पुतिन ने UP तूफान में 89 मौतों पर जताया शोक, मुर्मू और मोदी को भेजा संवेदना संदेश

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पुतिन ने UP तूफान में 89 मौतों पर जताया शोक, मुर्मू और मोदी को भेजा संवेदना संदेश

सारांश

उत्तर प्रदेश में बुधवार की शाम आए भीषण तूफान ने 89 जिंदगियाँ लील लीं — प्रयागराज सबसे ज़्यादा प्रभावित। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने राष्ट्रपति मुर्मू और PM मोदी को संवेदना संदेश भेजा। CM योगी ने तत्काल राहत और हर तीन घंटे में रिपोर्ट के निर्देश दिए।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश में बुधवार शाम आए तूफान, ओलावृष्टि और बिजली गिरने से 89 लोगों की मौत , 53 घायल ।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और PM नरेंद्र मोदी को शोक संदेश भेजा।
प्रयागराज में सर्वाधिक 21 मौतें ; संत रविदास नगर में 14 , फतेहपुर में 11 ।
आपदा में 114 पशुओं की मृत्यु, 87 घरों को नुकसान — राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार।
CM योगी आदित्यनाथ ने हर तीन घंटे में स्थिति रिपोर्ट और तत्काल मुआवजे के निर्देश दिए।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार, 15 मई 2025 को उत्तर प्रदेश में बुधवार की शाम आए विनाशकारी आंधी-तूफान, भारी बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने से 89 लोगों की मौत और व्यापक तबाही पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक शोक संदेश भेजा। अधिकारियों के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में 53 लोग घायल भी हुए हैं।

पुतिन का शोक संदेश

राष्ट्रपति पुतिन ने अपने संदेश में लिखा, 'उत्तर प्रदेश में भारी बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने से हुई बड़ी जनहानि और व्यापक नुकसान पर मेरी गहरी संवेदनाएं स्वीकार करें। कृपया मेरी तरफ से उन परिवारों तक सहानुभूति और समर्थन पहुंचाएं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है, और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करें।' यह संदेश भारत-रूस के बीच कूटनीतिक संवेदनशीलता का प्रतीक माना जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम और जनहानि

प्रयागराज में सर्वाधिक 21 मौतें दर्ज की गई हैं। इसके बाद संत रविदास नगर में 14 और फतेहपुर में 11 लोगों की जान गई। बाराबंकी, बहराइच, कानपुर देहात, बस्ती, संभल, हरदोई और उन्नाव समेत कई अन्य जिलों से भी मौतों की खबरें सामने आई हैं। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार इस आपदा में 114 पशुओं की भी मृत्यु हुई है और 87 घरों को नुकसान पहुंचा है।

योगी सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा का तत्काल संज्ञान लेते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जान-माल, पशुधन और फसलों के नुकसान का सर्वे करने तथा शीघ्र मुआवजा वितरित करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों को हर तीन घंटे में स्थिति की रिपोर्ट भेजने का निर्देश भी जारी किया।

राहत कार्य और मुआवजा

राहत आयुक्त कार्यालय ने बताया कि वह लगातार जिला स्तर के अधिकारियों के संपर्क में है और आवश्यकता के अनुसार जिलों को वित्तीय सहायता जारी की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी ने यह भी निर्देश दिया कि मुआवजे और राहत कार्य की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से भी आम जनता तक पहुंचाई जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

आगे की स्थिति

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत में मानसून-पूर्व मौसमी उथल-पुथल का दौर जारी है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में हर वर्ष आंधी-तूफान और बिजली गिरने से बड़ी संख्या में जनहानि होती है। प्रशासन की ओर से राहत कार्य जारी है और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल घरेलू है — उत्तर प्रदेश में हर मानसून-पूर्व सीज़न में बिजली गिरने और तूफान से दर्जनों मौतें होती हैं, फिर भी पूर्व-चेतावनी तंत्र और ग्रामीण आश्रय ढाँचे की स्थिति कमज़ोर बनी हुई है। 89 मौतें महज एक आँकड़ा नहीं — यह उस प्रणालीगत विफलता का प्रमाण है जो हर साल दोहराई जाती है। राहत और मुआवजे की घोषणाएँ तात्कालिक राहत देती हैं, लेकिन दीर्घकालिक आपदा-रोधी बुनियादी ढाँचे में निवेश की माँग अनुत्तरित रहती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में तूफान से कितने लोगों की मौत हुई?
अधिकारियों के अनुसार बुधवार की शाम आए आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और बिजली गिरने से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कम से कम 89 लोगों की मौत हुई और 53 लोग घायल हुए। सर्वाधिक 21 मौतें प्रयागराज में दर्ज की गई हैं।
पुतिन ने किसे शोक संदेश भेजा और क्या लिखा?
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शोक संदेश भेजा। उन्होंने गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
किन जिलों में सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ?
प्रयागराज में 21, संत रविदास नगर में 14 और फतेहपुर में 11 मौतें हुईं। बाराबंकी, बहराइच, कानपुर देहात, बस्ती, संभल, हरदोई और उन्नाव से भी मौतों की खबरें आई हैं।
CM योगी आदित्यनाथ ने राहत के लिए क्या कदम उठाए?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने, जिला अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और हर तीन घंटे में स्थिति रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। जान-माल, पशुधन और फसलों के नुकसान का सर्वे कर शीघ्र मुआवजा देने का भी आदेश जारी किया गया।
इस आपदा में पशुधन और संपत्ति का कितना नुकसान हुआ?
राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार तूफान में 114 पशुओं की मौत हुई और 87 घरों को नुकसान पहुंचा। प्रभावित जिलों को आवश्यकतानुसार वित्तीय सहायता जारी की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले