29 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या एक नाम से छह जिलों में एक्स-रे टेक्नीशियन का बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या एक नाम से छह जिलों में एक्स-रे टेक्नीशियन का बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है?

सारांश

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में एक ही नाम से छह अलग-अलग जिलों में नियुक्त एक्स-रे टेक्नीशियन के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। क्या इस घोटाले की गहराई को समझा जा सकता है? जानिए इस चौंकाने वाली कहानी के बारे में।

मुख्य बातें

एक ही नाम से छह भिन्न जिलों में नियुक्ति का मामला।
कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से नौकरी हासिल की गई।
स्वास्थ्य विभाग को आर्थिक क्षति पहुँचाई गई।
एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई की मांग।
निदेशक पैरामेडिकल की ओर से सख्त कदम।

लखनऊ, 8 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में एक गंभीर मामला सामने आया है। आरटीआई के माध्यम से खुलासा हुआ है कि एक ही नाम और पिता के नाम से छह भिन्न जिलों में एक्स-रे टेक्नीशियन के रूप में नियुक्ति लेकर वर्षों से वेतन लिया जा रहा था। यह घटना विभाग में हड़कंप मचा चुकी है। निदेशक पैरामेडिकल डॉ. रंजना खरे ने आरोपियों के खिलाफ वजीरगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से नौकरी प्राप्त की गई और विभाग को आर्थिक क्षति पहुँचाई गई। डॉ. रंजना खरे ने एफआईआर में लिखा है कि स्वास्थ्य विभाग में एक्स-रे टेक्नीशियन भर्ती-2016 के दौरान, उप्र के अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 403 एक्स-रे टेक्नीशियन अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया था।

इस सूची में क्रमांक संख्या 80 पर अर्पित सिंह, पुत्र अनिल कुमार सिंह के नाम पर छह व्यक्तियों ने फर्जी दस्तावेज बनाकर विभिन्न जनपदों में नियुक्ति प्राप्त की है। इनमें पहला व्यक्ति बलरामपुर में, दूसरा फर्रुखाबाद में, तीसरा रामपुर में, चौथा बांदा में, पांचवां अमरोहा में और छठा शामली में है।

एफआईआर में कहा गया है कि उपरोक्त व्यक्तियों ने फर्जी एवं कूटरचित प्रपत्रों के आधार पर नियुक्ति प्राप्त कर और 2016 से स्वास्थ्य विभाग से वेतन लेकर विभाग को आर्थिक क्षति पहुँचाई है। इसलिए इस मामले में एफआईआर दर्ज कर उचित कार्यवाही की जाए।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह बताता है कि सिस्टम में कितनी खामियां हैं। यह समय है कि हम अपने सरकारी तंत्र को अधिक सक्षम और जवाबदेह बनाएं।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या यह मामला केवल एक व्यक्ति से संबंधित है?
नहीं, इस मामले में एक ही नाम से छह विभिन्न व्यक्तियों ने फर्जी नियुक्तियां की हैं।
इस मामले में अब क्या कार्रवाई की जाएगी?
इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और उचित कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले