बिहार में 12 नए टाउनशिप और मुजफ्फरपुर में आर्किटेक्चर विश्वविद्यालय की घोषणा, ₹1,047 करोड़ की 982 योजनाओं का शिलान्यास
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 13 जुलाई 2025 को मुजफ्फरपुर में नगर विकास एवं आवास विभाग के एक बड़े कार्यक्रम में ₹1,047.09 करोड़ की लागत वाली 982 विकास योजनाओं का एक साथ शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य में 12 नए टाउनशिप विकसित करने और मुजफ्फरपुर के एमआईटी परिसर में आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की।
मुख्य घटनाक्रम
एमआईटी मुजफ्फरपुर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में 673 योजनाओं का उद्घाटन और 309 योजनाओं का शिलान्यास किया गया। इनमें मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज परियोजना और मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने सिकंदरपुर में ₹213.25 करोड़ की लागत से विकसित लेक फ्रंट का भी लोकार्पण किया और इसकी आधुनिक फव्वारों, प्रकाश व्यवस्था एवं कलाकृतियों की सराहना करते हुए अधिकारियों को बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बड़ी घोषणाएँ: टाउनशिप से विश्वविद्यालय तक
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि राज्य में 12 नए टाउनशिप विकसित किए जाएंगे, जिनमें मुजफ्फरपुर का तिरहुत टाउनशिप भी शामिल है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने कहा कि एमआईटी परिसर, मुजफ्फरपुर में आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी, जो तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनेगा। यह संस्थान बिहार के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराएगा।
बुनियादी ढाँचे की नई परियोजनाएँ
कनेक्टिविटी के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने बताया कि मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। पटना-मुजफ्फरपुर रैपिड रेल कॉरिडोर के बनने से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर लगभग 40 मिनट रह जाएगा। इसके अतिरिक्त, हल्दिया-रक्सौल हाईवे के निर्माण से व्यापार और आवागमन को नई गति मिलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि ये परियोजनाएं बिहार को पूर्वी भारत के एक प्रमुख औद्योगिक और शैक्षणिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।
आम जनता पर असर
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि लगभग एक करोड़ नए परिवारों को राशन कार्ड से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि कोई भी पात्र गरीब सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। किसानों को सिंचाई के लिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक 12 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। सहयोग शिविरों के माध्यम से अब तक लगभग 5 लाख आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ
इस कार्यक्रम में केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार भ्रष्टाचार और साइबर अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। इन घोषणाओं का क्रियान्वयन बिहार के शहरी विकास की दिशा तय करेगा।