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पीएमसीएच में नए रेडियोलॉजी विभाग का उद्घाटन, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने किया निरीक्षण

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पीएमसीएच में नए रेडियोलॉजी विभाग का उद्घाटन, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने किया निरीक्षण

सारांश

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पीएमसीएच में नए रेडियोलॉजी विभाग का उद्घाटन किया और 5,500 से अधिक बिस्तरों वाले इस अस्पताल में सेवाओं की समीक्षा की। मरीजों से सीधे संवाद के दौरान नर्सिंग शिकायत पर मौके पर ही कार्रवाई हुई — जो जवाबदेही की नई मिसाल है।

मुख्य बातें

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने 23 जून को पीएमसीएच का निरीक्षण किया और टावर-3 में नए रेडियोलॉजी विभाग का उद्घाटन किया।
पीएमसीएच में 5,500 से अधिक बिस्तरों की क्षमता के साथ व्यापक पुनर्विकास और विस्तार जारी है।
मंत्री ने अधिकारियों को लंबित परियोजनाएँ समय-सीमा में पूरी करने और किसी भी कमी की तत्काल रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
मरीज के नर्सिंग सेवाओं की शिकायत पर मंत्री ने मौके पर ही संबंधित स्टाफ से स्पष्टीकरण माँगा।
मंत्री ने पहले ही औचक निरीक्षण और नियमित निगरानी के ज़रिए सुधार का संकल्प लिया था।

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मंगलवार, 23 जून को पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) का औचक निरीक्षण किया और नवनिर्मित टावर-3 की पहली मंजिल पर स्थित नए रेडियोलॉजी विभाग का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों को मिल रही सुविधाओं, चिकित्सा उपकरणों की कार्यप्रणाली और चल रहे निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

उद्घाटन समारोह और निरीक्षण

रेडियोलॉजी विभाग के उद्घाटन समारोह में स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उद्घाटन के पश्चात मंत्री ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों और विभागों का दौरा किया तथा नवस्थापित नैदानिक उपकरणों की कार्यक्षमता का जायजा लिया। उन्होंने रोगी देखभाल सेवाओं, रेडियोलॉजी उपकरणों के संचालन, बुनियादी ढाँचे की स्थिति और अस्पताल में जारी विकास परियोजनाओं की प्रगति का सूक्ष्म परीक्षण किया।

अधिकारियों को सख्त निर्देश

निशांत कुमार ने अस्पताल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी कमी या समस्या की तत्काल रिपोर्ट दी जाए। उन्होंने दोहराया कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आधुनिकीकरण और निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता मानकों से समझौता किए बिना लंबित परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का आदेश दिया।

पीएमसीएच का विस्तार और आधुनिकीकरण

गौरतलब है कि पीएमसीएच में वर्तमान में 5,500 से अधिक बिस्तरों की क्षमता के साथ व्यापक पुनर्विकास और बुनियादी ढाँचे का विस्तार किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना और अस्पताल की रोगी-क्षमता बढ़ाना है। यह बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है, जहाँ राज्यभर से मरीज इलाज के लिए आते हैं।

मरीजों से सीधा संवाद, नर्सिंग शिकायत पर कार्रवाई

अस्पताल परिसर से निकलते समय मंत्री ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधी बातचीत की और उनकी समस्याएँ सुनीं। इसी दौरान एक व्यक्ति ने नर्सिंग सेवाओं के बारे में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर मंत्री ने मौके पर ही संबंधित नर्सिंग स्टाफ से स्पष्टीकरण तलब किया।

पृष्ठभूमि: पहले भी मिल चुकी हैं शिकायतें

यह ऐसे समय में आया है जब निशांत कुमार ने स्वयं स्वीकार किया था कि स्वास्थ्य विभाग का कार्यभार संभालने के बाद से पीएमसीएच की सेवाओं को लेकर बार-बार शिकायतें प्राप्त होती रही हैं। उन्होंने इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए औचक निरीक्षण और नियमित निगरानी जैसे सुधारात्मक उपाय लागू करने का संकेत पहले ही दे दिया था। मंगलवार की यात्रा को इसी दिशा में उठाए गए एक ठोस कदम के रूप में देखा जा रहा है, जिसका लक्ष्य बिहार के प्रमुख सरकारी अस्पताल में जवाबदेही सुनिश्चित करना और रोगी देखभाल को मजबूत करना है। आने वाले दिनों में पीएमसीएच के विकास कार्यों की प्रगति और सेवा सुधार पर सरकार की नज़र बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये निरीक्षण नियमित जवाबदेही की संस्कृति में बदलेंगे या केवल एक बार की मीडिया-उपस्थिति बनकर रह जाएंगे। 5,500 बिस्तरों का विस्तार महत्वाकांक्षी है, परंतु बिहार के सरकारी अस्पतालों में स्टाफिंग और रखरखाव की पुरानी समस्याएँ बुनियादी ढाँचे से कहीं अधिक गहरी हैं। मंत्री का मरीजों से सीधा संवाद और नर्सिंग शिकायत पर तत्काल प्रतिक्रिया एक सकारात्मक संकेत है — लेकिन बिना संस्थागत निगरानी तंत्र के, ये कदम दीर्घकालिक बदलाव लाने में सीमित साबित हो सकते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएमसीएच में नए रेडियोलॉजी विभाग का उद्घाटन कब और किसने किया?
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने 23 जून को पीएमसीएच के नवनिर्मित टावर-3 की पहली मंजिल पर स्थित रेडियोलॉजी विभाग का उद्घाटन किया। इस समारोह में स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
पीएमसीएच में कितने बिस्तरों का विस्तार हो रहा है?
पीएमसीएच में वर्तमान में 5,500 से अधिक बिस्तरों की क्षमता के साथ व्यापक पुनर्विकास और बुनियादी ढाँचे का विस्तार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारना और अधिक मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराना है।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पीएमसीएच अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
मंत्री ने अधिकारियों को किसी भी कमी की तत्काल रिपोर्ट देने, गुणवत्ता मानक बनाए रखते हुए लंबित परियोजनाएँ समय-सीमा में पूरी करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
मरीजों की शिकायतों पर मंत्री ने क्या कदम उठाए?
परिसर से निकलते समय एक मरीज ने नर्सिंग सेवाओं की शिकायत की, जिस पर मंत्री निशांत कुमार ने मौके पर ही संबंधित नर्सिंग स्टाफ से स्पष्टीकरण माँगा। उन्होंने पहले भी स्वीकार किया था कि पीएमसीएच की सेवाओं को लेकर बार-बार शिकायतें मिल रही हैं।
पीएमसीएच में सुधार के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे?
मंत्री ने औचक निरीक्षण और नियमित निगरानी को सुधारात्मक उपायों के रूप में लागू करने का संकेत दिया है। मंगलवार का दौरा इसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है, और आने वाले समय में विकास परियोजनाओं की प्रगति पर सरकार की नज़र बनी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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