झारखंड भर्ती घोटाले पर सांसद मनीष जायसवाल ने अमित शाह से माँगी CBI जाँच, 5 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य दाँव पर
सारांश
मुख्य बातें
हजारीबाग से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मनीष जायसवाल ने 11 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और झारखंड से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में जायसवाल ने जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई (CBI) जाँच की माँग रखी, जिसमें 5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित बताया जा रहा है।
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताएँ
सांसद जायसवाल ने गृह मंत्री शाह को अवगत कराया कि जेपीएससी और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और सीटों की कथित खरीद-बिक्री के आरोप सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कराई जा रही सीआईडी (CID) जाँच की निष्पक्षता को लेकर अभ्यर्थियों और छात्रों के बीच गहरी आशंकाएँ हैं। इसी आधार पर उन्होंने पूरे मामले को केंद्रीय जाँच एजेंसी सीबीआई को सौंपने की माँग की।
छात्र आंदोलन और अभ्यर्थियों की पीड़ा
जायसवाल ने स्पष्ट किया कि यह विवाद केवल परीक्षा-प्रक्रिया तक सीमित नहीं है — इससे झारखंड के 5 लाख से अधिक युवा अभ्यर्थियों के करियर और सरकारी भर्ती व्यवस्था में उनके विश्वास का प्रश्न सीधे जुड़ा है। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों की माँगों और मौजूदा हालात की जानकारी विस्तार से गृह मंत्री को दी। गौरतलब है कि झारखंड में भर्ती परीक्षा विवाद पिछले कई महीनों से राजनीतिक तनाव का केंद्र बना हुआ है।
कानून-व्यवस्था और संगठित अपराध पर चिंता
बैठक के दौरान सांसद ने झारखंड की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने राज्य में बढ़ते संगठित अपराध और अवैध गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की। विशेष रूप से हजारीबाग और रामगढ़ सहित कई इलाकों में कथित तौर पर फैल रहे अवैध नशे के कारोबार का मामला भी उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के समक्ष रखा।
खनिज संपदा की कथित लूट का मुद्दा
जायसवाल ने झारखंड की प्राकृतिक संपदा से जुड़ी चिंताएँ भी साझा कीं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में खनिज संसाधनों की कथित लूट जारी है और इस पर प्रभावी केंद्रीय हस्तक्षेप की आवश्यकता है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड की खनन नीति पहले से ही विपक्ष के निशाने पर है।
आगे क्या होगा
सांसद जायसवाल ने बैठक के बाद कहा कि झारखंड के युवाओं के भविष्य, राज्य की सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री के साथ इन सभी विषयों पर विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई। अब देखना यह होगा कि केंद्र सरकार CBI जाँच की माँग पर क्या रुख अपनाती है और झारखंड के अभ्यर्थियों को न्याय कब तक मिलता है।