ईसीएचएस के मेडिकल ऑफिसर और निजी अस्पताल के अधिकारी रिश्वत लेते हुए पकड़े गए
सारांश
Key Takeaways
- ईसीएचएस में तैनात एक मेडिकल ऑफिसर और एक निजी अस्पताल के अधिकारी को गिरफ्तार किया गया।
- इन पर मरीजों को अनुचित लाभ देने का आरोप है।
- सीबीआई ने जाल बिछाकर रिश्वत की रकम बरामद की।
- जांच अभी जारी है और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
नई दिल्ली, १६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के एक मामले में एक अहम कार्रवाई की है। सीबीआई ने एक्स-सर्विसमेन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ईसीएचएस) में तैनात एक मेडिकल ऑफिसर और एक निजी अस्पताल के अधिकारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि दोनों मिलकर निजी अस्पताल को अनुचित लाभ पहुँचाने के लिए मरीजों को वहाँ रेफर कर रहे थे और इसके बदले अवैध राशि प्राप्त कर रहे थे।
सीबीआई ने सोमवार को एक प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि इस मामले में १५ मार्च को केस दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में कुल पांच आरोपियों को नामित किया गया है, जिनमें ईसीएचएस का एक मेडिकल ऑफिसर, एक निजी कंपनी और उस कंपनी/निजी अस्पताल के तीन प्रतिनिधि शामिल हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि मेडिकल ऑफिसर ने निजी अस्पताल के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर ईसीएचएस के मरीजों को उस अस्पताल में भेजने की व्यवस्था की थी। इसके बदले अस्पताल से उन्हें रिश्वत दी जा रही थी।
इसके बाद, शिकायत के आधार पर सीबीआई ने जाल बिछाकर ट्रैप ऑपरेशन किया। इस दौरान निजी अस्पताल के प्रतिनिधि द्वारा मेडिकल ऑफिसर को दी जा रही ३ लाख रुपए की रिश्वत की रकम मौके से बरामद कर ली गई। एजेंसी ने दोनों आरोपियों को १५ मार्च को ही गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा, सीबीआई टीमों ने मामले से जुड़े विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की। नोएडा, एटा, फिरोजाबाद और फर्रुखाबाद में की गई तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद हुए हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है और बरामद दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ऐसी अवैध गतिविधियाँ कब से चल रही थीं और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे।