1 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मुंबई आरपीएफ का अगस्त में बड़ा अभियान: 2,581 मामले दर्ज, ₹32.26 लाख जुर्माना वसूला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मुंबई आरपीएफ का अगस्त में बड़ा अभियान: 2,581 मामले दर्ज, ₹32.26 लाख जुर्माना वसूला

सारांश

मुंबई सेंट्रल डिवीजन में आरपीएफ का अगस्त अभियान सिर्फ आँकड़ों की कहानी नहीं — 2,581 मामले और ₹32.26 लाख जुर्माना बताते हैं कि रेलवे परिसर में नियम-उल्लंघन कितना व्यापक है। अवैध वेंडिंग अकेले कुल वसूली का आधा हिस्सा है।

मुख्य बातें

आरपीएफ मुंबई सेंट्रल डिवीजन ने अगस्त 2026 में 2,581 मामले दर्ज किए और ₹32.26 लाख से अधिक जुर्माना वसूला।
धारा 144 के तहत 774 अवैध वेंडरों से ₹15,48,000 वसूले गए — कुल जुर्माने का सबसे बड़ा हिस्सा।
धारा 147 के तहत ट्रैक अतिक्रमण में 985 लोग पकड़े गए; जुर्माना ₹4,92,500 ।
धारा 155 के तहत दिव्यांग कोच उल्लंघन में 474 लोगों पर ₹9.48 लाख जुर्माना।
धारा 162 के तहत लेडीज कोच उल्लंघन में 83 लोग पकड़े गए; जुर्माना ₹2,07,500 ।
शराब तस्करी में 32 लोग गिरफ्तार; 211 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों पर जबरन वसूली के आरोप में कार्रवाई।

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अगस्त 2026 में मुंबई सेंट्रल डिवीजन में यात्री सुरक्षा और रेलवे नियमों के उल्लंघन के खिलाफ व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाते हुए 2,581 मामले दर्ज किए और ₹32.26 लाख से अधिक का जुर्माना वसूला। संशोधित रेलवे अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत की गई इस कार्रवाई में अनाधिकृत प्रवेश से लेकर अवैध वेंडिंग और महिला-दिव्यांग कोच उल्लंघन तक कई श्रेणियाँ शामिल रहीं।

अनाधिकृत प्रवेश और ट्रैक अतिक्रमण

रेलवे ट्रैक पर अनाधिकृत रूप से घुसने के मामलों में धारा 147 के तहत 985 लोगों को पकड़ा गया और उनसे ₹4,92,500 का जुर्माना वसूला गया। आरपीएफ के अनुसार इस कार्रवाई का उद्देश्य प्रतिबंधित रेलवे क्षेत्रों में अनधिकृत आवाजाही से उत्पन्न दुर्घटना जोखिम को कम करना था।

महिला और दिव्यांग कोच उल्लंघन

महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए धारा 162 के तहत लेडीज कोच में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले 83 लोगों को हिरासत में लिया गया और ₹2,07,500 का जुर्माना लगाया गया। दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित कोच में अनाधिकृत यात्रा के मामले में धारा 155 के तहत 474 लोगों पर कार्रवाई की गई और लगभग ₹9.48 लाख जुर्माना वसूला गया। गौरतलब है कि ये दोनों श्रेणियाँ कुल मामलों का एक बड़ा हिस्सा बनाती हैं, जो दर्शाता है कि आरक्षित कोच उल्लंघन मुंबई की लोकल ट्रेन प्रणाली में एक लगातार बनी रहने वाली चुनौती है।

अवैध वेंडिंग और अन्य उल्लंघन

रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में गैर-कानूनी तरीके से सामान बेचने वाले हॉकरों के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई हुई — धारा 144 के तहत 774 अवैध वेंडरों को पकड़ा गया और ₹15,48,000 का जुर्माना वसूला गया, जो कुल वसूली का लगभग आधा हिस्सा है। इसके अतिरिक्त, धारा 145-बी के तहत जबरन वसूली और उत्पीड़न के आरोप में 211 ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया।

शराब तस्करी, धूम्रपान और अन्य मामले

रेलवे परिसर में शराब की अवैध ढुलाई के मामले में 32 लोगों को पकड़ा गया। नो-पार्किंग जोन उल्लंघन के लिए धारा 159 के तहत 6 लोगों पर ₹3,000 का जुर्माना लगाया गया। धूम्रपान के लिए धारा 167 के तहत 3 लोगों पर प्रत्येक को ₹6,000 का जुर्माना लगाया गया। ट्रेन और कोच पर पोस्टर-स्टिकर चिपकाने के मामले में धारा 166 के तहत 10 लोगों पर ₹20,000 का जुर्माना लगाया गया।

व्यक्तिगत उल्लंघन के मामले

एक व्यक्ति को चलती ट्रेन के फुटबोर्ड पर खतरनाक ढंग से यात्रा करते पकड़ा गया और उस पर ₹1,000 का जुर्माना लगाया गया। बिना ठोस कारण अलार्म चेन खींचने का एक मामला भी दर्ज हुआ, जबकि एक संदिग्ध आदतन अपराधी को यात्री का सामान चुराते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। यह अभियान आरपीएफ की मुंबई में रेलवे सुरक्षा को व्यवस्थित और निरंतर प्रवर्तन के ज़रिए मज़बूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

581 मामले और ₹32.26 लाख की वसूली एक माह के लिए प्रभावशाली लगती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह प्रवर्तन टिकाऊ है या महज एक मौसमी अभियान। अवैध वेंडिंग से आधी से अधिक राशि आना यह दर्शाता है कि रेलवे परिसर में अनौपचारिक अर्थव्यवस्था गहरी जड़ें जमाए है — जुर्माने से वह खत्म नहीं होगी, बल्कि उसके लिए संरचनात्मक विकल्प चाहिए। दिव्यांग और महिला कोच उल्लंघन के सैकड़ों मामले बताते हैं कि जागरूकता अभियान अभी पर्याप्त नहीं रहे। जब तक नियमित और पारदर्शी प्रवर्तन डेटा सार्वजनिक नहीं होता, इन अभियानों की दीर्घकालिक प्रभावशीलता को आँकना कठिन है।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई आरपीएफ ने अगस्त में कितने मामले दर्ज किए और कितना जुर्माना वसूला?
आरपीएफ मुंबई सेंट्रल डिवीजन ने अगस्त 2026 में 2,581 मामले दर्ज किए और संशोधित रेलवे अधिनियम के तहत ₹32.26 लाख से अधिक जुर्माना वसूला। यह अभियान अनाधिकृत प्रवेश, अवैध वेंडिंग और कोच उल्लंघन सहित कई श्रेणियों में चला।
आरपीएफ के इस अभियान में किन-किन उल्लंघनों पर कार्रवाई हुई?
अभियान में ट्रैक अतिक्रमण (धारा 147), लेडीज कोच उल्लंघन (धारा 162), दिव्यांग कोच उल्लंघन (धारा 155), अवैध वेंडिंग (धारा 144), शराब तस्करी, नो-पार्किंग उल्लंघन, धूम्रपान, पोस्टर-स्टिकर और फुटबोर्ड यात्रा जैसे मामले शामिल थे।
अवैध वेंडरों पर क्या कार्रवाई हुई?
धारा 144 के तहत 774 अवैध वेंडरों को पकड़ा गया और ₹15,48,000 का जुर्माना वसूला गया, जो कुल वसूली का लगभग आधा हिस्सा है। यह आँकड़ा रेलवे परिसर में अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों की व्यापकता को दर्शाता है।
महिला और दिव्यांग यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए?
लेडीज कोच में अनाधिकृत प्रवेश के 83 मामलों में ₹2,07,500 और दिव्यांग कोच उल्लंघन के 474 मामलों में ₹9.48 लाख जुर्माना वसूला गया। इन कार्रवाइयों का उद्देश्य आरक्षित कोचों में विशेष यात्रियों के अधिकारों की रक्षा करना था।
आरपीएफ के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या था?
अभियान का मुख्य उद्देश्य मुंबई की रेलवे प्रणाली में यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल बनाना था। आरपीएफ के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले