चुनाव आयोग ने असम, पश्चिम बंगाल समेत 4 राज्यों और 1 केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव की तारीखें घोषित की
सारांश
Key Takeaways
- चुनाव आयोग ने चुनाव की तारीखों का ऐलान किया है।
- मतदाता की संख्या 17.4 करोड़ है।
- नतीजे 4 मई को घोषित होंगे।
- सुरक्षा के लिए 8.50 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे।
- मोबाइल फोन मतदान केंद्रों के अंदर नहीं ले जा सकते।
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने रविवार को असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। असम, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान किया जाएगा। तमिलनाडु में एक चरण में 23 अप्रैल को मतदान होगा। इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
इन चुनावों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आयोग ने हाल के दिनों में सभी चुनावी राज्यों का दौरा किया और तैयारियों की समीक्षा की, जिसमें राजनीतिक दलों, अधिकारियों और मतदाताओं से बातचीत शामिल थी।
उन्होंने बताया कि आयोग की टीम ने इन राज्यों में जाकर विधानसभा चुनावों की तैयारियों का गहन आकलन किया। इस दौरान सभी राजनीतिक दलों से मुलाकात कर उनके सुझाव भी लिए गए। इसके अलावा प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, राज्य निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस महानिदेशकों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।
सीईसी ने कहा कि आयोग ने युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के साथ संवाद किया। बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) के कार्यों की भी सराहना की गई, जो चुनाव प्रक्रिया को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि ये सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भौगोलिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भिन्न हैं। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) किया गया, ताकि सभी योग्य मतदाता मतदान से वंचित न रहें और कोई अयोग्य व्यक्ति मतदाता सूची में न आए।
उन्होंने कहा, "स्वच्छ मतदाता सूची लोकतंत्र की आत्मा होती है। इसलिए हमने सुनिश्चित किया कि सभी योग्य मतदाताओं का नाम सूची में हो।"
सीईसी ने युवाओं से विशेष अपील की कि वे अपने मताधिकार का गर्व और जिम्मेदारी के साथ उपयोग करें। उन्होंने कहा, "आप एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं, मतदान का अधिकार। अपने वोट का उपयोग गर्व और जिम्मेदारी के साथ करें। आपका वोट आपकी आवाज है। चुनाव का पर्व हम सबका गर्व है।"
चुनाव आयोग के अनुसार, इन पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में कुल 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। यह संख्या ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका, जर्मनी और कनाडा की कुल जनसंख्या के बराबर है।
सीईसी ने बताया कि इन चुनावों के लिए 824 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। पूरे चुनाव को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए 2.19 लाख मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, चुनाव को संपन्न कराने के लिए लगभग 25 लाख चुनाव अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए जाएंगे।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आयोग ने व्यापक तैयारियां की हैं। सीईसी के अनुसार, मतदान के दौरान लगभग 8.50 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे, ताकि मतदान शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में हो सके।
राज्यों के अनुसार मतदाताओं की संख्या भी साझा की गई। आयोग के अनुसार, पश्चिम बंगाल में कुल 6.44 करोड़ मतदाता हैं, जबकि असम में लगभग 2.5 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे।
सीईसी ने चुनाव के दौरान कुछ विशेष व्यवस्थाएं भी की हैं। कई स्थानों पर पिंक बूथ बनाए जाएंगे, जहां सभी व्यवस्थाएं महिला कर्मियों द्वारा संभाली जाएंगी।
इसके अतिरिक्त, आयोग ने यह स्पष्ट किया कि मतदान के बाद तुरंत मतदान प्रतिशत की जानकारी जारी की जाएगी। मतदान केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी, और मतदाताओं को उन्हें फोन बूथ के बाहर रखना होगा।