क्या सीबीआई ने ईएसआईसी के दो अधिकारियों को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा?
सारांश
मुख्य बातें
विजयवाड़ा, 26 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) विजयवाड़ा के दो अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रेवन्यू रिकवरी ऑफिसर (आरआरओ) और सोशल सिक्योरिटी ऑफिसर (एसएसओ) शामिल हैं। दोनों ने एक व्यक्ति से 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी।
सीबीआई के अनुसार, यह मामला 2020 का है। शिकायतकर्ता ने फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) के टेंडर में भाग लेने के लिए एक प्रोप्राइटरशिप फर्म स्थापित की थी और इसे ईएसआईसी में रजिस्टर कराया था। तकनीकी कारणों से एफसीआई ने उसकी फर्म को तीन साल के लिए डिबार कर दिया, जिससे वह कोई ठेका नहीं ले सका।
20 नवंबर 2025 को, दोनों ईएसआईसी अधिकारी शिकायतकर्ता के घर पहुंचे और उसे घर कुर्क करने का नोटिस सौंपा। उन्होंने कहा कि यदि 31 दिसंबर 2025 तक कुर्की और नीलामी की कार्रवाई रोकनी है, तो 50 हजार रुपये देने होंगे, जिसमें 30 हजार आरआरओ के लिए और 20 हजार एसएसओ के लिए मांगे गए।
शिकायत मिलते ही सीबीआई ने 25 नवंबर को मामला दर्ज किया और अगले दिन जाल बिछाया। जैसे ही सोशल सिक्योरिटी ऑफिसर को शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते देखा गया, सीबीआई की टीम ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद रेवन्यू रिकवरी ऑफिसर को भी गिरफ्तार किया गया।
दोनों को आज विजयवाड़ा में सीबीआई के विशेष न्यायालय में पेश किया जाएगा। आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी अभी जारी है। सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है। आम जनता को परेशान कर रिश्वत मांगने वालों पर अब कड़ी नजर रखी जा रही है।