राहुल गांधी पितृसत्ता के समर्थक, महिला अधिकारों का दिखावा: सीएम पुष्कर सिंह धामी का हमला
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 3 अगस्त को देहरादून में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। धामी ने केरल के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद के उस बयान को महिला-विरोधी करार दिया, जिसमें कथित तौर पर महिलाओं को घर की चारदीवारी तक सीमित रखने की वकालत की गई थी। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी को महिला अधिकारों के प्रति पार्टी की 'असली सोच' का आईना बताया।
मुख्यमंत्री धामी के मुख्य आरोप
सीएम धामी ने कहा कि भारतीय संस्कृति और शास्त्रों में नारी को देवी का दर्जा दिया गया है — 'जहाँ नारियों का सम्मान होता है, वहाँ देवताओं का वास होता है।' उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी एक ओर महिला अधिकारों की बात करते हैं, दूसरी ओर कभी मनुस्मृति का हवाला देते हैं और कभी सनातन धर्म के विरुद्ध बोलते हैं। धामी के अनुसार, कांग्रेस नेताओं ने सनातन की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से की है, जिस पर राहुल गांधी ने कभी कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया।
ग्रैंड मुफ्ती के बयान पर सीधा सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को ग्रैंड मुफ्ती के बयान पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण देना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व ने अब तक चुप्पी साध रखी है। धामी ने इसे 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक' बताते हुए कहा कि ऐसे बयान के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होना यह दर्शाता है कि कांग्रेस महिलाओं की स्वतंत्रता और अधिकारों को लेकर कितनी गंभीर है।
BJP सरकार की महिला सशक्तिकरण की दलील
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं को शिक्षा, रोज़गार, उद्यमिता, सेना, खेल और राजनीति — हर क्षेत्र में समान अवसर देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आज देश की बेटियाँ हर मोर्चे पर आगे बढ़ रही हैं, जो सरकार की नीतियों का परिणाम है।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच सनातन धर्म और अल्पसंख्यक नेताओं के बयानों को लेकर तीखी बहस चल रही है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान चुनावी ध्रुवीकरण की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं। कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।