BJP सरकार के लिए सीधी चुनौती।

मुख्य बातें

अरविंद केजरीवाल 26 जून 2026 को अयोध्या पहुंचे और राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन किए।
चढ़ावे की कथित चोरी को 'महापाप' बताते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
एसआईटी की सिफारिश पर गुरुवार देर रात 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
केजरीवाल ने एफआईआर को 'दिखावा और छलावा' करार दिया; आरोप लगाया कि बड़े लोगों को बचाया जा रहा है।
AAP ने माँग की कि मामले में सभी स्तरों पर निष्पक्ष और व्यापक जांच हो।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 26 जून 2026 को अयोध्या पहुंचे, जहाँ उन्होंने राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना की। दर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत में केजरीवाल ने राम मंदिर चढ़ावा घोटाले की जांच को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखे सवाल उठाए और आरोप लगाया कि केवल छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।

केजरीवाल ने क्या कहा

केजरीवाल ने चढ़ावे की कथित चोरी को 'महापाप' करार देते हुए कहा, 'हमने भगवान श्रीराम से प्रार्थना की है कि जिन लोगों ने इस तरह का महापाप किया है, उन्हें भगवान कठोर से कठोर दंड दें।' उन्होंने यह भी कहा कि दर्ज की गई एफआईआर 'केवल दिखावा और छलावा है।'

उन्होंने आगे कहा, 'आठ छोटे-छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन इतने लंबे समय से यदि कोई घोटाला चल रहा था तो उसे केवल छोटे कर्मचारी नहीं चला सकते। इसके तार बहुत ऊपर तक जुड़े हुए हैं। बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है और छोटे कर्मचारियों के सिर पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है।'

मुख्य घटनाक्रम

गौरतलब है कि एसआईटी की सिफारिश के बाद गुरुवार देर रात इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जांच एजेंसियाँ आरोपियों की भूमिका, नकदी बरामदगी और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही हैं। केजरीवाल का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब यह मामला उत्तर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में है।

रामलला के दर्शन के बाद केजरीवाल हनुमानगढ़ी मंदिर भी पहुंचे, जहाँ उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया और संत-महात्माओं का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि अयोध्या आकर भगवान राम और बजरंगबली के दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

AAP की माँग

आम आदमी पार्टी ने माँग की है कि इस मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच कराई जाए। पार्टी का कहना है कि यदि जांच में किसी बड़े पदाधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।

राजनीतिक संदर्भ

विश्लेषकों का कहना है कि केजरीवाल का यह अयोध्या दौरा सियासी दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह ऐसे समय में हुआ है जब AAP उत्तर प्रदेश में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश में है। राम मंदिर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सवाल उठाकर केजरीवाल ने BJP-शासित राज्य सरकार को सीधे घेरने की रणनीति अपनाई है।

आगे क्या होगा

जांच एजेंसियाँ फिलहाल वित्तीय अनियमितताओं और नकदी बरामदगी के सूत्र खंगाल रही हैं। AAP की माँग है कि जांच का दायरा बढ़ाया जाए और यदि किसी उच्च पदस्थ व्यक्ति की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसे भी कानून के कटघरे में लाया जाए। मामले की अगली सुनवाई और एसआईटी की रिपोर्ट पर सबकी नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह मामला छोटे कर्मचारियों तक सिमटकर रह जाएगा। चढ़ावा प्रबंधन में पारदर्शिता का अभाव कोई नई बात नहीं — देश के कई बड़े मंदिर ट्रस्ट इसी समस्या से जूझते रहे हैं। इस मामले में जवाबदेही तय करने की असली परीक्षा तब होगी जब जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होगी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा घोटाला क्या है?
राम मंदिर चढ़ावा घोटाले में आरोप है कि अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई राशि में अनियमितताएँ हुई हैं। एसआईटी की सिफारिश पर 8 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और जांच एजेंसियाँ नकदी बरामदगी व वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही हैं।
केजरीवाल ने अयोध्या में क्या माँग की?
केजरीवाल ने माँग की कि चढ़ावा घोटाले की जांच केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित न रहे, बल्कि जिन बड़े पदाधिकारियों या प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका हो सकती है, उनके खिलाफ भी समान रूप से कार्रवाई की जाए। उन्होंने दर्ज एफआईआर को 'दिखावा और छलावा' बताया।
इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
एसआईटी की सिफारिश के बाद 26 जून 2026 से एक दिन पहले गुरुवार देर रात 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जांच एजेंसियाँ आरोपियों की भूमिका, नकदी बरामदगी और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही हैं।
केजरीवाल का यह दौरा राजनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
विश्लेषकों के अनुसार, यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब AAP उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक उपस्थिति बढ़ाने की कोशिश में है। राम मंदिर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर BJP-शासित राज्य सरकार को घेरकर केजरीवाल ने सीधी चुनौती दी है।
AAP ने इस मामले में क्या रुख अपनाया है?
आम आदमी पार्टी ने माँग की है कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच हो। पार्टी का कहना है कि यदि जांच में किसी बड़े पदाधिकारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी बिना किसी भेदभाव के कानूनी कार्रवाई की जाए।
राष्ट्र प्रेस
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