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झारखंड भर्ती घोटाले पर सांसद मनीष जायसवाल ने अमित शाह से माँगी CBI जाँच, 5 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य दाँव पर

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झारखंड भर्ती घोटाले पर सांसद मनीष जायसवाल ने अमित शाह से माँगी CBI जाँच, 5 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य दाँव पर

सारांश

हजारीबाग से BJP सांसद मनीष जायसवाल ने गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर JPSC और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में CBI जाँच की माँग उठाई। 5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के भविष्य, राज्य की कानून-व्यवस्था, अवैध नशा कारोबार और खनिज संपदा की कथित लूट — सभी मुद्दे एक बैठक में केंद्र के सामने रखे गए।

मुख्य बातें

BJP सांसद मनीष जायसवाल ने नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर JPSC और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में CBI जाँच की माँग रखी।
कथित अनियमितताओं और सीटों की खरीद-बिक्री के आरोपों से झारखंड के 5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित बताया जा रहा है।
राज्य सरकार की CID जाँच की निष्पक्षता पर अभ्यर्थियों को संदेह, इसीलिए केंद्रीय एजेंसी से जाँच की माँग।
हजारीबाग और रामगढ़ में अवैध नशा कारोबार और संगठित अपराध की बढ़ती घटनाओं पर भी चिंता जताई गई।
झारखंड की खनिज संपदा की कथित लूट और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा का मुद्दा भी बैठक में उठाया गया।

हजारीबाग से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मनीष जायसवाल ने 11 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और झारखंड से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में जायसवाल ने जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई (CBI) जाँच की माँग रखी, जिसमें 5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित बताया जा रहा है।

भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताएँ

सांसद जायसवाल ने गृह मंत्री शाह को अवगत कराया कि जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और सीटों की कथित खरीद-बिक्री के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कराई जा रही सीआईडी (CID) जाँच की निष्पक्षता को लेकर अभ्यर्थियों और छात्रों के बीच गहरी आशंकाएँ हैं। इसी आधार पर उन्होंने पूरे मामले को केंद्रीय जाँच एजेंसी सीबीआई को सौंपने की माँग की।

छात्र आंदोलन और अभ्यर्थियों की पीड़ा

जायसवाल ने स्पष्ट किया कि यह विवाद केवल परीक्षा-प्रक्रिया तक सीमित नहीं है — इससे झारखंड के 5 लाख से अधिक युवा अभ्यर्थियों के करियर और सरकारी भर्ती व्यवस्था में उनके विश्वास का प्रश्न सीधे जुड़ा है। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों की माँगों और मौजूदा हालात की जानकारी विस्तार से गृह मंत्री को दी। गौरतलब है कि झारखंड में भर्ती परीक्षा विवाद पिछले कई महीनों से राजनीतिक तनाव का केंद्र बना हुआ है।

कानून-व्यवस्था और संगठित अपराध पर चिंता

बैठक के दौरान सांसद ने झारखंड की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने राज्य में बढ़ते संगठित अपराध और अवैध गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की। विशेष रूप से हजारीबाग और रामगढ़ सहित कई इलाकों में कथित तौर पर फैल रहे अवैध नशे के कारोबार का मामला भी उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष रखा।

खनिज संपदा की कथित लूट का मुद्दा

जायसवाल ने झारखंड की प्राकृतिक संपदा से जुड़ी चिंताएँ भी साझा कीं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में खनिज संसाधनों की कथित लूट जारी है और इस पर प्रभावी केंद्रीय हस्तक्षेप की आवश्यकता है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड की खनन नीति पहले से ही विपक्ष के निशाने पर है।

आगे क्या होगा

सांसद जायसवाल ने बैठक के बाद कहा कि झारखंड के युवाओं के भविष्य, राज्य की सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री के साथ इन सभी विषयों पर विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई। अब देखना यह होगा कि केंद्र सरकार CBI जाँच की माँग पर क्या रुख अपनाती है और झारखंड के अभ्यर्थियों को न्याय कब तक मिलता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस व्यापक संकट की ओर भी इशारा करती है जिसमें राज्य की भर्ती प्रणाली की साख दाँव पर लगी है। असली सवाल यह है कि क्या केंद्र इस माँग पर ठोस कदम उठाएगा, या यह बैठक महज राजनीतिक संदेश-प्रेषण तक सीमित रहेगी। झारखंड के युवाओं को नारों से नहीं, पारदर्शी और समयबद्ध जाँच से न्याय मिलेगा।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनीष जायसवाल ने अमित शाह से CBI जाँच की माँग क्यों की?
हजारीबाग से BJP सांसद मनीष जायसवाल ने JPSC और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में कथित बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और सीटों की खरीद-बिक्री के आरोपों के मद्देनज़र CBI जाँच की माँग की। उनका तर्क है कि राज्य सरकार की CID जाँच पर अभ्यर्थियों को भरोसा नहीं है, इसलिए निष्पक्ष केंद्रीय जाँच ज़रूरी है।
JPSC और JSSC-CGL विवाद से कितने अभ्यर्थी प्रभावित हैं?
सांसद जायसवाल के अनुसार इस विवाद से झारखंड के 5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य सीधे प्रभावित है। ये वे युवा हैं जिन्होंने इन परीक्षाओं में भाग लिया और सरकारी नौकरी की उम्मीद में आंदोलन कर रहे हैं।
झारखंड में भर्ती परीक्षा छात्र आंदोलन क्या है?
JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में झारखंड के छात्र और अभ्यर्थी आंदोलन कर रहे हैं। वे CID जाँच को अपर्याप्त मानते हुए CBI जाँच और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की माँग कर रहे हैं।
सांसद जायसवाल ने झारखंड के और कौन-से मुद्दे अमित शाह के सामने रखे?
भर्ती परीक्षा विवाद के अलावा जायसवाल ने राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, हजारीबाग और रामगढ़ में कथित अवैध नशा कारोबार, बढ़ते संगठित अपराध और झारखंड की खनिज संपदा की कथित लूट का मुद्दा भी गृह मंत्री के समक्ष उठाया।
अब आगे क्या होगा — क्या CBI जाँच होगी?
अभी तक केंद्र सरकार ने CBI जाँच पर कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया है। सांसद जायसवाल ने बताया कि गृह मंत्री के साथ विस्तृत चर्चा हुई है। केंद्र का अगला कदम इस बात पर निर्भर करेगा कि राज्य सरकार की CID जाँच में क्या प्रगति होती है और राजनीतिक दबाव किस दिशा में जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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