10 अगस्त 2026
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यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026: प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील ने इंडिया एक्सपो मार्ट का निरीक्षण किया, युद्धस्तर पर तैयारी के निर्देश

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यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026: प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील ने इंडिया एक्सपो मार्ट का निरीक्षण किया, युद्धस्तर पर तैयारी के निर्देश

सारांश

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 का चौथा संस्करण अब सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं — यह उत्तर प्रदेश के एमएसएमई, ओडीओपी और हस्तशिल्प उद्यमियों के लिए वैश्विक बाज़ार का दरवाज़ा खोलने की बड़ी कोशिश है। प्रमुख सचिव ने युद्धस्तर पर तैयारी के निर्देश दिए हैं।

मुख्य बातें

प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील ने 10 अगस्त 2026 को इंडिया एक्सपो मार्ट, ग्रेटर नोएडा का निरीक्षण किया।
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 का यह चतुर्थ संस्करण है; सभी लंबित कार्य युद्धस्तर पर पूरे करने के निर्देश।
आयोजन में एमएसएमई, ओडीओपी, हस्तशिल्प, हथकरघा, कृषि-खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से जोड़ने का लक्ष्य।
यातायात प्रबंधन, पार्किंग, शटल सेवा, अग्निशमन और चिकित्सा सुविधाओं को समय रहते अंतिम रूप देने के निर्देश।
डिजिटल, सोशल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के ज़रिए व्यापक प्रचार-प्रसार और लक्षित निवेशक-खरीदार अभियान चलाने पर ज़ोर।
बैठक में प्रेरणा सिंह, वंदना त्रिपाठी, मंगलेश दुबे, अरविंद कुमार मिश्र, पंकज निर्वाण सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव, एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, शशि भूषण लाल सुशील ने 10 अगस्त 2026 को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर का सीधा निरीक्षण किया और यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के चतुर्थ संस्करण की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर अंतिम रूप दिया जाए।

आयोजन का महत्व और उद्देश्य

प्रमुख सचिव सुशील ने बैठक में स्पष्ट किया कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो अब उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, व्यापारिक, सांस्कृतिक और हस्तशिल्प क्षमता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का प्रमुख माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के ज़रिए प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), ओडीओपी उत्पादों, हस्तशिल्प, हथकरघा, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, सेवा क्षेत्र तथा विभिन्न औद्योगिक उत्पादों को नए बाज़ार तक पहुँचाने का अवसर मिलता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ट्रेड शो महज एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि प्रदेश के उद्यमियों के लिए निवेश और निर्यात के ठोस अवसर जुटाने का मंच होना चाहिए।

बुनियादी व्यवस्थाओं पर विशेष जोर

प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि देश-विदेश से आने वाले उद्यमियों, निवेशकों, खरीदारों और आगंतुकों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए आयोजन स्थल पर आवागमन, पार्किंग, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, बिजली आपूर्ति, अग्निशमन, चिकित्सा सुविधा, साइनेज और सूचना केंद्र जैसी सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। यातायात दबाव को देखते हुए संभावित जाम वाले स्थानों की पहले से पहचान कर वैकल्पिक मार्ग, पार्किंग स्थल, शटल सेवा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को समय रहते अंतिम रूप देने को कहा गया।

प्रचार-प्रसार और बिजनेस कनेक्ट पर ध्यान

सुशील ने आयोजन के व्यापक प्रचार-प्रसार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का प्रभावी उपयोग करते हुए अधिक से अधिक उद्यमियों, व्यापारियों, निवेशकों, निर्यातकों और शिक्षण संस्थानों तक आयोजन की जानकारी पहुँचाई जाए। देश के अन्य राज्यों और विदेशों से संभावित खरीदारों एवं निवेशकों को आकर्षित करने के लिए लक्षित प्रचार अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए। आसपास के ज़िलों के औद्योगिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं, आरडब्ल्यूए और शैक्षणिक संस्थानों को भी आयोजन से जोड़ने पर ज़ोर दिया गया।

विभागीय समन्वय और जिलाधिकारी की प्रतिबद्धता

प्रमुख सचिव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन की सफलता के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच प्रभावी समन्वय अनिवार्य है। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया और भरोसा दिलाया कि दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा तथा सभी तैयारियाँ समय रहते पूरी कर ली जाएँगी। बैठक में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी ग्रेटर नोएडा प्रेरणा सिंह, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोएडा वंदना त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मंगलेश दुबे, सिटी मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार मिश्र, उपायुक्त उद्योग पंकज निर्वाण और सीओ इंडिया एक्सपो मार्ट लिमिटेड समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

आगे क्या होगा

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने में कोई कमी न रहे। यह आयोजन देश-विदेश के निवेशकों और खरीदारों के लिए आकर्षण का केंद्र बने — यही लक्ष्य प्रशासन ने निर्धारित किया है। गौरतलब है कि यह ट्रेड शो का चौथा संस्करण है, जो हर बार अपने पैमाने और भागीदारी के मामले में बड़ा होता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या प्रदेश के छोटे उद्यमियों को वास्तव में नए निर्यात बाज़ार मिलते हैं या यह आयोजन बड़े औद्योगिक घरानों का मंच बनकर रह जाता है। 'बिजनेस कनेक्ट' और 'निवेशक आकर्षण' जैसे शब्द हर संस्करण में दोहराए जाते हैं, लेकिन पिछले तीन संस्करणों के ठोस निर्यात और रोज़गार आँकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं। युद्धस्तर की तैयारी तभी सार्थक होगी जब आयोजन के बाद मापने योग्य परिणाम सामने आएँ।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 क्या है और यह कहाँ होगा?
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित एक प्रमुख व्यापार प्रदर्शनी है, जिसका चतुर्थ संस्करण ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर में आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश के एमएसएमई, ओडीओपी, हस्तशिल्प और औद्योगिक उत्पादों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से जोड़ना है।
10 अगस्त की समीक्षा बैठक में क्या निर्णय लिए गए?
प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील ने 10 अगस्त को इंडिया एक्सपो मार्ट का निरीक्षण कर सभी लंबित कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए। यातायात प्रबंधन, सुरक्षा, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा और व्यापक प्रचार-प्रसार को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया।
ट्रेड शो में कौन-से क्षेत्रों को प्रदर्शित किया जाएगा?
आयोजन में एमएसएमई, ओडीओपी उत्पाद, हस्तशिल्प, हथकरघा, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, सेवा क्षेत्र और विभिन्न औद्योगिक उत्पादों को स्थान मिलेगा। इसके ज़रिए प्रदेश के उद्यमियों को नए निवेश और निर्यात अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
आगंतुकों और निवेशकों के लिए क्या व्यवस्थाएँ की जा रही हैं?
आयोजन स्थल पर पार्किंग, शटल सेवा, वैकल्पिक मार्ग, अग्निशमन, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, साइनेज और सूचना केंद्र जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। संभावित जाम वाले स्थानों की पहले से पहचान कर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
ट्रेड शो के प्रचार-प्रसार की क्या रणनीति है?
डिजिटल, सोशल, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के ज़रिए व्यापक प्रचार अभियान चलाया जाएगा। देश के अन्य राज्यों और विदेशों से संभावित खरीदारों व निवेशकों को आकर्षित करने के लिए लक्षित अभियान और आसपास के ज़िलों के औद्योगिक संगठनों को भी आयोजन से जोड़ा जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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