1 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: 'आप' ने ट्रस्ट को घेरा, पद्मनाभस्वामी मंदिर की ₹3-4 लाख करोड़ की विरासत से की तुलना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राम मंदिर चढ़ावा विवाद: 'आप' ने ट्रस्ट को घेरा, पद्मनाभस्वामी मंदिर की ₹3-4 लाख करोड़ की विरासत से की तुलना

सारांश

राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी पर AAP ने ट्रस्ट और सरकार को घेरा। दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने पद्मनाभस्वामी मंदिर की 2,000 साल पुरानी ₹3-4 लाख करोड़ की अक्षुण्ण विरासत से तुलना कर पूछा — जो काम सदियों में नहीं हुआ, वह ढाई साल में कैसे हो गया?

मुख्य बातें

AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने 30 जून 2025 को राम मंदिर ट्रस्ट पर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार पर हमला बोला।
भारद्वाज ने केरल के पद्मनाभस्वामी मंदिर का उदाहरण दिया, जहाँ 2,000 वर्षों से ₹3-4 लाख करोड़ की संपत्ति सुरक्षित है।
2011 में सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में हुई गणना में पद्मनाभस्वामी मंदिर की संपत्ति ₹1.25 लाख करोड़ आँकी गई थी।
AAP ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में निष्पक्ष जाँच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की माँग की।
भारद्वाज ने कहा कि सनातन परंपराओं की बात करने वाले इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।

आम आदमी पार्टी (AAP) ने 30 जून 2025 को राम मंदिर ट्रस्ट पर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोपों को लेकर तीखा हमला बोला। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह मामला महज आर्थिक गड़बड़ी का नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर सीधी चोट है।

पद्मनाभस्वामी मंदिर से तुलना

भारद्वाज ने केरल के प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का हवाला देते हुए कहा कि वहाँ लगभग 2,000 वर्षों से अपार संपदा सुरक्षित रखी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक प्राचीन मंदिर सदियों तक अपनी धरोहर अक्षुण्ण रख सका, तो राम मंदिर ट्रस्ट कथित तौर पर ढाई साल में भी चढ़ावे की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पाया।

उन्होंने बताया कि पद्मनाभस्वामी मंदिर में सोना, चाँदी, रूबी, हीरे, मुकुट, सिंहासन, 18-18 फुट लंबी स्वर्ण श्रृंखलाएँ तथा मध्यकालीन, रोमन और नेपोलियन काल के दुर्लभ सिक्के सुरक्षित हैं। इन खजानों की अनुमानित कीमत ₹3 से 4 लाख करोड़ या उससे अधिक बताई जाती है।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई थी गणना

भारद्वाज ने याद दिलाया कि वर्ष 2011 में सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में पद्मनाभस्वामी मंदिर के कुछ तहखानों की गणना कराई गई थी, जिसमें करीब ₹1.25 लाख करोड़ मूल्य की संपत्ति का आकलन सामने आया था। उन्होंने कहा कि मंदिर में वर्ष में कई बार पूजा-अर्चना के लिए इन बहुमूल्य आभूषणों को बाहर निकाला जाता है और पूजा के बाद उन्हें पुनः सुरक्षित रख दिया जाता है।

सनातन परंपरा और राजनीतिक चुप्पी पर सवाल

आप नेता ने कहा कि पिछले दो हजार वर्षों में अनेक राजा, राजवंश और शासन बदले, लेकिन किसी ने पद्मनाभस्वामी मंदिर की संपत्ति को नुकसान नहीं पहुँचाया। उन्होंने इसे भारतीय सभ्यता और धार्मिक परंपराओं की सबसे बड़ी मिसाल बताया।

भारद्वाज ने यह भी कहा कि देशभर में भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की बात करने वाले लोग इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की अनियमितताओं का मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन चुका है।

ट्रस्ट और सरकार पर जवाबदेही की माँग

भारद्वाज ने कहा कि यदि कोई संस्था चार-पाँच वर्षों तक भी एक मंदिर के चढ़ावे और व्यवस्था को ईमानदारी से नहीं संभाल पाती, तो जनता को यह भी सोचना चाहिए कि ऐसे लोग देश और राज्यों का संचालन किस प्रकार करेंगे। उन्होंने कथित चढ़ावा चोरी के मामले में निष्पक्ष जाँच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की माँग की।

आलोचकों का कहना है कि AAP का यह हमला न केवल धार्मिक प्रशासन पर सवाल उठाता है, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राजनीतिक विश्वसनीयता को भी चुनौती देता है, जिसने राम मंदिर निर्माण को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

और चढ़ावे में अनियमितता के आरोप उस आख्यान को सीधे कमज़ोर करते हैं। पद्मनाभस्वामी मंदिर की तुलना चतुर है क्योंकि वह एक केरल-प्रशासित उदाहरण है जो धार्मिक प्रशासन में पारदर्शिता की बात करता है। हालाँकि, यह ध्यान देने योग्य है कि चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी बाकी है, और AAP स्वयं दिल्ली में प्रशासनिक जवाबदेही के सवालों से घिरी रही है। असली कसौटी यह होगी कि क्या इस माँग के बाद कोई निष्पक्ष जाँच वास्तव में होती है, या यह विपक्षी राजनीति की एक और सुर्खी बनकर रह जाती है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राम मंदिर चढ़ावा विवाद क्या है?
राम मंदिर ट्रस्ट पर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोप लगे हैं। AAP ने इस मामले में निष्पक्ष जाँच और दोषियों पर कार्रवाई की माँग की है, हालाँकि आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
सौरभ भारद्वाज ने पद्मनाभस्वामी मंदिर का उदाहरण क्यों दिया?
AAP के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने पद्मनाभस्वामी मंदिर का उदाहरण यह दर्शाने के लिए दिया कि 2,000 वर्षों में वहाँ ₹3-4 लाख करोड़ की संपत्ति सुरक्षित रही, जबकि राम मंदिर ट्रस्ट कथित तौर पर ढाई साल में चढ़ावे की रक्षा नहीं कर पाया।
पद्मनाभस्वामी मंदिर की संपत्ति कितनी है?
भारद्वाज के अनुसार, पद्मनाभस्वामी मंदिर की संपत्ति की अनुमानित कीमत ₹3 से 4 लाख करोड़ या उससे अधिक है। 2011 में सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में हुई गणना में कुछ तहखानों की संपत्ति करीब ₹1.25 लाख करोड़ आँकी गई थी।
AAP ने इस मामले में क्या माँग की है?
AAP ने कथित चढ़ावा चोरी के मामले में निष्पक्ष जाँच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की माँग की है। पार्टी ने कहा है कि यह मामला सनातन परंपराओं और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है।
क्या राम मंदिर ट्रस्ट ने इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, AAP के बयान के संदर्भ में राम मंदिर ट्रस्ट की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। मामले की आगे की जानकारी के लिए ट्रस्ट के आधिकारिक बयान का इंतजार है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. 4 दिन पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 3 सप्ताह पहले