10 अगस्त 2026
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मेघालय कांग्रेस का एफसीआरए संशोधनों के खिलाफ मार्च, चर्च और संपत्ति जब्ती पर जताई गंभीर चिंता

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मेघालय कांग्रेस का एफसीआरए संशोधनों के खिलाफ मार्च, चर्च और संपत्ति जब्ती पर जताई गंभीर चिंता

सारांश

मेघालय कांग्रेस ने शिलांग में एफसीआरए संशोधनों के खिलाफ मार्च निकाला। नेता विंसेंट पाला का दावा है कि क्लॉज 16ए के तहत आंशिक विदेशी फंडिंग पर भी चर्च, स्कूल और अस्पतालों की पूरी संपत्ति जब्त हो सकती है — और बिल 13 अगस्त से पहले संसद में पेश हो सकता है।

मुख्य बातें

मेघालय प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 10 अगस्त को शिलांग में एफसीआरए संशोधनों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकाला।
कांग्रेस नेता विंसेंट एच.
पाला ने दावा किया कि BJP ने व्हिप जारी किया है और बिल 13 अगस्त से पहले संसद में पेश हो सकता है।
प्रस्तावित क्लॉज 16ए के तहत एफसीआरए रद्द या सरेंडर होने पर संगठनों की पूरी संपत्ति जब्त होने की आशंका जताई गई है।
पाला के अनुसार यह प्रावधान उन संपत्तियों पर भी लागू हो सकता है जिनकी फंडिंग का मामूली हिस्सा ही विदेशी स्रोतों से आया हो।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह विदेशी फंडिंग के दुरुपयोग को रोकने के नियमों के विरुद्ध नहीं, बल्कि प्रस्तावित संशोधनों की अत्यधिक व्यापकता के खिलाफ है।

मेघालय प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सोमवार, 10 अगस्त को शिलांग में 'फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट' (एफसीआरए) में प्रस्तावित संशोधनों के विरोध में शांतिपूर्ण मार्च निकाला। पार्टी का आरोप है कि ये संशोधन चर्चों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, एनजीओ और विदेशी चंदे पर निर्भर अन्य सामाजिक संगठनों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।

मुख्य घटनाक्रम

बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी के झंडे और प्लेकार्ड लेकर शिलांग की सड़कों पर उतरे और प्रस्तावित एफसीआरए संशोधन बिल के खिलाफ नारे लगाए। यह मार्च शहर के कई हिस्सों से होकर गुजरा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विंसेंट एच. पाला ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है और यह बिल 13 अगस्त के संसदीय अवकाश से पहले सदन में पेश किया जा सकता है।

क्लॉज 16ए पर विशेष चिंता

पाला ने प्रस्तावित बिल के क्लॉज 16ए को लेकर विशेष रूप से आगाह किया। उनके अनुसार, यदि किसी संगठन का एफसीआरए पंजीकरण नवीनीकृत नहीं होता, रद्द किया जाता है, या स्वेच्छा से सरेंडर किया जाता है, तो उसकी संपत्तियाँ सरकार द्वारा जब्त की जा सकती हैं।

उन्होंने दावा किया, 'यह एक ऐसा बिल है जिसमें अगर आप एफसीआरए को रिन्यू नहीं करा पाते हैं या वे आपका एफसीआरए रद्द कर देते हैं या आप एफसीआरए सरेंडर कर देते हैं, तो वे आपकी संपत्ति जब्त कर लेंगे।'

पाला ने यह भी कहा कि यह प्रावधान उन संपत्तियों पर भी लागू हो सकता है जिनकी फंडिंग का केवल एक छोटा अंश विदेशी स्रोतों से आया हो और शेष स्थानीय समुदाय का योगदान हो। उन्होंने कहा, 'अगर आपके चर्च को बहुत कम प्रतिशत में भी फंडिंग मिलती है या स्कूल को कम प्रतिशत में फंडिंग मिलती है या किसी संपत्ति को कम प्रतिशत में फंडिंग मिलती है, तो पूरी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी।'

कांग्रेस का पक्ष

पाला ने स्पष्ट किया कि पार्टी विदेशी योगदान के दुरुपयोग को रोकने वाले नियमों की मूल भावना के विरुद्ध नहीं है। उन्होंने रेखांकित किया कि एफसीआरए कई दशकों से देश में लागू है, लेकिन तर्क दिया कि प्रस्तावित संशोधन विदेशी फंडिंग को विनियमित करने की सीमा से कहीं आगे जाते हैं।

उन्होंने कहा, 'हम भारत सरकार के खिलाफ नहीं हैं, हम भारत के खिलाफ नहीं हैं।' पाला ने जोर दिया कि भारत की ताकत उसके विविध समुदायों और संस्थानों के आपसी सहयोग में है।

आम जनता पर असर

मेघालय में ईसाई समुदाय की बड़ी आबादी को देखते हुए एफसीआरए में संभावित बदलाव राज्य के लिए विशेष रूप से संवेदनशील मुद्दा है। यहाँ के अनेक चर्च, मिशनरी स्कूल और अस्पताल आंशिक रूप से विदेशी अनुदान पर निर्भर हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में सिविल सोसाइटी संगठन एफसीआरए प्रतिबंधों से पहले से ही प्रभावित हैं।

आगे क्या होगा

मेघालय कांग्रेस का लक्ष्य संसद में बिल पर विचार से पहले व्यापक जनमत तैयार करना है। पाला ने संकेत दिया कि यदि बिल पेश हुआ तो पार्टी संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह विरोध जारी रखेगी। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब एफसीआरए संशोधनों ने विपक्ष और सिविल सोसाइटी के बीच तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस बहस को और गहरा बनाता है। गौरतलब है कि 2020 के एफसीआरए संशोधनों के बाद भी हजारों संगठनों के लाइसेंस रद्द हो चुके हैं — नया बिल उसी प्रवृत्ति का विस्तार है या सुधार, यह स्पष्ट होना बाकी है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एफसीआरए संशोधन बिल क्या है और मेघालय कांग्रेस इसका विरोध क्यों कर रही है?
एफसीआरए (फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट) विदेशी अनुदान प्राप्त करने वाले संगठनों को नियंत्रित करता है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रस्तावित संशोधन — विशेषकर क्लॉज 16ए — चर्चों, स्कूलों और अस्पतालों की संपत्ति जब्त करने का रास्ता खोल सकते हैं, भले ही उनकी विदेशी फंडिंग नाममात्र की हो।
क्लॉज 16ए में क्या प्रावधान है जो विवाद का कारण बना है?
कांग्रेस नेता विंसेंट पाला के दावे के अनुसार, क्लॉज 16ए के तहत यदि किसी संगठन का एफसीआरए पंजीकरण नवीनीकृत नहीं होता, रद्द होता है या सरेंडर किया जाता है, तो उसकी संपत्तियाँ सरकार जब्त कर सकती है। यह प्रावधान उन संपत्तियों पर भी लागू हो सकता है जिनकी फंडिंग का एक छोटा हिस्सा ही विदेशी स्रोतों से आया हो।
यह बिल संसद में कब पेश हो सकता है?
विंसेंट पाला के अनुसार BJP ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है और बिल 13 अगस्त के संसदीय अवकाश से पहले पेश किया जा सकता है। हालाँकि सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है।
मेघालय में एफसीआरए संशोधनों का विशेष असर क्यों पड़ेगा?
मेघालय में ईसाई समुदाय बहुसंख्यक है और राज्य के अनेक चर्च, मिशनरी स्कूल तथा अस्पताल आंशिक रूप से विदेशी अनुदान पर निर्भर हैं। इन संस्थाओं पर कोई भी प्रतिबंध राज्य की स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं को सीधे प्रभावित कर सकता है।
क्या कांग्रेस एफसीआरए के विरुद्ध है?
नहीं। विंसेंट पाला ने स्पष्ट किया कि पार्टी विदेशी फंडिंग के दुरुपयोग को रोकने वाले नियमों की मूल भावना का समर्थन करती है। उनका विरोध प्रस्तावित संशोधनों की अत्यधिक व्यापकता और संपत्ति जब्ती के प्रावधान को लेकर है।
राष्ट्र प्रेस
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