पुतिन ने UP तूफान में 89 मौतों पर जताया शोक, मुर्मू और मोदी को भेजा संवेदना संदेश
सारांश
मुख्य बातें
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार, 15 मई 2025 को उत्तर प्रदेश में बुधवार की शाम आए विनाशकारी आंधी-तूफान, भारी बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने से 89 लोगों की मौत और व्यापक तबाही पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक शोक संदेश भेजा। अधिकारियों के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में 53 लोग घायल भी हुए हैं।
पुतिन का शोक संदेश
राष्ट्रपति पुतिन ने अपने संदेश में लिखा, 'उत्तर प्रदेश में भारी बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने से हुई बड़ी जनहानि और व्यापक नुकसान पर मेरी गहरी संवेदनाएं स्वीकार करें। कृपया मेरी तरफ से उन परिवारों तक सहानुभूति और समर्थन पहुंचाएं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है, और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना करें।' यह संदेश भारत-रूस के बीच कूटनीतिक संवेदनशीलता का प्रतीक माना जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम और जनहानि
प्रयागराज में सर्वाधिक 21 मौतें दर्ज की गई हैं। इसके बाद संत रविदास नगर में 14 और फतेहपुर में 11 लोगों की जान गई। बाराबंकी, बहराइच, कानपुर देहात, बस्ती, संभल, हरदोई और उन्नाव समेत कई अन्य जिलों से भी मौतों की खबरें सामने आई हैं। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार इस आपदा में 114 पशुओं की भी मृत्यु हुई है और 87 घरों को नुकसान पहुंचा है।
योगी सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा का तत्काल संज्ञान लेते हुए राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जान-माल, पशुधन और फसलों के नुकसान का सर्वे करने तथा शीघ्र मुआवजा वितरित करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों को हर तीन घंटे में स्थिति की रिपोर्ट भेजने का निर्देश भी जारी किया।
राहत कार्य और मुआवजा
राहत आयुक्त कार्यालय ने बताया कि वह लगातार जिला स्तर के अधिकारियों के संपर्क में है और आवश्यकता के अनुसार जिलों को वित्तीय सहायता जारी की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी ने यह भी निर्देश दिया कि मुआवजे और राहत कार्य की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से भी आम जनता तक पहुंचाई जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत में मानसून-पूर्व मौसमी उथल-पुथल का दौर जारी है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में हर वर्ष आंधी-तूफान और बिजली गिरने से बड़ी संख्या में जनहानि होती है। प्रशासन की ओर से राहत कार्य जारी है और मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।