25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली छावनी अस्पताल में रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सिस्टम लॉन्च, 1 साल में मिलेंगी ये हाईटेक सुविधाएं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली छावनी अस्पताल में रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सिस्टम लॉन्च, 1 साल में मिलेंगी ये हाईटेक सुविधाएं

सारांश

दिल्ली छावनी के कैंटोनमेंट जनरल हॉस्पिटल में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सिस्टम और मातृत्व ऑपरेशन थिएटर का उद्घाटन किया। 3 महीने में डायलिसिस सेंटर और ICU अपग्रेड, 1 साल में PICU, NICU, MRI, कैंसर स्क्रीनिंग जैसी हाईटेक सुविधाएं मिलेंगी।

मुख्य बातें

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 24 अप्रैल 2025 को दिल्ली छावनी के कैंटोनमेंट जनरल हॉस्पिटल में रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सिस्टम और मातृत्व ऑपरेशन थिएटर का उद्घाटन किया।
रोबोटिक सिस्टम से हड्डियों की जटिल सर्जरी अधिक सटीक होगी, मरीजों को कम दर्द और तेज रिकवरी मिलेगी।
अगले 3 महीनों में डायलिसिस सेंटर, CSSD, ICU अपग्रेड और लैब विस्तार की योजना है।
1 वर्ष में PICU, NICU, CT स्कैन, MRI, कैंसर स्क्रीनिंग यूनिट और सर्जिकल ICU जोड़े जाएंगे।
रक्षा संपदा महानिदेशक शोभा गुप्ता ने इसे सामुदायिक भलाई की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
इन सुविधाओं का लाभ दिल्ली छावनी क्षेत्र और आसपास के नगर निगम क्षेत्रों के हजारों निवासियों को मिलेगा।

नई दिल्ली, 23 अप्रैल 2025। दिल्ली छावनी के कैंटोनमेंट जनरल हॉस्पिटल में रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सिस्टम की शुरुआत के साथ भारतीय सेना से जुड़ी चिकित्सा सेवाओं ने एक नई तकनीकी छलांग लगाई है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने गुरुवार, 24 अप्रैल को इस अत्याधुनिक प्रणाली और एक नए मातृत्व ऑपरेशन थिएटर का औपचारिक उद्घाटन किया। यह पहल छावनी क्षेत्र के हजारों निवासियों के लिए उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का द्वार खोलती है।

रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सिस्टम: क्या है और क्यों है खास?

रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सिस्टम हड्डियों और जोड़ों की जटिल सर्जरी को पहले से कहीं अधिक सटीक बनाता है। इस तकनीक की सहायता से ऑपरेशन के दौरान मानवीय त्रुटि की संभावना न्यूनतम हो जाती है, जिससे मरीज को कम दर्द सहना पड़ता है और रिकवरी का समय भी घटता है।

विशेषज्ञों के अनुसार घुटना प्रत्यारोपण, कूल्हे की सर्जरी और रीढ़ से जुड़े जटिल मामलों में यह तकनीक डॉक्टरों को रियल-टाइम 3D मार्गदर्शन प्रदान करती है। अब तक इस स्तर की सुविधा केवल बड़े निजी अस्पतालों में उपलब्ध थी, जिसके लिए मरीजों को भारी खर्च उठाना पड़ता था।

मातृत्व ऑपरेशन थिएटर: सुरक्षित प्रसव की नई व्यवस्था

नवनिर्मित मातृत्व ऑपरेशन थिएटर को विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है। यहां प्रसव से जुड़ी सर्जरी के लिए आधुनिक उपकरण और संक्रमण-नियंत्रण प्रणाली स्थापित की गई है।

यह थिएटर उन महिलाओं के लिए विशेष राहत है जो छावनी क्षेत्र में रहती हैं और जिन्हें अब तक जटिल प्रसव के लिए दूर के बड़े अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता था।

अगले 3 महीनों में होंगे ये बड़े बदलाव

उद्घाटन समारोह में अस्पताल के आगामी विकास रोडमैप की भी जानकारी दी गई। अगले 3 महीनों में निम्नलिखित सुविधाएं जोड़ी जाएंगी:

  • डायलिसिस सेंटर की स्थापना
  • सेंट्रल स्टेराइल सर्विसेज विभाग (CSSD) का निर्माण
  • आईसीयू (ICU) का उन्नयन
  • पैथोलॉजी लैब का विस्तार

1 साल में मिलेंगी ये हाईटेक सुविधाएं

1 वर्ष की समयसीमा में अस्पताल में कई और महत्वपूर्ण इकाइयां स्थापित होंगी। इनमें शामिल हैं:

  • बच्चों के लिए पीडियाट्रिक आईसीयू (PICU)
  • नवजात शिशुओं के लिए नियोनेटल आईसीयू (NICU)
  • सीटी स्कैन और एमआरआई जांच सुविधाएं
  • कैंसर स्क्रीनिंग यूनिट
  • हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU)
  • मल्टीस्पेशलिटी वार्ड और सर्जिकल आईसीयू

रक्षा सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिक्रिया

रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि सैन्य छावनी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी पहल न केवल लोगों का जीवन आसान बनाती हैं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र में भरोसा भी बढ़ाती हैं।

इस अवसर पर रक्षा संपदा महानिदेशक शोभा गुप्ता भी उपस्थित रहीं। उन्होंने इस पहल को सामुदायिक भलाई की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि इससे छावनी क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।

आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि दिल्ली छावनी क्षेत्र में न केवल सैन्य कर्मी बल्कि बड़ी संख्या में नागरिक भी निवास करते हैं। इन नई सुविधाओं से छावनी क्षेत्र के साथ-साथ आसपास के नगर निगम क्षेत्रों के निवासियों को भी लाभ मिलेगा।

यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार आयुष्मान भारत और स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत सार्वजनिक अस्पतालों को उन्नत करने पर जोर दे रही है। रक्षा मंत्रालय के अधीन अस्पतालों का यह आधुनिकीकरण उस व्यापक नीतिगत दिशा का हिस्सा है जिसमें बड़े निजी अस्पतालों पर निर्भरता घटाकर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों को सक्षम बनाना है।

आने वाले महीनों में इस अस्पताल के पूर्ण रूपांतरण के बाद यह दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों में से एक बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह उस बड़े बदलाव का संकेत है जहां रक्षा मंत्रालय अपने नागरिक दायित्वों को गंभीरता से ले रहा है। विडंबना यह है कि जो सुविधाएं अब तक केवल लाखों रुपये खर्च करने वाले निजी अस्पतालों में मिलती थीं, वे अब सरकारी छावनी अस्पताल में उपलब्ध होंगी — यह आम नागरिक के लिए सीधी राहत है। हालांकि असली परीक्षा इन सुविधाओं के क्रियान्वयन की समयसीमा पर होगी, क्योंकि सरकारी परियोजनाओं में देरी एक पुरानी समस्या रही है। राष्ट्र प्रेस इस रोडमैप की प्रगति पर नजर रखेगा।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली छावनी अस्पताल में रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सिस्टम क्या है?
रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सिस्टम एक उन्नत तकनीक है जो हड्डियों और जोड़ों की सर्जरी को अधिक सटीक और सुरक्षित बनाती है। इससे मरीज को कम दर्द होता है और रिकवरी का समय भी कम हो जाता है।
दिल्ली छावनी अस्पताल में किसने रोबोटिक सिस्टम का उद्घाटन किया?
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने 24 अप्रैल 2025 को दिल्ली छावनी के कैंटोनमेंट जनरल हॉस्पिटल में रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सिस्टम और मातृत्व ऑपरेशन थिएटर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर रक्षा संपदा महानिदेशक शोभा गुप्ता भी उपस्थित थीं।
दिल्ली छावनी अस्पताल में अगले 1 साल में कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?
अगले 1 साल में पीडियाट्रिक आईसीयू, नियोनेटल आईसीयू, सीटी स्कैन, एमआरआई, कैंसर स्क्रीनिंग यूनिट, हाई डिपेंडेंसी यूनिट और सर्जिकल आईसीयू जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। अगले 3 महीनों में डायलिसिस सेंटर और CSSD भी स्थापित होगा।
दिल्ली छावनी अस्पताल में मातृत्व ऑपरेशन थिएटर का क्या महत्व है?
मातृत्व ऑपरेशन थिएटर को गर्भवती महिलाओं की सुरक्षित डिलीवरी के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इसमें आधुनिक उपकरण और संक्रमण-नियंत्रण प्रणाली लगाई गई है, जिससे प्रसव संबंधी सर्जरी अधिक सुरक्षित होगी।
रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सर्जरी से मरीजों को क्या फायदा होगा?
रोबोटिक ऑर्थोपेडिक सर्जरी से घुटना प्रत्यारोपण और कूल्हे जैसी जटिल सर्जरी में सटीकता बढ़ती है। मरीज को कम दर्द होता है, रिकवरी जल्दी होती है और परिणाम बेहतर मिलते हैं — वो भी सरकारी अस्पताल में निशुल्क या कम खर्च पर।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले