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पूर्वी रेलवे RPF ने दिव्यांगजन कोच अग्निकांड सुलझाया, आरोपी 29 जून को साहिबगंज से गिरफ्तार

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पूर्वी रेलवे RPF ने दिव्यांगजन कोच अग्निकांड सुलझाया, आरोपी 29 जून को साहिबगंज से गिरफ्तार

सारांश

बरहरवा से चली ट्रेन के दिव्यांगजन कोच में सिगरेट बुझाने की कोशिश में भड़की आग का रहस्य RPF ने सीसीटीवी और गुप्त सूचना के बल पर सुलझाया। आरोपी 8 दिन बाद उसी ट्रेन में पकड़ा गया और अब 24 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में है।

मुख्य बातें

21 जून 2026 को ट्रेन संख्या 53434 डाउन के दिव्यांगजन कोच के शौचालय में फाइबर ढक्कन जलता मिला था।
बरहरवा और साहिबगंज के सीसीटीवी फुटेज से संदिग्ध की पहचान कपड़ों और चाल-ढाल के आधार पर की गई।
आरोपी को 29 जून 2026 को साहिबगंज स्टेशन पर उसी ट्रेन में गिरफ्तार किया गया।
आरोपी ने स्वीकार किया कि सिगरेट/बीड़ी टॉयलेट के प्लास्टिक ढक्कन पर रगड़ने से आग लगी और घबराहट में वह चलती ट्रेन से कूद गया।
आरोपी पर रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत मामला दर्ज; अदालत ने 24 जुलाई 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेजा।
आईजी अमिया नंदन सिन्हा ने RPF टीम की सतर्कता और तकनीकी जाँच की प्रशंसा की।

पूर्वी रेलवे की रेलवे सुरक्षा बल (RPF) टीम ने ट्रेन संख्या 53434 डाउन (बरहरवा–अजीमगंज पैसेंजर) के दिव्यांगजन कोच में 21 जून 2026 को लगी आग के मामले को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। 29 जून को साहिबगंज स्टेशन पर संदिग्ध को उसी ट्रेन में रंगे हाथ पकड़ा गया और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

21 जून 2026 को बरहरवा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 से ट्रेन के रवाना होने के कुछ ही मिनट बाद यात्रियों ने इमरजेंसी चेन खींच दी। कोच में धुएँ की सूचना मिलते ही अफरा-तफरी मच गई और ट्रेन को तत्काल रोकना पड़ा।

ड्यूटी पर तैनात RPF कांस्टेबल मृत्युंजय कुमार, सब-इंस्पेक्टर लाल बहादुर माझी और कांस्टेबल अनिल कुमार तुरंत मौके पर पहुँचे। जाँच में दिव्यांगजन कोच के शौचालय में पश्चिमी शैली के टॉयलेट पैन का फाइबर ढक्कन जलता हुआ मिला। उल्लेखनीय है कि घटनास्थल पर न तो कागज और न ही कोई ज्वलनशील पदार्थ बरामद हुआ, जिससे मामला और अधिक संदिग्ध हो गया।

जाँच और सीसीटीवी की भूमिका

बरहरवा RPF पोस्ट ने अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध रेलवे अधिनियम की धारा 153 के अंतर्गत मामला दर्ज कर जाँच आरंभ की। इसके बाद RPF टीम ने बरहरवा और साहिबगंज स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से समीक्षा की। संदिग्ध की पहचान उसके कपड़ों और चाल-ढाल के आधार पर की गई।

यह ऐसे समय में आया है जब रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के मामलों में तकनीकी निगरानी की भूमिका लगातार अहम होती जा रही है। गौरतलब है कि सीसीटीवी नेटवर्क के विस्तार ने रेलवे अपराधों के खुलासे की दर में उल्लेखनीय सुधार किया है।

गिरफ्तारी और आरोपी का कबूलनामा

पूर्वी रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देउस्कर के मार्गदर्शन में RPF टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाया। 29 जून 2026 को साहिबगंज स्टेशन पर उसी ट्रेन में सवार संदिग्ध को धर दबोचा गया।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने कोच में सिगरेट/बीड़ी पी और उसे बुझाने के प्रयास में टॉयलेट के प्लास्टिक ढक्कन पर रगड़ दिया, जिससे आग भड़क उठी। घबराहट में वह धीमी गति से चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया था।

न्यायिक कार्रवाई

आरोपी को साहिबगंज की अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे 24 जुलाई 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

पूर्वी रेलवे के आईजी सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमिया नंदन सिन्हा ने RPF टीम की सतर्कता और तकनीकी जाँच-पड़ताल की सराहना की। यह मामला रेलवे सुरक्षा बल की त्वरित प्रतिक्रिया और सीसीटीवी-आधारित साक्ष्य संग्रह की प्रभावशीलता का उदाहरण बनकर सामने आया है। आगे की कानूनी कार्रवाई न्यायालय के निर्देशानुसार जारी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ सबसे संवेदनशील यात्री सफर करते हैं। RPF की सीसीटीवी-आधारित जाँच और गुप्त सूचना नेटवर्क की सफलता सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि कोच में धूम्रपान रोकने के लिए निवारक तंत्र क्यों विफल रहा। रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत कार्रवाई होती है, पर ऐसे मामलों में सज़ा की दर और उसकी निवारक प्रभावशीलता अभी भी बहस का विषय है।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिव्यांगजन कोच में आग कैसे लगी?
आरोपी ने कोच के शौचालय में सिगरेट/बीड़ी पी और उसे बुझाने की कोशिश में टॉयलेट पैन के प्लास्टिक ढक्कन पर रगड़ दिया, जिससे फाइबर ढक्कन में आग लग गई। घबराहट में वह धीमी गति से चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया था।
यह घटना किस ट्रेन में और कब हुई?
यह घटना 21 जून 2026 को ट्रेन संख्या 53434 डाउन (बरहरवा–अजीमगंज पैसेंजर) में हुई। बरहरवा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 से रवाना होने के कुछ मिनट बाद यात्रियों ने चेन खींची और ट्रेन रोकी गई।
RPF ने आरोपी को कैसे पकड़ा?
RPF टीम ने बरहरवा और साहिबगंज स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर संदिग्ध की पहचान उसके कपड़ों और चाल-ढाल से की। इसके बाद गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर 29 जून 2026 को साहिबगंज स्टेशन पर उसी ट्रेन में आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
आरोपी के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई हुई?
आरोपी पर रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया गया है। साहिबगंज की अदालत ने उसे 24 जुलाई 2026 तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
इस मामले में पूर्वी रेलवे के किन अधिकारियों ने भूमिका निभाई?
पूर्वी रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देउस्कर के मार्गदर्शन में RPF टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। RPF कांस्टेबल मृत्युंजय कुमार , सब-इंस्पेक्टर लाल बहादुर माझी और कांस्टेबल अनिल कुमार ने घटनास्थल पर तत्काल कार्रवाई की। आईजी सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त अमिया नंदन सिन्हा ने टीम की प्रशंसा की।
राष्ट्र प्रेस
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