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क्या उत्तर प्रदेश में बिलों के भुगतान में गड़बड़ी के कारण डिप्टी सीएम ने वसूली के आदेश दिए?

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क्या उत्तर प्रदेश में बिलों के भुगतान में गड़बड़ी के कारण डिप्टी सीएम ने वसूली के आदेश दिए?

सारांश

उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग में बिलों के भुगतान में हुई गड़बड़ी के कारण कई अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आदेश दिया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

बिलों के भुगतान में अनियमितता की जांच की गई।
राजीव सिंघल को दंडित किया गया।
डिप्टी सीएम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए।
नर्सों के तबादले में भी गड़बड़ी पाई गई।
सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन से वसूली की जाएगी।

लखनऊ, 15 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिलों के भुगतान में गड़बड़ी करने के कारण मिर्जापुर के पूर्व मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव सिंघल को भारी कीमत चुकानी पड़ी है। वर्तमान में डॉ. राजीव मेरठ के प्यारे लाल शर्मा जिला चिकित्सालय में वरिष्ठ परामर्शदाता का कार्य कर रहे हैं।

अनियमित बिल भुगतान की शिकायतों की जांच के बाद डॉ. राजीव को दोषी ठहराया गया। उनकी एक वेतनवृद्धि रोक दी गई और 4,35,000 रुपए की वसूली का आदेश दिया गया। प्रदेश में नर्सों के तबादले में भी गड़बड़ी पाई गई, जिसमें उस समय निदेशक चिकित्सा उपचार की जिम्मेदारी निभा रहे डॉ. पीएम श्रीवास्तव को दोषी पाया गया।

डॉ. पीएम श्रीवास्तव अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं और उनकी पेंशन से तीन साल तक 10 प्रतिशत की कटौती करने के आदेश दिए गए हैं। प्रयागराज के राजकीय मेडिकल कॉलेज के नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. अरविंद गुप्ता पर प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप लगे हैं, जिनकी जांच में आरोप सही पाए गए। उनकी तीन वेतनवृद्धियों को स्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया गया है।

उप मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को परिनिन्दा का दंड देने के निर्देश दिए हैं। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय में जुड़े डॉ. राजेश कुमार बरनवाल पर भी गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने 36 पदों पर आउटसोर्सिंग के लिए नई निविदा जारी नहीं की।

आरोप है कि बार-बार निविदा को निरस्त किया गया। इसके अलावा, बिना सक्षम अनुमोदन के पुरानी संस्था को अनुबंध का विस्तार दिया गया। डॉ. राजेश को आरोप पत्र देकर विभागीय कार्यवाही करने के लिए कहा गया है। कन्नौज के पूर्व प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. दिनेश सिंह मर्तोलिया पर भी दोषी ठहराया गया है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा है कि भ्रष्टाचार में लिप्त व्यक्तियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। रिटायरमेंट के बाद उनकी पेंशन से वसूली की जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों से अनुरोध किया कि वे सरकार की योजनाओं को ईमानदारी से मरीजों तक पहुंचाएं और जनता में विश्वास बनाएं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जनता के विश्वास को भी बनाए रखता है। सरकार को ऐसे मामलों में सख्ती बरतने की आवश्यकता है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिप्टी सीएम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ क्या कदम उठाए?
डिप्टी सीएम ने स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं और भ्रष्टाचार में लिप्त व्यक्तियों से वसूली की जाएगी।
क्या डॉ. राजीव सिंघल की वेतनवृद्धि रोकी गई?
हाँ, डॉ. राजीव सिंघल की एक वेतनवृद्धि को रोका गया है और उन पर 4,35,000 रुपए की वसूली का आदेश दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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