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नेपाल बाढ़ राहत: 'ग्लोबल सिख्स' संग ब्रिटिश काउंसलर जॉन लैप्सा, मृतकों की संख्या 1,252 पहुंची

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नेपाल बाढ़ राहत: 'ग्लोबल सिख्स' संग ब्रिटिश काउंसलर जॉन लैप्सा, मृतकों की संख्या 1,252 पहुंची

सारांश

नेपाल में बाढ़ से 1,252 लोगों की मौत के बाद राहत अभियान तेज़। ब्रिटिश काउंसलर जॉन मार्क्स लैप्सा 'ग्लोबल सिख्स' की चार टीमों के साथ काठमांडू में बेघरों के लिए कैंप, लंगर और खोज-बचाव अभियान चला रहे हैं। एक लापता भारतीय नागरिक की तलाश के लिए हेलीकॉप्टर भी किराए पर लिया गया है।

मुख्य बातें

नेपाल बाढ़ आपदा के 9 दिन बाद मृतकों की संख्या 1,252 तक पहुँची — राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार।
कोवेंट्री सिटी के काउंसलर और ब्रिटिश सेना के पूर्व सैनिक जॉन मार्क्स लैप्सा 'ग्लोबल सिख्स' के साथ काठमांडू में राहत कार्य में जुटे हैं।
'ग्लोबल सिख्स' की चार टीमें — खोज-बचाव, आकलन, लंगर-शेल्टर और कैंप — मैदान में सक्रिय हैं।
एक लापता भारतीय नागरिक की तलाश के लिए संगठन ने हेलीकॉप्टर किराए पर लिया है।
'ग्लोबल सिख्स' को आपदा राहत में लगभग 15 साल का अनुभव है।

नेपाल में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के 9 दिन बाद भी राहत और बचाव का काम जारी है। काठमांडू में कोवेंट्री सिटी के काउंसलर और ब्रिटिश सेना के पूर्व सैनिक जॉन मार्क्स लैप्सा मानवीय सेवा संगठन 'ग्लोबल सिख्स' के साथ मिलकर पीड़ितों की मदद में जुटे हैं। नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के आँकड़ों के अनुसार, गुरुवार दोपहर 12 बजे तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,252 हो चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

लैप्सा ने बताया कि 'ग्लोबल सिख्स' की चार टीमें अलग-अलग मोर्चों पर काम कर रही हैं। पहली टीम खोज और बचाव (सर्च एंड रेस्क्यू) अभियान चला रही है। दूसरी टीम प्रभावित क्षेत्रों का आकलन (असेसमेंट) कर रही है। तीसरी टीम बाढ़ग्रस्त इलाकों में लंगर और आश्रय (शेल्टर) मुहैया करा रही है। चौथी टीम एक स्थानीय समूह के साथ मिलकर बेघर हुए लोगों के लिए कैंप स्थापित कर रही है।

लैप्सा ने बताया, "हम यहाँ आए तो शेल्टर एकदम खाली था, लेकिन अब यह पूरी तरह भर गया है। मुझे पता चला कि हर एक शख्स का कोई न कोई पारिवारिक सदस्य लापता है। हम उन्हें खाना खिलाने, काम में तालमेल बिठाने और रहने की जगह देने में मदद करेंगे।"

आगामी राहत अभियान की योजना

लैप्सा ने बताया कि अगले कुछ दिनों में एक टीम उस इलाके के लिए रवाना होगी जहाँ एक भारतीय नागरिक लापता बताए जा रहे हैं। इसके लिए 'ग्लोबल सिख्स' ने एक हेलीकॉप्टर किराए पर लिया है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं जाना चाहते थे, लेकिन ब्रिटिश पासपोर्ट होने के कारण उन्हें रोका गया। इसके अलावा, अन्य प्रभावित इलाकों में टेंट, खाना और साफ पानी पहुँचाने के लिए भी टीमें तैयार हैं।

'ग्लोबल सिख्स' की विशेषज्ञता

लैप्सा ने संगठन के काम की सराहना करते हुए कहा, "'ग्लोबल सिख्स' को इस काम का लगभग 15 साल का अनुभव है। उनका सेटअप बेहद प्रोफेशनल है — वे तैयार हैं और उनकी टीमें मैदान में काम कर रही हैं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी सेना की पृष्ठभूमि लॉजिस्टिक्स और समस्या-समाधान में सहायक सिद्ध हो रही है।

आपदा का दायरा और मृतकों की संख्या

नेपाल में आई इस आपदा को 9 दिन पूरे हो चुके हैं। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार अब तक 1,252 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। दुनिया के कई देशों और संगठनों ने राहत कार्यों में हाथ बँटाया है।

आने वाले दिनों में जैसे-जैसे बचाव दल दूरदराज के इलाकों तक पहुँचेंगे, राहत कार्यों की व्यापकता और बढ़ने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रतिस्पर्धी नहीं। हालाँकि, यह सवाल भी उठता है कि जब 1,252 मौतें हो चुकी हों और सैकड़ों लापता हों, तो अंतरराष्ट्रीय समन्वय और पासपोर्ट-संबंधी प्रतिबंध राहत कार्यों में कितनी बाधा डालते हैं। दीर्घकालिक पुनर्वास की योजना अभी भी सार्वजनिक नहीं है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार गुरुवार दोपहर 12 बजे तक मृतकों की संख्या 1,252 तक पहुँच गई है। आपदा को 9 दिन हो चुके हैं और बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं।
'ग्लोबल सिख्स' नेपाल में क्या काम कर रहा है?
'ग्लोबल सिख्स' की चार टीमें नेपाल में खोज-बचाव, स्थिति आकलन, लंगर-आश्रय और बेघर लोगों के लिए कैंप स्थापित करने का काम कर रही हैं। संगठन के पास आपदा राहत में लगभग 15 साल का अनुभव है।
जॉन मार्क्स लैप्सा कौन हैं और वे नेपाल क्यों आए?
जॉन मार्क्स लैप्सा कोवेंट्री सिटी के काउंसलर और ब्रिटिश सेना के पूर्व सैनिक हैं। वे 'ग्लोबल सिख्स' के साथ मिलकर नेपाल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए काठमांडू पहुँचे हैं और अपनी सैन्य पृष्ठभूमि से लॉजिस्टिक्स में योगदान दे रहे हैं।
लापता भारतीय नागरिक की तलाश के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
'ग्लोबल सिख्स' ने एक लापता भारतीय नागरिक की खोज के लिए हेलीकॉप्टर किराए पर लिया है। एक टीम उस प्रभावित इलाके के लिए रवाना होने की तैयारी में है जहाँ वे लापता बताए जा रहे हैं।
नेपाल बाढ़ राहत में अंतरराष्ट्रीय मदद किस रूप में आ रही है?
दुनिया के कई देशों और संगठनों ने राहत में हाथ बँटाया है। 'ग्लोबल सिख्स' जैसे प्रवासी समुदाय-आधारित संगठन टेंट, खाना, साफ पानी और आश्रय मुहैया करा रहे हैं। ब्रिटिश काउंसलर जॉन लैप्सा जैसे व्यक्तिगत स्तर पर भी लोग आगे आ रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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