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क्या गुजरात को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी मिलना ऐतिहासिक सफलता है?

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क्या गुजरात को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी मिलना ऐतिहासिक सफलता है?

सारांश

गुजरात को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी मिलने पर भव्य स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री की उपस्थिति में आयोजित चिंतन शिविर में यह ऐतिहासिक सफलता का जश्न मनाया गया। जानें कैसे इस अवसर ने राज्य का गौरव बढ़ाया है और इसके पीछे का विज़न क्या है।

मुख्य बातें

गुजरात को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी मिली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विज़न इस सफलता का मूल कारण है।
आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण मेज़बानी संभव हुई।
गुजरात की टीम ने इस सफलता के लिए कड़ी मेहनत की।
आगामी ओलंपिक की मेज़बानी के लिए भी प्रयास जारी हैं।

गांधीनगर, 28 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी मिलने पर इस ऐतिहासिक सफलता का स्वागत धरमपुर स्थित श्रीमद् राजचंद्र आश्रम में आयोजित ‘सामूहिक चिंतन से सामूहिक विकास की ओर’ थीम आधारित चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी की गरिमामय उपस्थिति में हर्षोल्लासपूर्वक किया गया।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के आयोजन की बोली में भारत की जीत के चलते गुजरात को मेज़बानी मिलने पर इस अविस्मरणीय क्षण का स्वागत करने के लिए आश्रम के पैवेलियन में सीएम भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के आते ही ढोल-नगाड़ों की गूंज, आतिशबाजी और गाजे-बाजे के साथ ऊष्मापूर्ण स्वागत किया गया। स्कूल के विद्यार्थियों ने आदिवासी नृत्य प्रस्तुत करके इस क्षण का स्वागत किया।

इस ऐतिहासिक सफलता के उत्सव का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी गुजरात को मिली, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न और दूरदर्शिता का परिणाम है। यह हम सभी के लिए गौरव का क्षण है। पीएम मोदी का विज़न है कि दुनिया का कोई देश यदि कर सकता है, तो भारत भी कर सकता है, इसी विश्वास से आज हम हर क्षेत्र में विश्व के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने गेम्स के लिए जो इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है, उसी के कारण आज यह ऐतिहासिक सफलता मिली है। प्रधानमंत्री मोदी और गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रयासों के फलस्वरूप कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के भारत में आयोजन को मंजूरी मिली है। उनके मार्गदर्शन में इन गेम्स द्वारा भारत की धरती पर दुनिया का स्वागत करने और देश को स्पोर्ट्स हब बनाने के लिए हम तैयार हैं।

उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा, 'यह भारत देश के लिए गौरव की बात है। कॉमनवेल्थ गेम्स को 100 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, ऐसे में इसके नेतृत्व का अवसर गुजरात को मिला, यह गौरवशाली क्षण है। पीएम मोदी ने 20 वर्ष पहले जो परिश्रम किया था, उसका फल आज हमें मिला है। खेल विभाग का टीमवर्क, प्रेजेंटेशन की सफलता के जरिए गुजरात और अहमदाबाद को मेज़बानी मिली है, जिसके लिए सभी को अभिनंदन देता हूं।'

हर्ष संघवी ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में हर क्षेत्र में सफलता मिल रही है। जिस तरह कॉमनवेल्थ की मेज़बानी मिली, उसी प्रकार ओलंपिक की मेज़बानी भी मिले, इसके लिए प्रयास जारी हैं। यह सिर्फ शुरुआत है। मुख्यमंत्री ने टीम लीडर के रूप में उत्तम उदाहरण प्रस्तुत किया है। पूरे भारत को गर्व हो, इस प्रकार गुजरात की टीम कार्य कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि संपूर्ण भारत के लिए गर्व का विषय है। कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी से भारत की खेल संस्कृति को एक नई पहचान मिलेगी। यह अवसर न केवल विकास के लिए, बल्कि राष्ट्रीय एकता और गर्व का भी प्रतीक है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 कब आयोजित होंगे?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का आयोजन 2030 में होगा।
गुजरात को मेज़बानी कैसे मिली?
गुजरात को मेज़बानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न और दूरदर्शिता के चलते मिली।
इस आयोजन का महत्व क्या है?
यह आयोजन गुजरात को एक खेल हब बनाने और खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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