रतलाम में रणथंभौर एक्सप्रेस के कोच से धुआं-चिंगारी, यात्रियों में दहशत; 20 मिनट रुकी ट्रेन
सारांश
मुख्य बातें
रणथंभौर एक्सप्रेस (12465) में 18 जून 2026 की सुबह रतलाम जिले के लूनी-रिछा स्टेशन के निकट उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब इंदौर से जोधपुर जा रही इस ट्रेन के एक जनरल कोच के पहियों से धुआं और चिंगारियां निकलती दिखाई दीं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में किसी यात्री के घायल होने या किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन गुरुवार सुबह करीब 9:45 बजे लूनी-रिछा स्टेशन के पास से गुजर रही थी, जब ट्रेन के पिछले हिस्से में लगे जनरल कोच के पहियों के पास से चिंगारियां निकलती नज़र आईं। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए लोको पायलट ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाए।
ट्रेन रुकते ही संबंधित कोच के नीचे से धुआं उठने लगा। आग लगने की आशंका के चलते बड़ी संख्या में यात्री अपना सामान लेकर कोच से बाहर निकल आए और रेलवे पटरियों पर आ गए। उस समय समानांतर ट्रैक पर एक अन्य ट्रेन भी खड़ी थी, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई।
रेलवे की प्रतिक्रिया
सूचना मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और ट्रेन की विस्तृत जांच की गई। गौरतलब है कि लूनी-रिछा स्टेशन पर रणथंभौर एक्सप्रेस का कोई निर्धारित ठहराव नहीं है। करीब 20 मिनट तक ट्रेन को रोके रखने के बाद तकनीकी टीम की जांच पूरी होने पर उसे आगे रवाना किया गया।
रेलवे का कहना है कि धुआं निकलने के सटीक कारणों की जांच अभी जारी है। शुरुआती अनुमान के अनुसार, इमरजेंसी ब्रेक लगाए जाने की वजह से पहियों में घर्षण हुआ होगा, जिससे यह स्थिति बनी — हालांकि वास्तविक कारण विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनमें बड़ी संख्या में यात्री रेलवे ट्रैक के बीच खड़े दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में धुआं उठता और यात्रियों की भागदौड़ भी स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।
पृष्ठभूमि: रतलाम में पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
यह ऐसे समय में आया है जब रतलाम जिले में ट्रेनों में आग या धुएं की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। 17 मई को इसी जिले में लूनी-रिछा और विक्रमगढ़ स्टेशन के बीच राजधानी एक्सप्रेस (12431) के बी-1 एसी कोच में आग लग गई थी। उस घटना में भी सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था और प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया था। यह रतलाम खंड पर एक महीने से भी कम समय में दूसरी ऐसी घटना है।
क्या होगा आगे
रेलवे अधिकारियों ने संकेत दिया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कोच के रखरखाव और पहियों की तकनीकी स्थिति की समीक्षा की जाएगी। रणथंभौर एक्सप्रेस सुबह 6 बजे इंदौर से रवाना होती है और रात करीब 11 बजे जोधपुर पहुंचती है — यह मार्ग मध्य प्रदेश और राजस्थान के लाखों यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण है।