4 अगस्त 2026
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रतलाम में रणथंभौर एक्सप्रेस के कोच से उठा धुआं, 20 मिनट रुकी ट्रेन; कोई हताहत नहीं

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रतलाम में रणथंभौर एक्सप्रेस के कोच से उठा धुआं, 20 मिनट रुकी ट्रेन; कोई हताहत नहीं

सारांश

रतलाम में रणथंभौर एक्सप्रेस के जनरल कोच से धुआं और चिंगारियां उठते देख यात्री पटरियों पर उतर आए — एक महीने में यही जिला दूसरी बड़ी रेल घटना का गवाह बना। 20 मिनट की जाँच के बाद ट्रेन रवाना हुई, कोई हताहत नहीं।

मुख्य बातें

18 जून 2026 को रणथंभौर एक्सप्रेस (12465) के जनरल कोच के पहियों से धुआं और चिंगारियां निकलने पर रतलाम के लूनी-रिछा स्टेशन के पास ट्रेन रोकी गई।
लोको पायलट ने सुबह 9:45 बजे तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाए; ट्रेन करीब 20 मिनट तक रुकी रही।
घबराए यात्री कोच छोड़कर रेलवे पटरियों पर उतर आए; किसी के घायल होने या जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं।
रेलवे तकनीकी टीम ने मौके पर जाँच की; धुएं का वास्तविक कारण अभी जाँच के दायरे में है।
इससे पहले 17 मई को इसी जिले में राजधानी एक्सप्रेस (12431) के बी-1 एसी कोच में आग लगी थी — एक महीने में दूसरी बड़ी घटना।

रतलाम (मध्य प्रदेश) में 18 जून 2026 को इंदौर-जोधपुर रणथंभौर एक्सप्रेस (12465) के एक जनरल कोच के पहियों से धुआं और चिंगारियां निकलने की घटना ने यात्रियों में भारी दहशत फैला दी। लोको पायलट ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाए और ट्रेन को लूनी-रिछा स्टेशन के पास रोक दिया गया, जहाँ वह करीब 20 मिनट तक खड़ी रही। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस घटना में किसी भी यात्री के घायल होने या जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

घटनाक्रम: कैसे शुरू हुई अफरा-तफरी

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह ट्रेन गुरुवार सुबह करीब 9:45 बजे रतलाम जिले के लूनी-रिछा स्टेशन के निकट से गुजर रही थी, तभी पिछले हिस्से में लगे एक जनरल कोच के पहियों के पास से चिंगारियां निकलती दिखाई दीं। लोको पायलट ने स्थिति भाँपते हुए फौरन इमरजेंसी ब्रेक लगाए।

ट्रेन रुकते ही संबंधित कोच के नीचे से धुआं उठने लगा। किसी ने ट्रेन में आग लगने की आशंका जताई, जिसके बाद बड़ी संख्या में यात्री सामान लेकर कोच से बाहर निकल आए और रेलवे पटरियों पर जमा हो गए। उस समय समानांतर ट्रैक पर एक अन्य ट्रेन भी खड़ी थी, जिससे स्थिति और अधिक अव्यवस्थित हो गई।

रेलवे की त्वरित प्रतिक्रिया

सूचना मिलते ही रेलवे की तकनीकी टीम मौके पर पहुँची और प्रभावित कोच की विस्तृत जाँच की गई। गौरतलब है कि लूनी-रिछा रणथंभौर एक्सप्रेस का निर्धारित ठहराव नहीं है, इसलिए यह रुकाव पूरी तरह आपात स्थिति के चलते हुआ। जाँच के बाद ट्रेन को करीब 20 मिनट की देरी से आगे रवाना किया गया।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि धुएं के वास्तविक कारण की जाँच अभी जारी है। शुरुआती अनुमान के अनुसार इमरजेंसी ब्रेक लगने के कारण पहियों और ब्रेक पैड के बीच घर्षण से यह स्थिति उत्पन्न हुई होगी, हालाँकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जाँच के बाद ही सामने आएगा।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो

घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुए, जिनमें यात्री रेलवे ट्रैक के बीच खड़े दिखाई दे रहे हैं। इन वीडियो ने रेलवे सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि ऐसी किसी भी स्थिति में वे रेलवे ट्रैक पर न उतरें और तुरंत ट्रेन स्टाफ को सूचित करें।

पृष्ठभूमि: एक महीने में दूसरी बड़ी घटना

यह ऐसे समय में आया है जब रतलाम जिले में रेलवे सुरक्षा पहले से ही सवालों के घेरे में है। इससे पहले 17 मई को इसी जिले में लूनी-रिछा और विक्रमगढ़ स्टेशन के बीच राजधानी एक्सप्रेस (12431) के बी-1 एसी कोच में वास्तविक आग लग गई थी। उस घटना में भी सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था और प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया था। एक महीने के भीतर एक ही जिले में दो बड़ी घटनाएँ रेलवे के रखरखाव तंत्र पर गंभीर सवाल उठाती हैं।

ट्रेन का परिचालन विवरण

रणथंभौर एक्सप्रेस (12465) प्रतिदिन सुबह 6 बजे इंदौर से रवाना होती है और रात करीब 11 बजे जोधपुर पहुँचती है। यह ट्रेन मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई प्रमुख स्टेशनों को जोड़ती है और इस मार्ग पर यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जाँच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसी घटनाएँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रणथंभौर एक्सप्रेस में धुआं और चिंगारियां निकलने की घटना कब और कहाँ हुई?
यह घटना 18 जून 2026 को सुबह करीब 9:45 बजे मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में लूनी-रिछा स्टेशन के पास हुई। इंदौर से जोधपुर जा रही रणथंभौर एक्सप्रेस (12465) के एक जनरल कोच के पहियों से धुआं और चिंगारियां निकलती देख लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाए।
क्या इस घटना में कोई यात्री घायल हुआ?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस घटना में किसी भी यात्री के घायल होने या जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है। हालाँकि, यात्री घबराहट में रेलवे पटरियों पर उतर आए, जो स्वयं एक जोखिमपूर्ण स्थिति थी।
रणथंभौर एक्सप्रेस के कोच से धुआं निकलने का कारण क्या था?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार धुएं के वास्तविक कारण की जाँच अभी जारी है। शुरुआती अनुमान यह है कि इमरजेंसी ब्रेक लगने के कारण पहियों और ब्रेक पैड के बीच घर्षण से यह स्थिति उत्पन्न हुई होगी, लेकिन अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जाँच के बाद ही सामने आएगा।
क्या रतलाम में पहले भी ऐसी कोई ट्रेन घटना हुई थी?
हाँ, इससे पहले 17 मई को रतलाम जिले में लूनी-रिछा और विक्रमगढ़ स्टेशन के बीच राजधानी एक्सप्रेस (12431) के बी-1 एसी कोच में वास्तविक आग लग गई थी। उस घटना में भी सभी यात्री सुरक्षित निकाले गए थे और प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग किया गया था।
रणथंभौर एक्सप्रेस (12465) का मार्ग और समय क्या है?
रणथंभौर एक्सप्रेस (12465) प्रतिदिन सुबह 6 बजे इंदौर से रवाना होती है और रात करीब 11 बजे जोधपुर पहुँचती है। यह ट्रेन मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरती है।
राष्ट्र प्रेस
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