क्या भोपाल रेल मंडल की आरपीएफ ने 250 बच्चों को सुरक्षित जीवन प्रदान किया?
सारांश
Key Takeaways
- 250 बच्चों को सुरक्षित जीवन प्रदान किया गया।
- आरपीएफ का ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाता है।
- खोए हुए बच्चों को परिवारों से मिलाने का अभियान चलाया गया।
- आरपीएफ ने बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाई।
भोपाल, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के भोपाल रेल मंडल ने पिछले वर्ष 250 बच्चों को सुरक्षित जीवन प्रदान किया है। इनमें वे बच्चे शामिल हैं, जो घर से गायब हो गए थे या असहाय हैं। जानकारी के अनुसार, पश्चिम मध्य रेल भोपाल मंडल के रेलवे सुरक्षा बल ने 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में खोए हुए और असहाय बच्चों की सुरक्षा और उनके परिवारों से मिलाने का महत्वपूर्ण अभियान चलाया है।
इस अभियान के माध्यम से आरपीएफ अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभा रहा है और बच्चों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित कर रहा है। रेलवे के आधिकारिक स्रोतों के अनुसार, वर्ष 2025 में 250 बच्चों को रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सुरक्षित रूप से बचाया गया। इनमें से अधिकांश बच्चे खो गए थे या उनके परिवारों से अलग हो गए थे।
आरपीएफ द्वारा खोजे गए बच्चों को उनके परिवारों से सुरक्षित रूप से मिलाया गया। आरपीएफ ने बच्चों के परिवारों को खोजने के लिए विशेष प्रयास किए और उन्हें सुरक्षित घर वापस पहुंचाया। इसके अलावा, आरपीएफ ने बच्चों की सुरक्षा के बारे में जागरूकता अभियान भी चलाया। इस अभियान के तहत लोगों को बच्चों की सुरक्षा के महत्व के बारे में बताया गया और उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने कहा कि आरपीएफ का ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते बच्चों की सुरक्षा और उनके परिवारों से मिलाने में महत्वपूर्ण सामाजिक भूमिका निभा रहा है। आरपीएफ इस अभियान को और भी विस्तारित करने की योजना बना रहा है और बच्चों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है।