कॉमनवेल्थ गेम्स 2030: वेन्यू पर सियासत गलत, मेजबानी पूरे भारत का गौरव — अर्चना गुप्ता
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने 9 अगस्त 2026 को भिवानी में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट कहा कि अहमदाबाद में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है और इसके वेन्यू को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा करना उचित नहीं। उनकी यह प्रतिक्रिया कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा की उस माँग के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने हरियाणा को इस आयोजन का 'होस्ट' या 'को-होस्ट' राज्य बनाने की अपील की थी।
मुख्य बयान: वेन्यू नहीं, खिलाड़ी हैं अहम
अर्चना गुप्ता ने कहा, 'कॉमनवेल्थ गेम्स अगर भारत में होते हैं तो वह पूरे के पूरे देश के लिए गौरव का विषय होता है। जिस भी प्रदेश में उस स्तर के खेलों का आयोजन करने के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं, उसे मेजबानी मिलती है। आज गुजरात में ऐसी व्यवस्थाएं हैं, तो कल हरियाणा में भी इस तरह की व्यवस्थाएं हो सकती हैं।'
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात में मुख्यमंत्री रहने के दौरान तैयार किए गए इंफ्रास्ट्रक्चर का हवाला देते हुए कहा कि खिलाड़ी भारत के हैं और यह अवसर समूचे देश का है — चाहे आयोजन गुजरात में हो या हरियाणा में।
कांग्रेस पर पलटवार
गुप्ता ने कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे राज्यसभा सदस्य हैं और वेन्यू पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि जब हरियाणा में उस स्तर का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो जाएगा, तब प्रदेश भी ऐसे बड़े आयोजनों की मेजबानी करेगा।
उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल पर भी सवाल उठाए — 'इतने साल राज्य में उन लोगों का राज रहा है। इस दौरान उन्होंने ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर क्यों नहीं तैयार किए, जिससे हम कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी कर सकें।'
हरियाणा में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
अर्चना गुप्ता ने बताया कि हरियाणा सरकार ने हर गाँव में व्यायामशाला देने का काम किया है, जहाँ योग शिक्षक भी तैनात हैं। उनके अनुसार, मानसिक और शारीरिक रूप से मज़बूत खिलाड़ी ही बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में स्टेडियम और ट्रैक का निर्माण जारी है।
इस अवसर पर BJP नेता किरण चौधरी ने कहा, 'इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में समय लगता है। खिलाड़ी हमारे देश के हैं और हमारी शान हैं। सिर्फ हरियाणा, गुजरात या किसी खास राज्य को ही आगे नहीं बढ़ना चाहिए; हम सभी को आगे बढ़ना चाहिए।' उन्होंने चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी के विकास का उदाहरण देते हुए कहा कि क्षेत्र में धीरे-धीरे बुनियादी ढाँचा आकार ले रहा है।
आगे क्या
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियाँ अहमदाबाद में गति पकड़ रही हैं। हरियाणा, जो पारंपरिक रूप से कुश्ती, मुक्केबाज़ी और एथलेटिक्स में देश के लिए पदक जीतने वाला राज्य रहा है, के नेताओं की इस माँग को खेल राजनीति के नज़रिए से भी देखा जा रहा है। भविष्य में हरियाणा को किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी मिलती है या नहीं, यह वहाँ के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की रफ़्तार पर निर्भर करेगा।