पी. चिदंबरम ने चुनाव आयोग द्वारा चुनाव की घोषणा का स्वागत किया, कम चरणों में मतदान की सराहना की
सारांश
Key Takeaways
- चुनाव आयोग ने 15 मार्च को चुनाव की तारीखों की घोषणा की।
- पी. चिदंबरम ने मतदान प्रक्रिया की सराहना की।
- चुनाव आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
- चुनाव की तैयारी के लिए विभिन्न दलों से सुझाव लिए गए।
- निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए बीएलओ की भूमिका महत्वपूर्ण है।
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने रविवार को देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव की घोषणा की है। कांग्रेस के प्रख्यात नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने इस घोषणा का स्वागत किया है।
पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मैं इस घोषणा का स्वागत करता हूं कि असम, केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु में चुनाव एक ही चरण में होंगे, जबकि पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में होंगे। मुझे खुशी है कि चरणों की संख्या को घटाकर एक या दो चरणों तक सीमित कर दिया गया है।"
चुनाव आयोग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा की। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा। तमिलनाडु में भी 23 अप्रैल को एक चरण में वोटिंग होगी, वहीं पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा। सभी राज्यों के परिणाम 4 मई को एक साथ घोषित किए जाएंगे।
इन पांचों राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग ने हाल के दिनों में सभी चुनावी राज्यों का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा की है और राजनीतिक दलों, अधिकारियों और मतदाताओं से बातचीत की है।
उन्होंने बताया कि आयोग ने इन राज्यों में जाकर विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान सभी राजनीतिक दलों से मुलाकात कर उनके सुझाव भी लिए गए। इसके अलावा प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और राज्य निर्वाचन अधिकारियों से भी विस्तृत चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि आयोग ने युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं से भी संवाद किया। साथ ही, चुनाव प्रक्रिया को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) के काम की भी सराहना की गई।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने कहा कि ये पांचों राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भौगोलिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक-दूसरे से काफी भिन्न हैं। ऐसे में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) किया गया, ताकि कोई भी योग्य मतदाता वोट देने से वंचित न रह जाए और कोई अयोग्य व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो सके।