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मधुबनी रेलवे स्टेशन पर जयनगर-उधना एक्सप्रेस के कोच में भीषण आग, DRM ने जांच के दिए आदेश

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मधुबनी रेलवे स्टेशन पर जयनगर-उधना एक्सप्रेस के कोच में भीषण आग, DRM ने जांच के दिए आदेश

सारांश

बिहार के मधुबनी स्टेशन पर मरम्मत के लिए खड़ी जयनगर-उधना एक्सप्रेस का एक जनरल कोच 28 मई को जलकर खाक हो गया। कोई यात्री सवार न होने से जानमाल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन दस दिनों में बिहार में यह दूसरी ऐसी घटना है — जो रेलवे की रखरखाव सुरक्षा पर बड़े सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

28 मई को मधुबनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर जयनगर-उधना एक्सप्रेस का जनरल कोच पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया।
कोच मरम्मत के लिए दो दिनों से खड़ी थी; घटना के समय कोई यात्री सवार नहीं था, कोई हताहत नहीं।
दमकलकर्मियों ने आग को अन्य कोचों तक फैलने से रोका; शॉर्ट सर्किट प्रारंभिक संदिग्ध कारण।
समस्तीपुर DRM ज्योति प्रकाश मिश्रा विशेष ट्रेन से मौके पर पहुँचे और उच्च-स्तरीय जांच समिति गठित करने की घोषणा की।
इससे पहले 18 मई को ससाराम-पटना फास्ट पैसेंजर (53212) के कोच में भी आग लगी थी — दस दिनों में दूसरी घटना।

मधुबनी रेलवे स्टेशन पर गुरुवार, 28 मई को जयनगर-उधना एक्सप्रेस के एक जनरल कोच में अचानक आग भड़क उठी, जिससे पूरा डिब्बा जलकर राख हो गया। सौभाग्य से, घटना के समय कोच में कोई यात्री मौजूद नहीं था, इसलिए किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

घटनाक्रम: कैसे लगी आग

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह कोच प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर मरम्मत कार्य के लिए पिछले दो दिनों से खड़ी थी। अचानक उसमें से घना काला धुआं उठने लगा और देखते-देखते लपटें पूरे डिब्बे में फैल गईं। स्टेशन पर मौजूद लोगों ने तत्काल स्टेशन मास्टर को सूचित किया, जिसके बाद दमकल की गाड़ियाँ मौके पर भेजी गईं।

हालाँकि, दमकलकर्मियों के पहुँचने से पहले ही कोच का बड़ा हिस्सा जल चुका था। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और उसे आसपास के अन्य कोचों तक फैलने से रोका गया। इस घटना से स्टेशन परिसर में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।

DRM ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

समस्तीपुर रेलवे मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ज्योति प्रकाश मिश्रा घटना की सूचना मिलते ही एक विशेष ट्रेन से मधुबनी पहुँचे और घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने नुकसान का आकलन किया और संबंधित रेलवे अधिकारियों से आग लगने के कारणों व परिस्थितियों पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की।

मिश्रा ने घटना की गंभीरता को देखते हुए आग के सटीक कारण की पड़ताल करने और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों को चिह्नित करने के लिए एक उच्च-स्तरीय जांच समिति गठित करने की घोषणा की।

संभावित कारण: शॉर्ट सर्किट की आशंका

रेलवे अधिकारियों को कथित तौर पर संदेह है कि आग का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है। हालाँकि, आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सही वजह स्पष्ट हो पाएगी।

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना

गौरतलब है कि यह बिहार में रेल कोच में आग की अकेली घटना नहीं है। इससे पहले 18 मई को ससाराम-पटना फास्ट पैसेंजर ट्रेन (53212) के एक जनरल कोच में भी आग लग गई थी। वह घटना उस समय हुई जब ट्रेन सुबह 6:45 बजे प्रस्थान से पहले प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर खड़ी थी। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, उस घटना में इंजन से पाँचवें कोच में शॉर्ट सर्किट को कारण बताया गया था। दस दिनों के भीतर दो समान घटनाएँ रेलवे की रखरखाव प्रक्रियाओं और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

आगे क्या होगा

जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर रेलवे प्रशासन आगे की कार्रवाई तय करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि मरम्मत के दौरान खड़े कोचों की नियमित विद्युत जाँच और अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना अब और भी ज़रूरी हो गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि पिछली रिपोर्टों की सिफारिशें ज़मीन पर कितनी लागू हुईं। जब तक रेलवे जाँच के नतीजों को सार्वजनिक जवाबदेही से नहीं जोड़ता, ऐसी घटनाएँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मधुबनी रेलवे स्टेशन पर आग कैसे लगी?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जयनगर-उधना एक्सप्रेस का जनरल कोच प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर मरम्मत के लिए खड़ा था, जब उसमें अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जाँच में शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण माना जा रहा है, हालाँकि आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद होगी।
क्या इस घटना में कोई यात्री घायल हुआ?
नहीं, घटना के समय कोच में कोई यात्री सवार नहीं था क्योंकि ट्रेन दो दिनों से मरम्मत के लिए स्टेशन पर खड़ी थी। यात्रियों या रेलवे कर्मचारियों के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
समस्तीपुर DRM ने घटना के बाद क्या कदम उठाए?
DRM ज्योति प्रकाश मिश्रा विशेष ट्रेन से मधुबनी पहुँचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने आग के कारणों की पड़ताल और सुरक्षा खामियों की पहचान के लिए उच्च-स्तरीय जांच समिति गठित करने की घोषणा की तथा अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट माँगी।
क्या बिहार में पहले भी ऐसी घटना हुई है?
हाँ, 18 मई को ससाराम-पटना फास्ट पैसेंजर ट्रेन (53212) के एक जनरल कोच में भी आग लगी थी। वह घटना सुबह 6:45 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर हुई थी और शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इंजन से पाँचवें कोच में शॉर्ट सर्किट इसका कारण था।
आगे की जांच में कितना समय लगेगा?
जांच समिति के गठन की घोषणा हो चुकी है, लेकिन रिपोर्ट की समय-सीमा अभी आधिकारिक रूप से नहीं बताई गई है। जांच के नतीजे आने के बाद ही आग के सटीक कारण और जिम्मेदारी स्पष्ट हो पाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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