राहुल गांधी पर FIR: उत्तराखंड कांग्रेस का आरोप — BJP असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड कांग्रेस की नेताओं ने 31 अगस्त को देहरादून में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। नेताओं का कहना है कि यह मुकदमा सरकार की असली विफलताओं को जनता की नज़रों से ओझल करने की सुनियोजित कोशिश है।
मामले की पृष्ठभूमि
कांग्रेस नेता सुजाता पॉल ने बताया कि 8 अगस्त को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की एक रैली आयोजित हुई थी, जिसके बाद कथित तौर पर 'शुद्धिकरण' की घटना सामने आई। इसके करीब 20 दिन बाद राहुल गांधी ने प्रेस वार्ता कर इस मामले में कार्रवाई की माँग की। उनका आरोप है कि इसके जवाब में प्रशासन ने कार्रवाई करने के बजाय राहुल गांधी के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी।
सुजाता पॉल ने कहा कि यदि रैली के बाद स्थल पर गंदगी थी, तो उसकी सफाई करना प्रशासन अथवा नगर निगम का दायित्व था। उनके अनुसार, 'कुछ लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है, जो सर्वथा गलत है।'
BJP पर विरोधाभास का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि एक ओर प्रदेश BJP यह दावा कर रही है कि 'शुद्धिकरण' करने वाले उसके कार्यकर्ता नहीं हैं और उनका संगठन से कोई संबंध नहीं है, वहीं दूसरी ओर इसी कार्रवाई का बचाव भी किया जा रहा है। नेताओं ने सवाल किया कि यदि ऐसा है, तो मामले की निष्पक्ष जाँच क्यों नहीं कराई जा रही।
उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने पूरे प्रकरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए जाँच का आश्वासन दिया था, लेकिन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
सवाल उठाने वाले पर ही मुकदमा
एक महिला कांग्रेस नेता ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे के कथित अपमान को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है। उनके अनुसार, राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर यह संदेश देती है कि उत्तराखंड में सवाल पूछने वाले को ही आरोपी बनाया जा रहा है। एक अन्य कार्यकर्ता ने इसे 'प्रदेश की विडंबना' बताते हुए कहा कि दलितों की आवाज उठाने के लिए प्रेस वार्ता करने वाले नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
नेताओं ने राहुल गांधी पर लगाई गई धाराओं को भी अनुचित बताया और कहा कि यह उन पर दबाव बनाने का प्रयास है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी सभी वर्गों के अधिकारों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
कांग्रेस की चेतावनी
महिला कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि यदि 'शुद्धिकरण' की घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगी। नेताओं ने जोर देकर कहा कि पार्टी किसी भी मुकदमे से डरने वाली नहीं है और जनता के सामने सच्चाई लाना जारी रखेगी।