राहुल गांधी पर FIR: मध्य प्रदेश कांग्रेस का पलटवार — 'शुद्धिकरण करने वालों पर हो कार्रवाई'
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में दर्ज एफआईआर पर मध्य प्रदेश कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। 31 अगस्त को भोपाल में पार्टी नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर दलितों का अपमान करने और फिर उसे उजागर करने वाले नेता को कानूनी शिकंजे में फँसाने का आरोप लगाया। यह विवाद 11 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए 'शुद्धि यज्ञ' से जुड़ा है, जो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के तीन दिन बाद उसी स्थान पर आयोजित किया गया था।
विवाद की पृष्ठभूमि
उत्तराखंड पुलिस ने वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि गांधी ने खड़गे के कार्यक्रम वाली जगह पर हुए धार्मिक अनुष्ठान को जातिवादी रंग दिया। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उन धाराओं के तहत दर्ज किया गया है जो समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने से संबंधित हैं। इसके साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम भी लागू किया गया है।
कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आरोप लगाया कि BJP ने पहले 'शुद्धि यज्ञ' करवाकर दलितों का अपमान किया और जब गांधी ने यह मुद्दा उठाया, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। कमलनाथ ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी मजबूती से मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ खड़ी है। देशभर का दलित समुदाय इस अन्याय और अपमान के लिए BJP को सबक सिखाएगा।'
उन्होंने यह भी कहा कि यह घटना दर्शाती है कि BJP न केवल दलितों का अपमान करती है, बल्कि उनके अधिकारों के लिए लड़ने वालों को परेशान भी करती है।
जीतू पटवारी का BJP पर हमला
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने BJP पर घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को बचाने और इसके बजाय गांधी के खिलाफ मामला दर्ज करने का आरोप लगाया। पटवारी ने कहा, 'संकीर्ण सोच वाली BJP ने पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली वाली जगह का 'शुद्धिकरण' करवाया। जब जन-नायक राहुल गांधी ने छुआछूत का यह गंभीर मुद्दा उठाया तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह घटना BJP-RSS की 'दलित-विरोधी मानसिकता' को दर्शाती है।
आम जनता और दलित समुदाय पर असर
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब देशभर में जाति-आधारित भेदभाव और छुआछूत के मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। गौरतलब है कि 'शुद्धिकरण' की घटनाएँ अतीत में भी विवाद का कारण बनती रही हैं और इस बार कांग्रेस ने इसे दलित अस्मिता से जोड़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश की है।
आगे क्या होगा
मध्य प्रदेश कांग्रेस के अनुसार, राहुल गांधी 12 सितंबर को इंदौर का दौरा करेंगे और 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शामिल होकर उसे संबोधित करेंगे। इस दौरे से पार्टी इस मुद्दे को और तेज़ करने की रणनीति पर काम कर सकती है। एफआईआर की कानूनी प्रक्रिया उत्तराखंड में जारी रहेगी, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध का मामला बताते हुए जनता के बीच ले जाने की तैयारी में है।