एनडीए और भाजपा के कार्यकर्ता आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सजग: नितिन नवीन
सारांश
Key Takeaways
- चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा की।
- भाजपा अध्यक्ष ने आगामी चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों पर जोर दिया।
- आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए की संभावित जीत पर चर्चा।
- चुनाव परिणाम 4 मई को आएंगे।
नई दिल्ली, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने रविवार को भारत के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा की। इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सभी राज्यों में भाजपा और एनडीए के सरकार बनने का विश्वास व्यक्त किया।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा किए गए एक पोस्ट में कहा कि जैसे ही पांचों राज्यों के चुनाव की तारीखों का ऐलान हुआ, एनडीए और भाजपा के कार्यकर्ता आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम और पुडुचेरी में पुनः एनडीए की सरकार बनने जा रही है, और पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, और केरल में भी जनता के आशीर्वाद से एनडीए (भाजपा) की सफलता की संभावनाएं प्रबल हैं।
चुनाव आयोग ने असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महत्वपूर्ण जानकारियों का साझा किया। असम, केरल और पुडुचेरी में एक चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा। पश्चिम बंगाल में यह प्रक्रिया दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होगी, जबकि तमिलनाडु में मतदान 23 अप्रैल को होगा। इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
पांचों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि आयोग ने हाल के दिनों में सभी चुनावी राज्यों का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा की है और राजनीतिक दलों, अधिकारियों, और मतदाताओं से संवाद किया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव आयोग की टीम ने इन राज्यों में जाकर विधानसभा चुनाव की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर उनके सुझाव लिए गए। साथ ही प्रवर्तन एजेंसियों के अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, और राज्य निर्वाचन अधिकारियों से भी विस्तृत चर्चा की गई।