हल्द्वानी 'शुद्धिकरण' विवाद: भोपाल में युवा कांग्रेस का धरना, खड़गे के अपमान पर BJP को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल में युवा कांग्रेस ने 13 अगस्त 2026 को हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल पर कथित तौर पर किए गए 'शुद्धिकरण' के विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समीप हाथों में संविधान की प्रति थामे और बाँह पर काली पट्टी बाँधकर अपना विरोध दर्ज कराया।
मुख्य घटनाक्रम
प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कथित दलित-विरोधी मानसिकता के खिलाफ नारेबाजी की। युवा कांग्रेस भोपाल के जिला अध्यक्ष अमित खत्री ने कहा कि दलित समाज से आने वाले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम स्थल का 'शुद्धिकरण' किया जाना भाजपा की संकीर्ण मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा, 'यह सोच और यह हरकत न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि पूरी मानवता के खिलाफ है।'
युवा कांग्रेस का आरोप
अमित खत्री ने आगे कहा कि किसी व्यक्ति की जाति और सामाजिक पहचान के आधार पर किसी स्थान को अपवित्र मानना दलित-विरोधी सोच को दर्शाता है। उनके अनुसार, 'यह सिर्फ मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमान नहीं, बल्कि देश के करोड़ों दलितों, वंचितों और समानता में विश्वास रखने वाले नागरिकों के सम्मान का अपमान है।'
युवा कांग्रेस का आरोप है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और BJP से जुड़े लोगों की मानसिकता दलित, वंचित और पिछड़ा विरोधी है। संगठन का कहना है कि जब भारत 21वीं सदी में आगे बढ़ रहा है, तब इस प्रकार की जातिवादी सोच देश को पीछे धकेलने का प्रयास करती है।
युवा कांग्रेस की माँग
प्रदर्शनकारियों ने माँग की है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। यह ऐसे समय में आया है जब देश में जातीय भेदभाव और संवैधानिक मूल्यों को लेकर राजनीतिक बहस तेज है।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि यह विवाद दलित अस्मिता और संवैधानिक समानता के व्यापक प्रश्नों को फिर से केंद्र में ले आया है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ सामाजिक सद्भाव के लिए गंभीर चुनौती प्रस्तुत करती हैं। फिलहाल BJP की ओर से इस विशेष आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।