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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: केजरीवाल ने PM मोदी पर लगाए गंभीर आरोप, SIT जांच पर उठाए सवाल

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: केजरीवाल ने PM मोदी पर लगाए गंभीर आरोप, SIT जांच पर उठाए सवाल

सारांश

राम मंदिर चढ़ावा विवाद अब सीधे PM मोदी के दरवाजे तक पहुंच गया है। केजरीवाल ने ट्रस्ट गठन से लेकर ₹18 करोड़ के कथित जमीन सौदे, 40% कमीशन और गायब CCTV फुटेज तक के आरोप लगाते हुए SIT की जांच को अधूरा बताया और पारदर्शी जांच की मांग की।

मुख्य बातें

अरविंद केजरीवाल ने 2 जुलाई को PM नरेंद्र मोदी पर राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं में जवाबदेही तय न करने का आरोप लगाया।
कथित जमीन सौदे में एक भूखंड ₹2 करोड़ में खरीदकर मिनटों में ₹18 करोड़ में ट्रस्ट को बेचे जाने का दावा किया गया।
मंदिर निर्माण के टेंडरों में 40 प्रतिशत कमीशन मांगे जाने और कई महीनों की CCTV फुटेज गायब होने का आरोप।
AAP सांसद संजय सिंह के अनुसार SIT ने कहा कि जांच केवल चढ़ावे के मामले तक सीमित है, जमीन घोटाले इसके दायरे में नहीं।
केजरीवाल ने PM मोदी से सार्वजनिक जवाब और व्यापक, निष्पक्ष जांच की मांग की।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 2 जुलाई को नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के साथ उपस्थित केजरीवाल ने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

ट्रस्ट गठन पर जवाबदेही की मांग

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री मोदी की देखरेख में हुआ और ट्रस्ट सदस्यों का चयन भी उनकी सहमति से किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे में मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं, जमीन खरीद और चढ़ावे में गड़बड़ियों की जवाबदेही भी उच्चतम स्तर पर तय होनी चाहिए। केजरीवाल ने सवाल किया कि जब इतने बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताएं हुईं, तो केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई।

कथित जमीन घोटाले के आरोप

केजरीवाल ने वर्ष 2021 में सामने आए कथित जमीन खरीद मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि एक जमीन ₹2 करोड़ में खरीदने के कुछ ही मिनटों बाद ₹18 करोड़ में ट्रस्ट को बेच दी गई। इसी प्रकार अन्य जमीन सौदों में भी भारी मूल्य अंतर होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इन मामलों की अब तक निष्पक्ष जांच नहीं हुई।

कमीशन और CCTV फुटेज के आरोप

केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण से जुड़े कुछ इंजीनियरों ने टेंडरों में 40 प्रतिशत कमीशन मांगे जाने की शिकायत की थी। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि सीसीटीवी कैमरों में कई बार चोरी की घटनाएं दर्ज हुईं और कई महीनों की फुटेज कथित तौर पर गायब कर दी गई। ये आरोप अब तक सरकार या ट्रस्ट की ओर से स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।

SIT की कार्यप्रणाली पर सवाल

AAP प्रमुख ने विशेष जांच दल (SIT) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIT केवल सीमित दायरे में — अर्थात चढ़ावे से जुड़े मामलों तक — जांच कर रही है और कथित जमीन घोटालों की जांच उसके दायरे से बाहर है। उन्होंने बताया कि AAP सांसद संजय सिंह जब कथित दस्तावेज लेकर SIT के पास पहुंचे तो उन्हें यही जवाब मिला। केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि अब तक जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वे छोटे स्तर के कर्मचारी हैं, जबकि वास्तविक जिम्मेदार व्यक्तियों तक जांच नहीं पहुंची।

PM मोदी से सार्वजनिक जवाब की मांग

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की करोड़ों जनता की धार्मिक आस्था भगवान श्रीराम से जुड़ी है, इसलिए इस मामले में यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक और न्यायिक दोनों मोर्चों पर और अधिक गरमाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तब भी कोई बड़ी जवाबदेही तय नहीं हुई। असली सवाल यह है कि SIT का दायरा इतना सीमित क्यों है कि वह केवल चढ़ावा चोरी तक सिमटी है जबकि कथित जमीन सौदे और टेंडर कमीशन के आरोप उससे कहीं अधिक गंभीर हैं। धार्मिक आस्था से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता की कमी सरकार की विश्वसनीयता के लिए भी जोखिम है — और विपक्ष इसे चुनावी हथियार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी, कथित जमीन खरीद घोटाले और टेंडरों में कमीशन मांगने के आरोपों से जुड़ा यह विवाद है। इस मामले में SIT जांच चल रही है और अब तक कुछ निचले स्तर के कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है।
केजरीवाल ने PM मोदी पर क्या आरोप लगाए?
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट का गठन और सदस्यों का चयन PM मोदी की देखरेख में हुआ, इसलिए कथित अनियमितताओं की जवाबदेही उन पर भी बनती है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले को कथित तौर पर दबाने का प्रयास किया गया।
कथित जमीन घोटाले में क्या दावा किया गया है?
केजरीवाल के अनुसार, 2021 में एक जमीन ₹2 करोड़ में खरीदकर कुछ ही मिनटों में ₹18 करोड़ में ट्रस्ट को बेची गई। इसी तरह अन्य जमीन सौदों में भी बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत चुकाने का आरोप है।
SIT की जांच पर क्या सवाल उठाए गए हैं?
AAP का आरोप है कि SIT की जांच केवल चढ़ावे की चोरी तक सीमित है और कथित जमीन घोटालों की जांच उसके दायरे में नहीं है। सांसद संजय सिंह द्वारा दस्तावेज लेकर पहुंचने पर भी SIT ने उन्हें यही जवाब दिया।
इस मामले में आगे क्या हो सकता है?
केजरीवाल ने PM मोदी से सार्वजनिक जवाब और व्यापक निष्पक्ष जांच की मांग की है। राजनीतिक दबाव बढ़ने के साथ यह मामला संसद और न्यायिक मंचों पर भी उठने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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