राम मंदिर चढ़ावा विवाद: केजरीवाल ने PM मोदी पर लगाए गंभीर आरोप, SIT जांच पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 2 जुलाई को नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के साथ उपस्थित केजरीवाल ने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ट्रस्ट गठन पर जवाबदेही की मांग
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री मोदी की देखरेख में हुआ और ट्रस्ट सदस्यों का चयन भी उनकी सहमति से किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे में मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं, जमीन खरीद और चढ़ावे में गड़बड़ियों की जवाबदेही भी उच्चतम स्तर पर तय होनी चाहिए। केजरीवाल ने सवाल किया कि जब इतने बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताएं हुईं, तो केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई।
कथित जमीन घोटाले के आरोप
केजरीवाल ने वर्ष 2021 में सामने आए कथित जमीन खरीद मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि एक जमीन ₹2 करोड़ में खरीदने के कुछ ही मिनटों बाद ₹18 करोड़ में ट्रस्ट को बेच दी गई। इसी प्रकार अन्य जमीन सौदों में भी भारी मूल्य अंतर होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इन मामलों की अब तक निष्पक्ष जांच नहीं हुई।
कमीशन और CCTV फुटेज के आरोप
केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण से जुड़े कुछ इंजीनियरों ने टेंडरों में 40 प्रतिशत कमीशन मांगे जाने की शिकायत की थी। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि सीसीटीवी कैमरों में कई बार चोरी की घटनाएं दर्ज हुईं और कई महीनों की फुटेज कथित तौर पर गायब कर दी गई। ये आरोप अब तक सरकार या ट्रस्ट की ओर से स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
SIT की कार्यप्रणाली पर सवाल
AAP प्रमुख ने विशेष जांच दल (SIT) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIT केवल सीमित दायरे में — अर्थात चढ़ावे से जुड़े मामलों तक — जांच कर रही है और कथित जमीन घोटालों की जांच उसके दायरे से बाहर है। उन्होंने बताया कि AAP सांसद संजय सिंह जब कथित दस्तावेज लेकर SIT के पास पहुंचे तो उन्हें यही जवाब मिला। केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि अब तक जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वे छोटे स्तर के कर्मचारी हैं, जबकि वास्तविक जिम्मेदार व्यक्तियों तक जांच नहीं पहुंची।
PM मोदी से सार्वजनिक जवाब की मांग
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की करोड़ों जनता की धार्मिक आस्था भगवान श्रीराम से जुड़ी है, इसलिए इस मामले में यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक और न्यायिक दोनों मोर्चों पर और अधिक गरमाने की संभावना है।