क्या बिहार में पंचायत सचिव ने जन्म प्रमाण पत्र के लिए 10,000 रुपए की रिश्वत मांगी?

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क्या बिहार में पंचायत सचिव ने जन्म प्रमाण पत्र के लिए 10,000 रुपए की रिश्वत मांगी?

सारांश

बिहार में पंचायत सचिव जितेंद्र प्रसाद को 10,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनका जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।

Key Takeaways

  • रिश्वतखोरी एक गंभीर अपराध है।
  • पंचायत सचिव ने रिश्वत मांगी थी।
  • स्पेशल विजिलेंस ने त्वरित कार्रवाई की।
  • जांच अभी जारी है।
  • भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

पटना, 30 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के स्पेशल विजिलेंस डिपार्टमेंट ने मंगलवार को आरा सदर ब्लॉक ऑफिस में जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के लिए 10,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए एक पंचायत सचिव को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

आरोपी की पहचान दौलतपुर पंचायत के पंचायत सचिव जितेंद्र प्रसाद के रूप में हुई है, जिसे ब्लॉक ऑफिस के अंदर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता, मोतिहारी जिले के पिपरा गांव के निवासी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि उनकी बेटी की शादी दरियापुर गांव में हुई है।

वह पिछले चार महीनों से अपनी सास का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आरा सदर ब्लॉक ऑफिस के चक्कर लगा रही थी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने और आवेदन पर ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर के साइन होने के बावजूद, सर्टिफिकेट जानबूझकर रोका जा रहा था।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पंचायत सचिव जितेंद्र प्रसाद ने शुरू में सर्टिफिकेट जारी करने के लिए 20,000 रुपए की मांग की, जिसे बार-बार रिक्वेस्ट करने पर बाद में घटाकर 10,000 रुपए कर दिया गया।

शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि पंचायत सचिव ने स्पष्ट किया था कि रिश्वत दिए बिना जन्म प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा, और वह प्रोसेस में देरी करता रहा।

बार-बार की मांगों से परेशान होकर, नवीन कुमार सिंह ने 29 दिसंबर को स्पेशल विजिलेंस डिपार्टमेंट में शिकायत की। जांच के बाद, आरोप सही पाए गए।

मंगलवार को, जब आरोपी ने रिश्वत के पैसे लिए और उन्हें टेबल के नीचे छिपाने की कोशिश की, तो विजिलेंस टीम ने उसे तुरंत रंगे हाथों पकड़ लिया।

इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए, स्पेशल विजिलेंस डिपार्टमेंट के डीएसपी चंद्र भूषण ने कहा, “जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के लिए गैरकानूनी रिश्वत की मांग के संबंध में एक शिकायत मिली थी। जांच के बाद कार्रवाई की गई और पंचायत सचिव को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।”

डीएसपी ने यह भी बताया कि आरोपी पंचायत सचिव ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर के निर्देशों पर काम कर रहा हो सकता है, और इस एंगल की अभी जांच चल रही है।

डीएसपी ने आगे कहा, “अगर इस मामले में कोई और शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

गिरफ्तार पंचायत सचिव शेखपुरा जिले के कुसुमा हाल्ट का रहने वाला है और पिछले तीन वर्षों से दौलतपुर पंचायत में तैनात है।

विजिलेंस की कार्रवाई से ब्लॉक ऑफिस में हड़कंप और बेचैनी फैल गई है, और मामले की आगे की जांच जारी है।

Point of View

NationPress
03/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या पंचायत सचिव को रिश्वत लेना अपराध है?
हाँ, पंचायत सचिव का रिश्वत लेना एक गंभीर अपराध है और इसे कानून के तहत दंडनीय माना जाता है।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी?
जांच के बाद यदि और भी लोग शामिल पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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