क्या भोपाल में रेलवे को पतंगबाजी से होने वाले नुकसान को रोकने की कोशिशें सफल होंगी?

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क्या भोपाल में रेलवे को पतंगबाजी से होने वाले नुकसान को रोकने की कोशिशें सफल होंगी?

सारांश

क्या मकर संक्रांति पर भोपाल में पतंगबाजी से रेलवे को होने वाले नुकसान को रोकने के उपाय सफल होंगे? रेलवे ने जन-सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया है ताकि पतंगबाजी से संभावित खतरों को कम किया जा सके। जानें इस पहल के पीछे के कारण और इसके महत्व के बारे में।

Key Takeaways

पतंगबाजी से रेलवे को नुकसान हो सकता है। जन-सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। ओवरहेड तारों के संपर्क से करंट लग सकता है। सुरक्षित स्थानों पर पतंग उड़ाने की सलाह दी गई है। यह अभियान जीवन की सुरक्षा के लिए है।

भोपाल, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मकर संक्रांति के अवसर पर देशभर में पतंगबाजी एक प्रचलित परंपरा है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी यह उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है, लेकिन इससे रेलवे को होने वाले संभावित नुकसान के खतरे भी उत्पन्न हो रहे हैं। इसी वजह से रेलवे इस समस्या के समाधान के लिए सक्रिय है।

भोपाल रेल मंडल ने पतंग उड़ाने के दौरान होने वाले संभावित खतरों से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जन-सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के जरिए लोगों को रेलवे ट्रैक, पुलों और ओवरहेड विद्युत तारों के पास पतंग उड़ाने के गंभीर खतरों के बारे में जानकारी दी जा रही है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने बताया कि रेलवे लाइनों पर लगे ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन में लगभग 25,000 वोल्ट का उच्च वोल्टेज होता है। यदि पतंग की डोर इन तारों के संपर्क में आ जाती है तो करंट सीधे व्यक्ति तक पहुंच सकता है, जिससे गंभीर या जानलेवा दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

भोपाल मंडल ने जन-सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जागरूकता संदेशों और प्रचार माध्यमों के जरिए यह जानकारी आमजन तक पहुंचाई है कि रेलवे ट्रैक के पास पतंग उड़ाना न केवल स्वयं के लिए, बल्कि रेल परिचालन और यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरनाक है।

रेलवे प्रशासन ने विशेष रूप से बच्चों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को खुले और सुरक्षित स्थानों पर पतंग उड़ाने के लिए प्रेरित करें और रेलवे लाइनों, पुलों और ओवरहेड तारों से दूरी बनाए रखें। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह जागरूकता अभियान किसी उत्सव या परंपरा पर रोक लगाने के लिए नहीं, बल्कि आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है।

हाल ही में राज्य के विभिन्न हिस्सों में चाइनीज मांझा के उपयोग के कारण कई हादसे हुए हैं। गले में मांझा फंसने के कारण मौतों के मामले भी सामने आए हैं। इसी कारण से रेलवे को पतंगबाजी से संबंधित हादसों की आशंका बनी हुई है। यही वजह है कि जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

Point of View

बल्कि आम जनता की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। यह एक जागरूकता अभियान है जो हमें यह बताता है कि पारंपरिक उत्सवों का आनंद लेते समय सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

पतंगबाजी से रेलवे को क्या नुकसान हो सकता है?
पतंग उड़ाने के दौरान ओवरहेड तारों के संपर्क में आने से करंट लगने का खतरा होता है, जिससे जानलेवा दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
रेलवे ने सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं?
रेलवे ने जन-सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू किया है, जिसमें लोगों को रेलवे ट्रैक के पास पतंग उड़ाने से होने वाले खतरों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
क्या बच्चों को पतंग उड़ाने की अनुमति है?
बच्चों को खुले और सुरक्षित स्थानों पर पतंग उड़ाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। रेलवे लाइनों और ओवरहेड तारों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
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