असम मतगणना 2026: तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू, सोमवार सुबह 8 बजे से शुरू होगी गिनती
सारांश
Key Takeaways
असम विधानसभा चुनाव की मतगणना सोमवार, 4 मई 2026 को निर्धारित है और इससे पहले पूरे राज्य में सुरक्षा एवं प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी जिलों के स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना केंद्रों पर तीन-स्तरीय कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है, ताकि शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतगणना सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों ने रविवार, 3 मई को इसकी पुष्टि की।
मतगणना का कार्यक्रम और प्रक्रिया
लखीमपुर जिले के डिप्टी कमिश्नर आदित्य विक्रम यादव ने बताया कि मतगणना की सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों (पोस्टल बैलेट) की गिनती शुरू होगी और इसके बाद सुबह 8:30 बजे से ईवीएम के वोटों की गिनती आरंभ की जाएगी।
लखीमपुर में पाँच विधानसभा क्षेत्रों की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) लखीमपुर गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल में कड़ी निगरानी में रखी गई हैं। मतगणना प्रक्रिया को समयबद्ध और सुचारू बनाने के लिए प्रत्येक निर्धारित केंद्र पर 14 मतगणना टेबल लगाई गई हैं।
जिलेवार तैयारियाँ और कर्मचारी तैनाती
ऊपरी असम के शिवसागर जिले में प्रशासन ने डेमो, शिवसागर और नाजिरा विधानसभा क्षेत्रों की मतगणना के लिए 391 कर्मचारियों को तैनात किया है। डाक मतपत्रों की गिनती के लिए अलग हॉल और विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि चुनाव आयोग (ECI) के नियमों का पूरी तरह पालन हो सके।
अन्य जिलों में भी जिला प्रशासन ने मतगणना केंद्रों और स्ट्रॉन्ग रूम के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को दिनभर तैयारियों की समीक्षा की। गौरतलब है कि कुछ संवेदनशील इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखने और मतगणना केंद्रों के आसपास आवाजाही नियंत्रित करने के लिए पाबंदियाँ भी लगाई गई हैं।
राजनीतिक दाँव और चुनावी महत्व
9 अप्रैल 2026 को हुए विधानसभा चुनाव को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के नेतृत्व वाले गठबंधन, दोनों के लिए राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
126 सदस्यीय असम विधानसभा में NDA लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने व्यापक विपक्षी गठबंधन बनाकर कड़ी चुनौती देने का दावा किया है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में BJP की पकड़ को लेकर राष्ट्रीय राजनीतिक विश्लेषण तेज हो गया है।
एग्जिट पोल और विपक्ष का रुख
मतदान के बाद जारी कई एग्जिट पोल में NDA को बढ़त दिखाई गई है और कई सर्वे में BJP नेतृत्व वाले गठबंधन को आरामदायक बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है। हालाँकि, विपक्षी दलों ने इन अनुमानों को खारिज करते हुए दावा किया है कि अंतिम नतीजे उनके पक्ष में आएंगे।
मतगणना से एक दिन पहले राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गईं — उम्मीदवार, पार्टी नेता और समर्थक सभी विधानसभा क्षेत्रों में हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
नतीजों के बाद भी अलर्ट रहेंगी एजेंसियाँ
सुरक्षा एजेंसियों को नतीजों की घोषणा के बाद भी हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि मतगणना प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण रहेगी — और इसके लिए हर स्तर पर तैयारी की गई है।