बस्ती: रिश्वतखोरी के आरोप में प्रधान लिपिक गिरफ्तार, वायरल वीडियो ने खोली पोल
सारांश
Key Takeaways
- रिश्वतखोरी का मामला स्वास्थ्य विभाग में उजागर हुआ।
- महिला स्वास्थ्यकर्मी से 10%25 कमीशन मांगा गया।
- वायरल वीडियो के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की।
- आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
- सीएमओ ने आरोपी के निलंबन की संस्तुति दी।
बस्ती, 15 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के विक्रमजोत स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एरियर के भुगतान के नाम पर कमीशनखोरी का एक गंभीर मामला उजागर हुआ है, जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि सीएचसी के प्रधान लिपिक प्रदीप श्रीवास्तव ने एक महिला स्वास्थ्यकर्मी से बकाया एरियर जारी कराने के लिए 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब रिश्वत लेते हुए उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार को आरोपी प्रधान लिपिक को गिरफ्तार कर लिया।
मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. राजीव निगम ने भी इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी के निलंबन की संस्तुति शासन को भेज दी है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर आरोपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत महिला कर्मचारी सुनीता वर्मा का एरियर काफी समय से लंबित था और अदालत से भी भुगतान का आदेश जारी हो चुका था, लेकिन फिर भी एरियर जारी नहीं हो रहा था। आरोप है कि विक्रमजोत सीएचसी में तैनात प्रधान लिपिक प्रदीप श्रीवास्तव ने भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उनसे 10 प्रतिशत कमीशन की मांग की।
पीड़िता सुनीता वर्मा ने कहा कि प्रधान लिपिक लगातार यही कहते रहे कि बिना कमीशन दिए एरियर जारी नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आरोपी ने उनसे दो किस्तों में कुल 45 हजार रुपये लिए। पहली किस्त में 25 हजार रुपये और दूसरी में 20 हजार रुपये लिए गए। इसके बाद भी आरोपी शेष राशि की मांग करता रहा, यह कहते हुए कि जब तक पूरी 10 प्रतिशत कमीशन राशि, जो एक लाख रुपये से अधिक बनती है, नहीं दी जाएगी, तब तक एरियर का भुगतान संभव नहीं है।
मामला तब और गंभीर हो गया जब रिश्वत लेते हुए प्रधान लिपिक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो के प्रसार के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और उच्च अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई। सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी कर्मचारी के निलंबन की संस्तुति शासन को भेजी और पुलिस को जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने पीड़िता से पूछताछ कर पूरे मामले की जानकारी ली और उसकी तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हरैया क्षेत्राधिकारी स्वर्णिमा सिंह ने बताया कि सुनीता वर्मा की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रधान लिपिक प्रदीप श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है। वर्तमान में पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।