असम में विधानसभा चुनाव: 126 सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान, नतीजे 4 मई को
सारांश
Key Takeaways
- असम में 126 सीटों पर मतदान 9 अप्रैल को होगा।
- नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
- नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है।
- 2.5 करोड़ मतदाता असम में मतदान करेंगे।
- महिलाओं द्वारा संचालित विशेष मतदान केंद्र बनाए जाएंगे।
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने रविवार को देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों की घोषणा की है। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए चुनाव की तारीखों की जानकारी दी। असम की 126 विधानसभा सीटों पर मतदान एक ही चरण में 9 अप्रैल को होगा, जबकि परिणाम 4 मई को जारी किए जाएंगे।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने असम चुनाव की तारीखों की घोषणा करते हुए कहा कि गजट अधिसूचना जारी करने की तारीख 16 मार्च होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है। नामांकनों की जांच 24 मार्च को की जाएगी। उम्मीदवारों द्वारा नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 26 मार्च है। मतदान 9 अप्रैल को निर्धारित है और मतगणना 4 मई को होगी। चुनाव प्रक्रिया 6 मई से पहले पूरी करनी होगी।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आयोग ने व्यापक तैयारियां की हैं। आयोग का कहना है कि असम में लगभग 2.5 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे।
सीईसी ने बताया कि आयोग ने हाल के दिनों में सभी चुनावी राज्यों का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया और राजनीतिक दलों, अधिकारियों तथा मतदाताओं से चर्चा की। आयोग की टीम ने सभी चुनावी राज्यों में जाकर विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान सभी राजनीतिक दलों से मुलाकात कर उनके सुझाव भी लिए गए। साथ ही प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, राज्य निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस महानिदेशकों के साथ भी विस्तृत चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि आयोग ने युवाओं और पहली बार मतदान करने जा रहे मतदाताओं से भी संवाद किया। इसके अलावा, चुनाव प्रक्रिया को सुचारु बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) के कार्य की भी सराहना की गई। चुनाव के दौरान कुछ विशेष व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। कई स्थानों पर महिलाओं द्वारा संचालित विशेष मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जहां पूरी व्यवस्था महिला कर्मियों द्वारा संभाली जाएगी।
चुनाव आयोग का कहना है कि इस बार भी सभी राज्यों में निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित चुनाव कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, ताकि हर मतदाता बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।