आईएनएस सुदर्शिनी अलेक्जेंड्रिया पहुँची, लोकायन 26 में 10 महीने में मिस्र का दूसरा दौरा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय नौसेना का तीन मस्तूल वाला पाल प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी मिस्र के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर अलेक्जेंड्रिया पहुँच गया है। यह लोकायन 26 अभियान के तहत पोत का अलेक्जेंड्रिया में दूसरा दौरा है — और 10 महीनों के भीतर यहाँ आना इस अंतरमहाद्वीपीय समुद्री यात्रा की गहराई को दर्शाता है। पोत ने इस अभियान में अब तक अरब सागर, लाल सागर, भूमध्य सागर और अटलांटिक महासागर समेत कई जलमार्गों को पार किया है।
लोकायन 26 अभियान: एक नज़र
लोकायन 26 एक 10 महीने लंबा अंतरमहाद्वीपीय समुद्री अभियान है, जिसकी शुरुआत 20 जनवरी 2026 को कोच्चि से हुई थी। इस दौरान पोत को 13 देशों के कुल 18 बंदरगाहों पर पड़ाव डालना है और लगभग 22,000 समुद्री मील की दूरी तय करनी है। पोत ने स्वेज नहर का पारगमन किया और फ्रांस में आयोजित प्रसिद्ध एस्केल आ सेट समुद्री महोत्सव में भी हिस्सा लिया।
ऐतिहासिक उपलब्धि: पहला अटलांटिक पार अभियान
इस अभियान में आईएनएस सुदर्शिनी ने एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की — पोत ने अपना पहला अटलांटिक महासागर पार अभियान पूरा किया। 27 मई 2026 को केप वर्डे से 19 दिन की समुद्री यात्रा के बाद पोत एंटीगुआ पहुँचा, और इसी दौरान कोच्चि से रवाना होने के बाद 10,000 समुद्री मील की दूरी पूरी की। इसके बाद पोत अजोरेस और पुर्तगाल पहुँचा, जहाँ 22 अगस्त को लिस्बन में उसने केवल सात महीनों में अपना 15वाँ बंदरगाह दौरा पूरा किया।
अलेक्जेंड्रिया में स्वागत और नौसैनिक गतिविधियाँ
अलेक्जेंड्रिया पहुँचने पर आईएनएस सुदर्शिनी का स्वागत अलेक्जेंड्रिया नौसैनिक अड्डे के कमांडर रियर एडमिरल मोहम्मद अब्देल अजीज और भारतीय दूतावास के प्रतिनिधियों ने किया। यहाँ भारतीय और मिस्र की नौसेनाओं के बीच कई पेशेवर गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें औपचारिक मुलाकातें, दोनों पोतों के बीच दौरे और पेशेवर संवाद शामिल हैं। इससे दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करने की उम्मीद है।
प्रशिक्षुओं के लिए अनुभव और समुद्री विरासत
इस यात्रा के दौरान नौसेना के प्रशिक्षुओं को लंबे समुद्री अभियानों, खुले समुद्र में पोत संचालन, पाल संभालने और पारंपरिक समुद्री कौशल का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है। यह तीन मस्तूल वाला पाल पोत केवल नौसैनिक प्रशिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध समुद्री परंपरा का प्रतीक भी है।
कूटनीतिक संदेश: 'वसुधैव कुटुंबकम'
लोकायन 26 के ज़रिए भारतीय नौसेना पेशेवर प्रशिक्षण के साथ-साथ विभिन्न देशों के साथ समुद्री संपर्क और मित्रता को सुदृढ़ कर रही है। इस लंबी यात्रा के दौरान आईएनएस सुदर्शिनी भारत के 'वसुधैव कुटुंबकम' और महासागर के संदेश को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुँचा रहा है। अभियान के शेष चरणों में पोत के और बंदरगाहों पर पहुँचने की उम्मीद है, जो भारत की नौसैनिक कूटनीति को नई ऊँचाई देगा।