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पटना के मेडिवर्सल हॉस्पिटल में रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी शुरू, नीतीश कुमार ने किया उद्घाटन

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पटना के मेडिवर्सल हॉस्पिटल में रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी शुरू, नीतीश कुमार ने किया उद्घाटन

सारांश

पटना के मेडिवर्सल हॉस्पिटल में रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट तकनीक की शुरुआत बिहार के स्वास्थ्य ढाँचे के लिए एक नई दिशा है — जहाँ अब मरीज़ों को उन्नत ऑर्थोपेडिक सर्जरी के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

मुख्य बातें

मेडिवर्सल मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, पटना में 31 अगस्त को अत्याधुनिक रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सिस्टम की शुरुआत हुई।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार ने इस प्रणाली का उद्घाटन किया।
रोबोटिक तकनीक सर्जन को मरीज़ की शारीरिक संरचना के अनुरूप प्री-ऑपरेटिव प्लानिंग और अधिक सटीकता में सहायता करती है।
ऑर्थोपेडिक टीम में डॉ.
निशिकांत कुमार सहित पाँच अनुभवी विशेषज्ञ शामिल हैं।
नई प्रणाली को अस्पताल की ऑपरेशन थिएटर, क्रिटिकल केयर, डायग्नोस्टिक्स और पुनर्वास सेवाओं के साथ एकीकृत किया गया है।

पटना के कंकड़बाग स्थित मेडिवर्सल मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में सोमवार, 31 अगस्त को बिहार की पहली अत्याधुनिक रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट प्रणाली का शुभारंभ हुआ। इस तकनीकी पहल का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार ने किया, जिसे बिहार में प्रिसीजन ऑर्थोपेडिक्स के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

उद्घाटन समारोह में मंत्री डॉ. अशोक चौधरी और ललन कुमार सर्राफ विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। नीतीश कुमार ने इस अवसर पर कहा कि मेडिवर्सल की ऑर्थोपेडिक टीम लंबे समय से घुटना प्रत्यारोपण और जॉइंट रिप्लेसमेंट के क्षेत्र में राज्य की अग्रणी टीमों में शुमार रही है। उनके अनुसार, रोबोटिक तकनीक के जुड़ने से इस विशेषज्ञता को नई मज़बूती मिलेगी।

नीतीश कुमार ने विश्वास जताया कि इस आधुनिक चिकित्सा तकनीक की उपलब्धता से बिहार के मरीज़ों को अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सकेगा और उन्हें दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

रोबोटिक तकनीक की विशेषताएँ

मेडिवर्सल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक साइंसेज के निदेशक डॉ. निशिकांत कुमार ने स्पष्ट किया कि चिकित्सा तकनीक का उद्देश्य चिकित्सक का स्थान लेना नहीं, बल्कि उनकी विशेषज्ञता, अनुभव और निर्णय क्षमता को अधिक सटीक और प्रभावी बनाना है। उन्होंने बताया कि रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट तकनीक सर्जन को मरीज़ की शारीरिक संरचना के अनुरूप बेहतर प्री-ऑपरेटिव प्लानिंग और ऑपरेशन के दौरान अधिक सटीकता हासिल करने में सहायता करती है।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस रोबोटिक सिस्टम से मरीज़ के घुटने की संरचना और अलाइनमेंट का अधिक विस्तृत आकलन संभव होता है, जिससे व्यक्तिगत शारीरिक संरचना के अनुरूप सर्जरी की योजना तैयार की जा सकती है।

विशेषज्ञ टीम और एकीकृत सुविधाएँ

मेडिवर्सल की ऑर्थोपेडिक टीम में डॉ. निशिकांत कुमार, डॉ. गुरुदेव, डॉ. सौरभ चौधरी, डॉ. रमित गुंजन और डॉ. आनंद सहित अनुभवी चिकित्सक शामिल हैं। इनके साथ वरिष्ठ रेज़िडेंट्स, फेलोज़ और प्रशिक्षित क्लिनिकल टीम जॉइंट रिप्लेसमेंट एवं जटिल ऑर्थोपेडिक उपचारों में सेवाएँ दे रही है।

प्रबंधन ने बताया कि नई रोबोटिक प्रणाली को अस्पताल की मौजूदा ऑपरेशन थिएटर, क्रिटिकल केयर, डायग्नोस्टिक्स, एनेस्थीसिया और पुनर्वास सेवाओं के साथ पूरी तरह एकीकृत किया गया है।

सरकार और अतिथियों की प्रतिक्रिया

डॉ. अशोक चौधरी और ललन कुमार सर्राफ ने मेडिवर्सल की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बिहार में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और उन्नत चिकित्सा तकनीकों की उपलब्धता राज्य को आधुनिक चिकित्सा के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होगी।

आगे की राह

मेडिवर्सल के निदेशकों ने कहा कि समूह का लक्ष्य केवल अस्पतालों का विस्तार नहीं, बल्कि ऐसी 'टेक्नोलॉजी-फर्स्ट' स्वास्थ्य व्यवस्था विकसित करना है जहाँ विश्वस्तरीय चिकित्सा तकनीक, अनुभवी चिकित्सक और मरीज़-केंद्रित देखभाल एक ही मंच पर उपलब्ध हो। यह कदम बिहार में प्रिसीजन ऑर्थोपेडिक्स और तकनीक-सक्षम सर्जरी की दिशा में नई संभावनाओं का द्वार खोलता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी पहुँच और सामर्थ्य की होगी — क्या रोबोटिक सर्जरी की लागत आम बिहारी मरीज़ की पहुँच में होगी? राज्य में सरकारी अस्पतालों की बुनियादी ऑर्थोपेडिक सेवाएँ अभी भी अपर्याप्त हैं, ऐसे में निजी क्षेत्र की तकनीकी छलाँग तब तक अधूरी रहेगी जब तक इसे किफ़ायती बनाने की कोई ठोस नीति न हो। तकनीक और विशेषज्ञता का यह संगम उत्साहजनक है, परंतु 'टेक्नोलॉजी-फर्स्ट' का नारा तभी सार्थक होगा जब यह सुविधा केवल संपन्न वर्ग तक सीमित न रहे।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेडिवर्सल हॉस्पिटल में रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी क्या है?
यह एक अत्याधुनिक ऑर्थोपेडिक तकनीक है जिसमें रोबोटिक सिस्टम सर्जन को मरीज़ की शारीरिक संरचना के अनुरूप सटीक प्री-ऑपरेटिव प्लानिंग और ऑपरेशन के दौरान अधिक परिशुद्धता प्राप्त करने में सहायता करता है। पटना के कंकड़बाग स्थित मेडिवर्सल हॉस्पिटल में इसे 31 अगस्त को शुरू किया गया।
इस रोबोटिक प्रणाली का उद्घाटन किसने किया?
पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार ने इस रोबोटिक जॉइंट रिप्लेसमेंट प्रणाली का उद्घाटन किया। समारोह में मंत्री डॉ. अशोक चौधरी और ललन कुमार सर्राफ भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
रोबोटिक सर्जरी पारंपरिक जॉइंट रिप्लेसमेंट से कैसे अलग है?
रोबोटिक प्रणाली मरीज़ के घुटने की संरचना और अलाइनमेंट का अधिक विस्तृत आकलन करती है, जिससे व्यक्तिगत शारीरिक ज़रूरत के अनुसार सर्जरी की योजना बनाई जा सकती है। डॉ. निशिकांत कुमार के अनुसार, यह तकनीक चिकित्सक की विशेषज्ञता को प्रतिस्थापित नहीं करती, बल्कि उसे और अधिक प्रभावी बनाती है।
बिहार के मरीज़ों को इस तकनीक से क्या फ़ायदा होगा?
इस सुविधा के शुरू होने से बिहार के मरीज़ों को उन्नत ऑर्थोपेडिक सर्जरी के लिए दिल्ली, मुंबई या अन्य राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। नीतीश कुमार ने उद्घाटन पर कहा कि इससे राज्य में ही गुणवत्तापूर्ण उपचार सुलभ होगा।
मेडिवर्सल की ऑर्थोपेडिक टीम में कौन-कौन से विशेषज्ञ हैं?
मेडिवर्सल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक साइंसेज की टीम में डॉ. निशिकांत कुमार (निदेशक), डॉ. गुरुदेव, डॉ. सौरभ चौधरी, डॉ. रमित गुंजन और डॉ. आनंद शामिल हैं। इनके साथ वरिष्ठ रेज़िडेंट्स, फेलोज़ और प्रशिक्षित क्लिनिकल टीम भी कार्यरत है।
राष्ट्र प्रेस
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