भोपाल रेल मंडल में चेन पुलिंग पर 440 लोगों पर कार्रवाई, अप्रैल 2026 में ₹62,150 जुर्माना वसूला

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भोपाल रेल मंडल में चेन पुलिंग पर 440 लोगों पर कार्रवाई, अप्रैल 2026 में ₹62,150 जुर्माना वसूला

सारांश

भोपाल रेल मंडल ने अप्रैल 2026 में एक ही महीने में 440 चेन पुलिंग मामले दर्ज कर ₹62,150 जुर्माना वसूला — यह आँकड़ा रेलवे के सख्त रुख और इस समस्या की व्यापकता दोनों को एक साथ उजागर करता है। RPF और वाणिज्य विभाग का संयुक्त अभियान जारी है।

मुख्य बातें

भोपाल रेल मंडल ने अप्रैल 2026 में चेन पुलिंग के 440 मामले दर्ज किए।
न्यायालय के माध्यम से कुल ₹62,150 का जुर्माना वसूल किया गया।
रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत दोषी को 1 वर्ष कारावास या ₹1,000 जुर्माना या दोनों का प्रावधान।
सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने RPF की प्रतिबद्धता दोहराई।
वाणिज्य विभाग और RPF का संयुक्त सघन चेकिंग अभियान जारी है।

भोपाल रेल मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने अप्रैल 2026 में अलार्म चेन पुलिंग के 440 मामले दर्ज किए और रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत न्यायालय के माध्यम से ₹62,150 का जुर्माना वसूल किया। रेल प्रशासन के अनुसार, यह कार्रवाई ट्रेन संचालन में व्यवधान को रोकने और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा अनुभव देने के उद्देश्य से की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

रेलवे प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले माह अप्रैल 2026 में की गई। भोपाल मंडल के वाणिज्य विभाग और रेलवे सुरक्षा बल ने संयुक्त रूप से सघन चेकिंग अभियान चलाकर बिना उचित कारण के अलार्म चेन खींचने वालों की पहचान की और उन पर कानूनी कार्रवाई की।

रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अलार्म चेन का दुरुपयोग न केवल ट्रेन की समय-पालनता को प्रभावित करता है, बल्कि अन्य यात्रियों को परेशानी और रेलवे को आर्थिक नुकसान भी पहुँचाता है।

कानूनी प्रावधान

रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत बिना उचित और पर्याप्त कारण के चेन पुलिंग करना एक दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक कारावास या ₹1,000 तक का जुर्माना — अथवा दोनों — का प्रावधान है।

गौरतलब है कि यह प्रावधान लंबे समय से लागू है, परंतु इसके बावजूद चेन पुलिंग की घटनाएँ देशभर के रेल मंडलों में लगातार दर्ज होती रहती हैं। भोपाल मंडल द्वारा अप्रैल में ही 440 मामले दर्ज होना इस समस्या की गंभीरता को रेखांकित करता है।

विशेषज्ञ और प्रशासन की प्रतिक्रिया

सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि व्यवस्थागत है। रेलवे अधिनियम में दशकों पुराना ₹1,000 का अधिकतम जुर्माना आज के संदर्भ में बेहद कम है — यह राशि वास्तविक निवारक के रूप में काम करने में सक्षम नहीं। जब तक जुर्माने की सीमा नहीं बढ़ाई जाती और दोषसिद्धि दर सार्वजनिक नहीं की जाती, तब तक अभियान चाहे कितने भी सघन हों, दीर्घकालिक बदलाव सीमित ही रहेगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भोपाल रेल मंडल में चेन पुलिंग पर क्या कार्रवाई हुई?
अप्रैल 2026 में भोपाल रेल मंडल ने रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत 440 मामले दर्ज किए और न्यायालय के माध्यम से ₹62,150 का जुर्माना वसूल किया। यह कार्रवाई RPF और वाणिज्य विभाग के संयुक्त सघन चेकिंग अभियान के तहत की गई।
रेलवे अधिनियम की धारा 141 क्या है?
रेलवे अधिनियम की धारा 141 के तहत बिना उचित और पर्याप्त कारण के ट्रेन में अलार्म चेन खींचना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक कारावास, ₹1,000 तक जुर्माना, या दोनों सजाएँ दी जा सकती हैं।
चेन पुलिंग से रेलवे को क्या नुकसान होता है?
बिना उचित कारण के चेन पुलिंग से ट्रेन की समय-पालनता प्रभावित होती है, अन्य यात्रियों को असुविधा होती है और रेलवे को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। यह अन्य ट्रेनों के संचालन को भी बाधित कर सकता है।
भोपाल मंडल में चेन पुलिंग रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
भोपाल मंडल के वाणिज्य विभाग और रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संयुक्त सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया के अनुसार, RPF यात्रियों को सुरक्षित यात्रा अनुभव देने और इस तरह की घटनाओं को कड़े कदमों से रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्या यात्री आपातकाल में चेन पुल कर सकते हैं?
हाँ, वास्तविक आपातकाल या खतरे की स्थिति में अलार्म चेन खींचना वैध है और इसके लिए कोई दंड नहीं है। कानून केवल बिना उचित और पर्याप्त कारण के चेन पुलिंग को दंडनीय मानता है।
राष्ट्र प्रेस
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