आईएनएस सुदर्शिनी बोस्टन पहुंचा, सेल बोस्टन 250 में भारत की समुद्री विरासत का प्रदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय नौसेना का प्रतिष्ठित तीन-मस्तूल पाल पोत आईएनएस सुदर्शिनी अमेरिका के ऐतिहासिक बोस्टन बंदरगाह पहुंच गया है, जहाँ उसने सेल बोस्टन 250 समारोह के 'परेड ऑफ सेल्स' में भाग लेकर तिरंगा लहराया और भारत की समृद्ध समुद्री परंपराओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया। यह पोत वर्तमान में भारतीय नौसेना के 10 महीने लंबे अंतर-महासागरीय अभियान 'लोकायन 2026' के तहत दुनिया भर के बंदरगाहों का दौरा कर रहा है।
बोस्टन में प्रवेश और परेड ऑफ सेल्स
बोस्टन स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के अनुसार, आईएनएस सुदर्शिनी ने ऐतिहासिक बोस्टन बंदरगाह में प्रवेश के दौरान परेड ऑफ सेल्स में हिस्सा लिया, जिसमें दुनिया भर के पारंपरिक और आधुनिक पोतों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर भारतीय पोत ने बड़ी संख्या में उपस्थित दर्शकों और समुद्री समुदाय का ध्यान आकर्षित किया।
महावाणिज्य दूत का पोत पर दौरा
बोस्टन में भारत के महावाणिज्य दूत राघुराम एस समुद्र में ही पोत पर सवार हुए और उन्होंने लोकायन 2026 अभियान तथा सेल बोस्टन 250 में सुदर्शिनी की भागीदारी का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। उन्होंने पोत के अधिकारियों और नाविकों से मुलाकात कर अभियान की प्रगति तथा विभिन्न देशों में आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की।
भारत-अमेरिका समुद्री संबंधों को नई मजबूती
महावाणिज्य दूतावास ने कहा कि आईएनएस सुदर्शिनी की यह यात्रा भारत की समृद्ध समुद्री परंपराओं, नौवहन कौशल और वैश्विक समुद्री संपर्कों को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। साथ ही यह भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते समुद्री सहयोग तथा जन-जन के संबंधों को और मजबूत करने में भी सहायक होगी।
गौरतलब है कि 8 जुलाई को आईएनएस सुदर्शिनी ने न्यूयॉर्क से आगे का सफर शुरू किया था। न्यूयॉर्क में ठहरने के दौरान पोत ने भारत-अमेरिका रणनीतिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच संबंधों को नई दिशा देने में भूमिका निभाई। इस यात्रा के दौरान सुदर्शिनी ने अमेरिका की स्वतंत्रता वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इंटरनेशनल नेवल रिव्यू 250 और सेल फोर्थ 250 समारोहों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया।
लोकायन 2026 अभियान और सुदर्शिनी की भूमिका
आईएनएस सुदर्शिनी एक स्वदेशी रूप से निर्मित तीन-मस्तूल बार्क पोत है, जिसका उपयोग प्रशिक्षण, समुद्री जागरूकता और अंतरराष्ट्रीय सद्भावना यात्राओं के लिए किया जाता है। लोकायन 2026 अभियान के तहत यह पोत विभिन्न देशों के बंदरगाहों का दौरा कर भारत की समुद्री विरासत, संस्कृति और नौसैनिक परंपराओं का प्रचार-प्रसार कर रहा है। सेल बोस्टन 250 अमेरिका के समुद्री इतिहास और नौवहन परंपराओं को समर्पित एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजन है, जिसमें दुनिया भर से जहाज और समुद्री प्रतिनिधिमंडल भाग ले रहे हैं। आईएनएस सुदर्शिनी की भागीदारी इस वैश्विक मंच पर समुद्री क्षेत्र में भारत की बढ़ती सक्रिय भूमिका को रेखांकित करती है।