वाईएसआरसीपी सांसदों ने अमित शाह से मांगा दखल: जगन की सुरक्षा, DSC घोटाले और हिरासत मौतों पर केंद्र को ज्ञापन
सारांश
मुख्य बातें
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने 6 अगस्त को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की सुरक्षा में बार-बार हो रही चूक, डीएससी-2025 भर्ती प्रक्रिया में कथित बड़े पैमाने की गड़बड़ियों और आंध्र प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में लोकतांत्रिक अधिकारों, सार्वजनिक सुरक्षा और निवेश के माहौल की रक्षा के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से अपील की।
जगन मोहन रेड्डी की सुरक्षा में चूक
सांसदों ने गृह मंत्री के सामने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया कि जेड-प्लस सुरक्षा श्रेणी प्राप्त वाईएस जगन मोहन रेड्डी को राज्य सरकार द्वारा बार-बार पर्याप्त सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जा रही। उन्होंने 5 अगस्त को देवरापल्ली के दौरे का विशेष उल्लेख किया, जहाँ परेशान तंबाकू किसानों से मुलाकात के दौरान लाखों की भीड़ जमा हुई थी, लेकिन पुलिस जेड-प्लस श्रेणी के व्यक्ति को अपेक्षित सुरक्षा कवच देने में नाकाम रही।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि केंद्र सरकार को इस संबंध में कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, बावजूद इसके स्थिति में सुधार नहीं हुआ। सांसदों ने केंद्र से राज्य सरकार को निर्देशित करने की माँग की।
DSC-2025 भर्ती में कथित गड़बड़ियाँ
प्रतिनिधिमंडल ने डीएससी-2025 भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का विवरण गृह मंत्री के समक्ष रखा। सांसदों के अनुसार, खेल कोटे का हेरफेर और दुरुपयोग किया गया, जिसके चलते योग्य उम्मीदवारों और वास्तविक खिलाड़ियों को नौकरी से वंचित किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि चयन प्रक्रिया में बदलाव और संदिग्ध खेल प्रमाण-पत्रों के इस्तेमाल से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला। इन कथित गड़बड़ियों के कारण बेरोज़गार युवाओं, छात्रों और ईमानदारी से तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों में व्यापक आक्रोश है। सांसदों ने पूरी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष और स्वतंत्र जाँच तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की माँग की।
कानून-व्यवस्था और राजनीतिक दमन के आरोप
सांसदों ने आंध्र प्रदेश में वाईएसआरसीपी नेताओं, निर्वाचित प्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के विरुद्ध पुलिस मशीनरी के कथित व्यवस्थित दुरुपयोग की ओर ध्यान दिलाया। उनके अनुसार गठबंधन सरकार के कार्यकाल में गैरकानूनी हिरासत, आधी रात को गिरफ्तारी और राजनीति से प्रेरित मुकदमे राजनीतिक प्रतिशोध के औज़ार बन गए हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि राज्य में सड़कें अवरुद्ध की जा रही हैं और औद्योगिक गतिविधियों में जानबूझकर बाधा डाली जा रही है, जिससे निवेश का माहौल प्रभावित हो रहा है।
हिरासत में मौतों पर जवाबदेही की माँग
सांसदों ने गृह मंत्री के सामने पिछले दो महीनों में पुलिस हिरासत में चार लोगों की कथित मौत का मामला रखा। उन्होंने इन मौतों की निष्पक्ष जाँच, हिरासत में हिंसा रोकने के लिए तत्काल कदम और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की माँग की।
केंद्र से की गई प्रमुख माँगें
वाईएसआरसीपी के सांसदों ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह आंध्र प्रदेश सरकार से इन सभी मुद्दों पर रिपोर्ट तलब करे और सुनिश्चित करे कि वाईएस जगन मोहन रेड्डी को उनकी श्रेणी के अनुरूप पर्याप्त सुरक्षा मिले। इसके अलावा, डीएससी-2025 भर्ती की निष्पक्ष जाँच, राजनीतिक कारणों से होने वाली पुलिस कार्रवाई पर रोक, हिरासत मौतों की जवाबदेही और राज्य में कार्यरत उद्योगों के लिए सुरक्षित एवं निष्पक्ष माहौल सुनिश्चित करने की भी माँग की गई। यह देखना होगा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय इन माँगों पर क्या रुख अपनाता है।