बिहार स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने जेपी नड्डा से की मुलाकात, सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के विस्तार पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने 8 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से शिष्टाचार भेंट की। इस बैठक में बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, अस्पतालों के आधुनिकीकरण और रेफरल व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब बिहार में स्वास्थ्य ढाँचे को लेकर राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर समन्वय की आवश्यकता बढ़ रही है।
बैठक में उठे मुख्य मुद्दे
बैठक के दौरान रेफरल व्यवस्था को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने, सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों तथा ट्रॉमा सेंटरों के विस्तार पर केंद्रित चर्चा हुई। निशांत कुमार ने केंद्रीय मंत्री को बिहार में चल रही स्वास्थ्य पहलों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गंभीर रोगियों को राज्य के भीतर ही उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
रेफरल व्यवस्था पर विशेष ज़ोर
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बताया कि मौजूदा रेफरल प्रणाली में सुधार से मरीजों को एक स्वास्थ्य केंद्र से दूसरे केंद्र तक जाने में होने वाली कठिनाइयाँ कम होंगी। उन्होंने कहा, 'जरूरत पड़ने पर मरीज को समय पर उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्थान तक पहुँचाना सुनिश्चित किया जाएगा।' यह कदम विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के मरीजों के लिए महत्त्वपूर्ण है।
सुपर स्पेशियलिटी और ट्रॉमा सेंटर विस्तार
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों और ट्रॉमा सेंटरों का विस्तार करने से गंभीर रोगियों को बिहार से बाहर जाने की मजबूरी कम होगी। गौरतलब है कि अभी भी बड़ी संख्या में बिहार के मरीज जटिल उपचार के लिए दिल्ली, मुंबई और वेल्लोर जैसे शहरों का रुख करते हैं। राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार इस प्रवृत्ति को बदलने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
सरकार की प्राथमिकता
निशांत कुमार ने बैठक के बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि 'बिहारवासियों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।' उन्होंने 'स्वस्थ बिहार' के संकल्प को साकार करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण और गुणवत्ता में निरंतर सुधार का भरोसा दिलाया। राज्य सरकार के अनुसार, स्वास्थ्य ढाँचे को मजबूत करने के लिए केंद्र के साथ समन्वय जारी रहेगा।
आगे की राह
यह बैठक केंद्र-राज्य स्वास्थ्य सहयोग की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले समय में बिहार में नए ट्रॉमा सेंटरों की स्थापना और मौजूदा जिला अस्पतालों के उन्नयन की योजनाओं पर अमल की उम्मीद है। राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और केंद्र के सहयोग से बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव की संभावना बनती दिख रही है।