आईएनएस सुदर्शिनी ने न्यूयॉर्क में यूएस नेवल रिव्यू 250 और सेल250 में लहराया तिरंगा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय नौसेना का सेल प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी ने 4 जुलाई 2026 को न्यूयॉर्क में आयोजित 'यूनाइटेड स्टेट्स इंटरनेशनल नेवल रिव्यू 250' और 'सेल250' कार्यक्रम में भारत का प्रतिनिधित्व किया। अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस ऐतिहासिक समुद्री आयोजन में पोत ने हडसन नदी में सेल परेड के दौरान तिरंगा लहराकर भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया।
मुख्य घटनाक्रम
तीन मस्तूलों वाला यह बार्क-श्रेणी का पोत न्यूयॉर्क और न्यू जर्सी के बंदरगाह क्षेत्र में पहुँचा और सेल परेड में आकर्षण का केंद्र बना। अमेरिका में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि पोत ने 'भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का प्रतीक बनकर' इस परेड में भाग लिया। इससे पहले पोत नॉरफॉक और बाल्टीमोर में सेल250 कार्यक्रम के चरण पूरे कर चुका था।
लोकायन 26 अभियान की यात्रा
आईएनएस सुदर्शिनी 'लोकायन 26' नामक ट्रांसओशेनिक अभियान के तहत यह यात्रा कर रहा है, जो कोच्चि से शुरू हुई थी। अब तक पोत ने पाँच महीनों में 13,000 से अधिक नॉटिकल मील की दूरी तय की है। यह 10 महीने लंबी महासागरीय यात्रा है, जो भारतीय नौसेना की विभिन्न देशों की नौसेनाओं के साथ समुद्री सहयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
पोत नॉरफॉक से रवाना होकर ऐतिहासिक चेसापीक एंड डेलावेयर (सी-एंड-डी) नहर तथा मिड-अटलांटिक क्षेत्र के प्रमुख पुलों के नीचे से गुजरते हुए मैरीलैंड स्थित पोर्ट ऑफ बाल्टीमोर पहुँचा था। 19 से 23 जून तक नॉरफॉक में आयोजित सेल250 वर्जीनिया समारोह में भी पोत ने हिस्सा लिया, जिसमें दुनिया भर के टॉल शिप्स की सेल परेड और सिटी क्रू परेड आयोजित हुई।
भारत-अमेरिका नौसैनिक सहयोग
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह अभियान भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना के बीच गहरी मित्रता, आपसी विश्वास और बढ़ते सहयोग को रेखांकित करता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच रक्षा और समुद्री क्षेत्र में साझेदारी लगातार गहरी हो रही है।
वैश्विक समुद्री संदेश
दूतावास ने कहा कि यह यात्रा 'वसुधैव कुटुम्बकम' की भावना के अनुरूप देशों के बीच मित्रता, सहयोग और आपसी विश्वास को मज़बूत करती है। गौरतलब है कि आईएनएस सुदर्शिनी जैसे सेल प्रशिक्षण पोत नौसैनिक कूटनीति के प्रभावशाली माध्यम माने जाते हैं, क्योंकि ये न केवल प्रशिक्षण बल्कि सांस्कृतिक और राजनयिक सेतु का काम भी करते हैं। न्यूयॉर्क में सेल250 के शेष चरणों में पोत की भागीदारी जारी रहेगी।