राम मंदिर चढ़ावा विवाद: 'आप' ने ट्रस्ट को घेरा, पद्मनाभस्वामी मंदिर की ₹3-4 लाख करोड़ की विरासत से की तुलना
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) ने 30 जून 2025 को राम मंदिर ट्रस्ट पर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोपों को लेकर तीखा हमला बोला। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह मामला महज आर्थिक गड़बड़ी का नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर सीधी चोट है।
पद्मनाभस्वामी मंदिर से तुलना
भारद्वाज ने केरल के प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का हवाला देते हुए कहा कि वहाँ लगभग 2,000 वर्षों से अपार संपदा सुरक्षित रखी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक प्राचीन मंदिर सदियों तक अपनी धरोहर अक्षुण्ण रख सका, तो राम मंदिर ट्रस्ट कथित तौर पर ढाई साल में भी चढ़ावे की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पाया।
उन्होंने बताया कि पद्मनाभस्वामी मंदिर में सोना, चाँदी, रूबी, हीरे, मुकुट, सिंहासन, 18-18 फुट लंबी स्वर्ण श्रृंखलाएँ तथा मध्यकालीन, रोमन और नेपोलियन काल के दुर्लभ सिक्के सुरक्षित हैं। इन खजानों की अनुमानित कीमत ₹3 से 4 लाख करोड़ या उससे अधिक बताई जाती है।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुई थी गणना
भारद्वाज ने याद दिलाया कि वर्ष 2011 में सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में पद्मनाभस्वामी मंदिर के कुछ तहखानों की गणना कराई गई थी, जिसमें करीब ₹1.25 लाख करोड़ मूल्य की संपत्ति का आकलन सामने आया था। उन्होंने कहा कि मंदिर में वर्ष में कई बार पूजा-अर्चना के लिए इन बहुमूल्य आभूषणों को बाहर निकाला जाता है और पूजा के बाद उन्हें पुनः सुरक्षित रख दिया जाता है।
सनातन परंपरा और राजनीतिक चुप्पी पर सवाल
आप नेता ने कहा कि पिछले दो हजार वर्षों में अनेक राजा, राजवंश और शासन बदले, लेकिन किसी ने पद्मनाभस्वामी मंदिर की संपत्ति को नुकसान नहीं पहुँचाया। उन्होंने इसे भारतीय सभ्यता और धार्मिक परंपराओं की सबसे बड़ी मिसाल बताया।
भारद्वाज ने यह भी कहा कि देशभर में भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं की बात करने वाले लोग इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की अनियमितताओं का मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन चुका है।
ट्रस्ट और सरकार पर जवाबदेही की माँग
भारद्वाज ने कहा कि यदि कोई संस्था चार-पाँच वर्षों तक भी एक मंदिर के चढ़ावे और व्यवस्था को ईमानदारी से नहीं संभाल पाती, तो जनता को यह भी सोचना चाहिए कि ऐसे लोग देश और राज्यों का संचालन किस प्रकार करेंगे। उन्होंने कथित चढ़ावा चोरी के मामले में निष्पक्ष जाँच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की माँग की।
आलोचकों का कहना है कि AAP का यह हमला न केवल धार्मिक प्रशासन पर सवाल उठाता है, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राजनीतिक विश्वसनीयता को भी चुनौती देता है, जिसने राम मंदिर निर्माण को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया था।