31 अगस्त 2026
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राहुल गांधी पर FIR: मध्य प्रदेश कांग्रेस का पलटवार — 'शुद्धिकरण करने वालों पर हो कार्रवाई'

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राहुल गांधी पर FIR: मध्य प्रदेश कांग्रेस का पलटवार — 'शुद्धिकरण करने वालों पर हो कार्रवाई'

सारांश

हल्द्वानी में खड़गे की रैली वाली जगह पर 'शुद्धि यज्ञ' और फिर राहुल गांधी पर एफआईआर — मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इसे दलित अपमान और राजनीतिक प्रतिशोध का दोहरा खेल बताया। कमलनाथ और जीतू पटवारी ने BJP से सीधा सवाल पूछा: कार्रवाई अनुष्ठान करने वालों पर क्यों नहीं?

मुख्य बातें

उत्तराखंड पुलिस ने वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ BNS और SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की।
विवाद की जड़ 11 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुआ 'शुद्धि यज्ञ' है — जो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के तीन दिन बाद उसी स्थान पर आयोजित किया गया था।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने BJP पर दलितों का अपमान करने और राहुल गांधी को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि एफआईआर गांधी पर नहीं, शुद्धिकरण करने वालों पर होनी चाहिए थी।
राहुल गांधी 12 सितंबर को इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में दर्ज एफआईआर पर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। 31 अगस्त को भोपाल में पार्टी नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर दलितों का अपमान करने और फिर उसे उजागर करने वाले नेता को कानूनी शिकंजे में फँसाने का आरोप लगाया। यह विवाद 11 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए 'शुद्धि यज्ञ' से जुड़ा है, जो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के तीन दिन बाद उसी स्थान पर आयोजित किया गया था।

विवाद की पृष्ठभूमि

उत्तराखंड पुलिस ने वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि गांधी ने खड़गे के कार्यक्रम वाली जगह पर हुए धार्मिक अनुष्ठान को जातिवादी रंग दिया। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उन धाराओं के तहत दर्ज किया गया है जो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने से संबंधित हैं। इसके साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम भी लागू किया गया है।

कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आरोप लगाया कि BJP ने पहले 'शुद्धि यज्ञ' करवाकर दलितों का अपमान किया और जब गांधी ने यह मुद्दा उठाया, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। कमलनाथ ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी मजबूती से मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ खड़ी है। देशभर का दलित समुदाय इस अन्याय और अपमान के लिए BJP को सबक सिखाएगा।'

उन्होंने यह भी कहा कि यह घटना दर्शाती है कि BJP न केवल दलितों का अपमान करती है, बल्कि उनके अधिकारों के लिए लड़ने वालों को परेशान भी करती है।

जीतू पटवारी का BJP पर हमला

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने BJP पर घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को बचाने और इसके बजाय गांधी के खिलाफ मामला दर्ज करने का आरोप लगाया। पटवारी ने कहा, 'संकीर्ण सोच वाली BJP ने पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली वाली जगह का 'शुद्धिकरण' करवाया। जब जन-नायक राहुल गांधी ने छुआछूत का यह गंभीर मुद्दा उठाया तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह घटना BJP-RSS की 'दलित-विरोधी मानसिकता' को दर्शाती है।

आम जनता और दलित समुदाय पर असर

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब देशभर में जाति-आधारित भेदभाव और छुआछूत के मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। गौरतलब है कि 'शुद्धिकरण' की घटनाएँ अतीत में भी विवाद का कारण बनती रही हैं और इस बार कांग्रेस ने इसे दलित अस्मिता से जोड़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश की है।

आगे क्या होगा

मध्य प्रदेश कांग्रेस के अनुसार, राहुल गांधी 12 सितंबर को इंदौर का दौरा करेंगे और 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शामिल होकर उसे संबोधित करेंगे। इस दौरे से पार्टी इस मुद्दे को और तेज़ करने की रणनीति पर काम कर सकती है। एफआईआर की कानूनी प्रक्रिया उत्तराखंड में जारी रहेगी, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध का मामला बताते हुए जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या वह इस मुद्दे को जमीन पर उतना ही गंभीरता से उठाती है जितना मंच से। BJP की चुप्पी और उत्तराखंड पुलिस की त्वरित कार्रवाई दोनों मिलकर एक ऐसी कथा बना रहे हैं जिसे विपक्ष 2026 के चुनावी संदर्भ में भुनाने की कोशिश करेगा।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में एफआईआर क्यों दर्ज हुई?
उत्तराखंड पुलिस ने वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि गांधी ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए धार्मिक अनुष्ठान को जातिवादी रंग दिया, जिससे समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा मिला।
हल्द्वानी 'शुद्धि यज्ञ' विवाद क्या है?
11 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक 'शुद्धि यज्ञ' आयोजित किया गया — यह वही स्थान था जहाँ तीन दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जनसभा की थी। कांग्रेस ने इसे दलित अपमान बताया, जबकि शिकायतकर्ता का कहना है कि राहुल गांधी ने इस धार्मिक अनुष्ठान को गलत तरीके से पेश किया।
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इस एफआईआर पर क्या कहा?
मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि एफआईआर गांधी पर नहीं, बल्कि शुद्धिकरण अनुष्ठान करने वालों पर होनी चाहिए थी। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने BJP पर दलित-विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया।
राहुल गांधी पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उन धाराओं के तहत दर्ज किया गया है जो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने से संबंधित हैं। इसके साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम भी लागू किया गया है।
राहुल गांधी का अगला कार्यक्रम क्या है?
मध्य प्रदेश कांग्रेस के अनुसार, राहुल गांधी 12 सितंबर को इंदौर का दौरा करेंगे और 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शामिल होकर उसे संबोधित करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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