नालंदा: स्वास्थ्य अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार, भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई

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नालंदा: स्वास्थ्य अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार, भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई

सारांश

भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए सतर्कता जांच ब्यूरो ने नालंदा में स्वास्थ्य अधिकारी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एक आशा कार्यकर्ता के जन्म प्रमाण पत्र में संशोधन से जुड़ी थी। जानें इस मामले के सभी प्रमुख पहलू।

Key Takeaways

  • सतर्कता जांच ब्यूरो की महत्वपूर्ण कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने का संकेत दिया है।
  • गिरफ्तारी से स्वास्थ्य प्रशासन में सनसनी फैली है।
  • नगरनौसा ब्लॉक में यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान को दर्शाती है।
  • आरोपी ने पहले 25,000 रुपए की मांग की थी, जो बाद में 10,000 रुपए पर तय हुई।
  • यह घटना एक जागरूकता का संकेत है कि स्थानीय प्रशासन में भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पटना, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भ्रष्टाचार के खिलाफ निरंतर प्रयास करते हुए सतर्कता जांच ब्यूरो (वीआईबी) ने गुरुवार को नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया। इस दौरान, वीआईबी ने रिश्वत लेने के आरोप में एक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को गिरफ्तार किया।

यह कार्रवाई नगरनौसा ब्लॉक में की गई, जहाँ एक आशा कार्यकर्ता के जन्म प्रमाण पत्र में संशोधन के लिए रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी।

शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सतर्कता अधिकारियों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइजर (बीसीएम) मनजीत कुमार को 10,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने नगरनौसा निवासी बॉबी कुमारी से पहले 25,000 रुपए की मांग की थी। बातचीत के बाद, रकम 10,000 रुपए पर तय हुई।

रिश्वत देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता ने सतर्कता विभाग से संपर्क किया, जिसके बाद जांच शुरू हुई और आरोपों की पुष्टि हुई।

इन निष्कर्षों के आधार पर, सतर्कता विभाग की टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही पैसे सौंपे गए, अधिकारी हरकत में आए और आरोपी को उसके घर से ही मौके पर गिरफ्तार कर लिया, जिससे क्षेत्र में हलचल मच गई।

पुलिस उपाधीक्षक श्रीराम चौधरी ने पुष्टि की कि शिकायत 23 फरवरी को दर्ज की गई थी और सत्यापन के बाद छापेमारी दल का गठन किया गया और ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

इस घटना ने स्वास्थ्य प्रशासन में सनसनी फैला दी है और बिहार में चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के बीच कर्मचारियों में डर का माहौल साफ तौर पर देखा जा रहा है।

यह उल्लेखनीय है कि यह नालंदा के नगरनौसा ब्लॉक में सतर्कता जांच ब्यूरो द्वारा एक सप्ताह के भीतर की गई दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जो क्षेत्र में चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का संकेत देती है।

इससे पहले, 20 मार्च को ब्लॉक कार्यालय में तैनात एक ब्लॉक पंचायती राज अधिकारी (बीपीआरओ) को भी 12,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था।

Point of View

NationPress
30/03/2026

Frequently Asked Questions

इस गिरफ्तारी का मुख्य कारण क्या था?
गिरफ्तारी का मुख्य कारण एक आशा कार्यकर्ता के जन्म प्रमाण पत्र में संशोधन के लिए रिश्वत मांगना था।
गिरफ्तार अधिकारी का नाम क्या है?
गिरफ्तार अधिकारी का नाम मनजीत कुमार है।
क्या इस मामले में पहले भी कोई कार्रवाई हुई थी?
हाँ, यह नालंदा के नगरनौसा ब्लॉक में एक सप्ताह में की गई दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
रिश्वत की राशि कितनी थी?
रिश्वत की राशि 10,000 रुपए थी।
इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई क्या होगी?
गिरफ्तार आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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