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नेपाल बाढ़ त्रासदी: मृतक संख्या 1,003 पार, 3,916 लापता — 21,000 से अधिक जवान राहत में जुटे

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नेपाल बाढ़ त्रासदी: मृतक संख्या 1,003 पार, 3,916 लापता — 21,000 से अधिक जवान राहत में जुटे

सारांश

नेपाल में बाढ़ की त्रासदी गहराती जा रही है — मृतक 1,003 और लापता 3,916। 583 विदेशी नागरिक भी लापता हैं, जलविद्युत परियोजनाओं में 639 मज़दूरों का पता नहीं। 21,314 जवान राहत में जुटे हैं और 11,884 लोगों को बचाया जा चुका है।

मुख्य बातें

एनडीआरआरएमए के अनुसार नेपाल बाढ़ में अब तक 1,003 शव बरामद हो चुके हैं।
सर्वाधिक 321 शव चितवन और 216 शव नवलपरासी से मिले हैं।
3,916 लोग लापता हैं, जिनमें 583 विदेशी नागरिक और सुरक्षाबलों के जवान शामिल हैं।
भोटेकोशी और त्रिशूली नदी की जलविद्युत परियोजनाओं में 639 मज़दूर लापता।
कुल 21,314 सुरक्षाकर्मी तैनात; अब तक 11,884 लोगों को सुरक्षित बचाया गया।
अज्ञात शवों को पहचान के लिए 21 स्थानों पर रखा गया है।

नेपाल में पिछले सप्ताह आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या 1,003 तक पहुँच गई है, जबकि 3,916 लोग अभी भी लापता हैं। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने मंगलवार, 1 सितंबर को जारी ताज़े आँकड़ों में यह जानकारी दी। नदी किनारों से शवों की बरामदगी का सिलसिला अभी भी जारी है।

मृतक और लापता: ज़िलेवार तस्वीर

एनडीआरआरएमए के अनुसार, सर्वाधिक 321 शव दक्षिणी चितवन जिले से बरामद हुए हैं, जबकि पूर्वी नवलपरासी में 216 शव मिले हैं। लापता 3,916 लोगों में 583 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जिनसे अब तक संपर्क स्थापित नहीं हो पाया है। लापता लोगों में नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल, नेपाल पुलिस के जवान और अन्य सरकारी कर्मचारी भी हैं।

जलविद्युत परियोजनाओं में फँसे मज़दूर

भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के किनारे स्थित विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत 639 लोग अभी भी लापता हैं। नेपाली सेना ने बताया कि वह विदेशी विशेषज्ञों की सहायता से चिलिमे हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, लांगटांग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, अपर त्रिशूली-1 और त्रिशूली-3ए सहित अन्य स्थलों पर संयुक्त बचाव अभियान चला रही है। बाढ़ के तत्काल बाद शुरू किए गए अभियान में हाइड्रोपावर क्षेत्रों से 279 लोगों को जीवित बचाया गया — जिनमें अपर त्रिशूली-3ए से 221, अपर त्रिशूली-1 से 33 और मैलुंग से 9 लोग शामिल हैं।

राहत एवं बचाव अभियान

प्रभावित जिलों में तलाशी, बचाव और राहत कार्यों के लिए कुल 21,314 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं — इनमें नेपाली सेना के 9,199, नेपाल पुलिस के 7,912 और सशस्त्र पुलिस बल के 4,203 जवान शामिल हैं। अब तक 11,884 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। सुरक्षा एजेंसियाँ दुर्गम इलाकों में फँसे लोगों तक पहुँचने के लिए हेलीकॉप्टर और अन्य संसाधनों का उपयोग कर रही हैं।

घायल और अज्ञात शव

एनडीआरआरएमए के मुताबिक, इस आपदा में 279 लोग घायल हुए हैं। अज्ञात शवों की पहचान और उचित प्रबंधन के लिए उन्हें 21 अलग-अलग स्थानों पर रखा गया है। खोज, पहचान और घायलों-मृतकों का पूरा ब्योरा जुटाने का काम अभी भी जारी है।

आगे की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल हर मानसून सीज़न में बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में आता है, लेकिन इस वर्ष की तबाही पिछले कई दशकों में सबसे भीषण मानी जा रही है। गौरतलब है कि जलविद्युत परियोजनाओं में बड़ी संख्या में विदेशी श्रमिकों का लापता होना इस आपदा को अंतरराष्ट्रीय आयाम भी दे रहा है। राहत अभियान जारी रहने के साथ मृतक और लापता लोगों की संख्या में और बदलाव संभव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या प्रभावी नहीं रहे। नेपाल हर साल मानसून में जानें गँवाता है, फिर भी बाढ़-संभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे की भेद्यता पर नीतिगत बहस सीमित रहती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़र अब इस पर है, लेकिन असली जवाबदेही का सवाल तब उठेगा जब राहत की सुर्खियाँ ठंडी पड़ जाएँगी।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेपाल बाढ़ में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
एनडीआरआरएमए के 1 सितंबर के ताज़े आँकड़ों के अनुसार, नेपाल बाढ़ में अब तक 1,003 शव बरामद हो चुके हैं। सबसे अधिक 321 शव चितवन और 216 शव नवलपरासी जिले से मिले हैं।
नेपाल बाढ़ में कितने लोग लापता हैं?
एनडीआरआरएमए के अनुसार 3,916 लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें 583 विदेशी नागरिक शामिल हैं। लापता लोगों में नेपाली सेना, पुलिस और सरकारी कर्मचारी भी हैं।
जलविद्युत परियोजनाओं में कितने मज़दूर लापता हैं?
भोटेकोशी और त्रिशूली नदी किनारे की विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत 639 मज़दूर लापता हैं। नेपाली सेना विदेशी विशेषज्ञों की मदद से चिलिमे, लांगटांग, अपर त्रिशूली-1 और त्रिशूली-3ए समेत कई स्थलों पर बचाव अभियान चला रही है।
नेपाल बाढ़ राहत अभियान में कितने जवान तैनात हैं?
कुल 21,314 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं — नेपाली सेना के 9,199, नेपाल पुलिस के 7,912 और सशस्त्र पुलिस बल के 4,203 जवान। अब तक 11,884 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है।
नेपाल की यह बाढ़ इतनी विनाशकारी क्यों है?
नेपाल हर मानसून सीज़न में बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में आता है, लेकिन इस वर्ष की तबाही पिछले कई दशकों में सबसे भीषण मानी जा रही है। भोटेकोशी और त्रिशूली जैसी नदियों में अचानक आई बाढ़ ने नदी किनारे की बस्तियों और जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुँचाया।
राष्ट्र प्रेस
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